गर्मी के मौसम में या दिनभर की भागदौड़ के बाद चेहरे की चमक अक्सर खो जाती है और त्वचा सुस्त नजर आने लगती है। ऐसी स्थिति में चेहरे को ताजगी और ठंडक देने के लिए लोग अक्सर आसान घरेलू नुस्खों की तलाश करते हैं। इन्हीं दिनों सोशल मीडिया पर हल्दी से बने बर्फ के टुकड़े यानी आइस क्यूब्स का घरेलू स्किनकेयर उपाय काफी पसंद किया जा रहा है। इसे तैयार करने की विधि बेहद सरल है। सामान्य पानी में थोड़ी सी हल्दी घोलकर उसे बर्फ की ट्रे में जमा दिया जाता है और फिर चेहरे पर हल्के हाथों से फिराया जाता है। बर्फ का यह ठंडा स्पर्श चेहरे को तुरंत राहत और ताजगी का अनुभव कराता है।
हल्दी की बात करें तो इसमें करक्यूमिन नामक एक प्रमुख सक्रिय घटक मौजूद होता है, जो अपने एंटीऑक्सीडेंट और सूजन रोधी गुणों के लिए वैज्ञानिक रूप से जाना जाता है। इसके बावजूद, सीधे तौर पर चेहरे पर हल्दी की बर्फ लगाने को मुंहासों, दाग-धब्बों, पिगमेंटेशन या बढ़ती उम्र के लक्षणों का कोई स्थायी या पक्का इलाज नहीं माना जा सकता। इसे केवल एक सामान्य घरेलू उपाय के रूप में देखना चाहिए।
क्या होते हैं हल्दी के आइस क्यूब्स और कैसे करते हैं काम?
हल्दी के बर्फ के टुकड़े असल में साफ पानी और हल्दी पाउडर के एक हल्के मिश्रण को फ्रीजर में जमाकर तैयार किए जाते हैं। आइस ट्रे की मदद से इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों का रूप दिया जाता है। इस उपाय का मुख्य उद्देश्य चेहरे की त्वचा को कुछ समय के लिए ठंडक, सुकून और तरोताजा एहसास पहुंचाना है। हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन तत्व कई तरह के शोधों में अपने एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए परखा गया है।
हालांकि, जब बात सीधे चेहरे पर इन क्यूब्स को लगाने की आती है, तो झुर्रियों, गहरी झांइयों या गंभीर मुंहासों को पूरी तरह ठीक करने के पक्ष में ठोस और पर्याप्त प्रमाण मौजूद नहीं हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति को इसे जादुई उपचार समझने के बजाय अपनी सामान्य स्किनकेयर दिनचर्या का एक बेहद साधारण और सामयिक उपाय ही मानना चाहिए।
हल्दी की बर्फ लगाने से त्वचा को क्या लाभ महसूस होते हैं?
बर्फ की ठंडक विशेष रूप से तपती गर्मी या तेज धूप से लौटने के बाद त्वचा की जलन और थकावट को कम करने में मदद करती है। जब कोई व्यक्ति सुबह सोकर उठता है या बाहर के प्रदूषण और धूप से घर लौटता है, तो ठंडा क्यूब त्वचा को तुरंत चुस्त और तरोताजा महसूस कराता है। ठंडे पानी या बर्फ के हल्के संपर्क से कई लोगों को अपनी त्वचा पर खिंचाव या कसाव जैसा अहसास भी होता है।
यह ध्यान रखना आवश्यक है कि कसाव और चमक का यह प्रभाव पूरी तरह अस्थायी होता है। इसे चेहरे की बनावट या रंगत में किसी स्थायी बदलाव की तरह नहीं देखा जा सकता। इस घरेलू उपाय की सबसे बड़ी खूबी इसकी सादगी है, क्योंकि इसे पहले से बनाकर फ्रिज में सुरक्षित रखा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें बहुत सारी अन्य चीजें मिलाने से बचना चाहिए, ताकि त्वचा में किसी तरह की असहजता या बेचैनी न हो।
घर पर कैसे तैयार करें हल्दी वाले बर्फ के टुकड़े?
इसे अपने घर पर बनाना बेहद आसान है। इसके लिए एक कप साफ पानी लें और उसमें लगभग एक चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर डालें। हल्दी को पानी में पूरी तरह चम्मच से मिला लें। यदि हल्दी पाउडर में कोई मोटे दाने या गांठें रह जाएं, तो इस तरल को छलनी की मदद से छान लेना बेहतर रहता है ताकि त्वचा पर खरोंच न लगे। इसके बाद इस साफ घोल को आइस क्यूब ट्रे में भरें और फ्रीजर में रख दें।
मिश्रण को जमने के लिए कुछ घंटों का समय लगता है, लेकिन इसे रातभर फ्रीजर में छोड़ देने से बर्फ के टुकड़े काफी मजबूत और ठोस बनते हैं। जब भी क्यूब्स निकालें, अपने हाथों को पहले अच्छी तरह धो लें। आइस ट्रे को ऊपर से ढक्कन या पन्नी से ढककर रखना चाहिए ताकि फ्रीजर में रखी अन्य खाद्य सामग्रियों की गंध या तत्व इस पर न लगें। कुछ लोग इसमें एलोवेरा जेल मिलाने की सोचते हैं, लेकिन ऐसा करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपकी त्वचा एलोवेरा को सहजता से स्वीकार करती है या नहीं। संवेदनशील त्वचा पर बिना जांचे नए तत्व नहीं लगाने चाहिए।
चेहरे पर आइस क्यूब्स का इस्तेमाल करने की सही विधि
हल्दी की बर्फ लगाने से पहले चेहरे को किसी सौम्य क्लींजर से धोकर साफ कर लें। बर्फ के टुकड़े को कभी भी सीधे अपनी नंगी त्वचा पर नहीं रगड़ना चाहिए। सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि क्यूब को किसी साफ, पतले सूती कपड़े या रुमाल में लपेट लें। इसके बाद इसे चेहरे के अलग-अलग हिस्सों पर बहुत हल्के दबाव के साथ थोड़ी देर तक गोल-गोल घुमाएं।
चेहरे के किसी एक ही स्थान पर बर्फ को ज्यादा देर तक टिकाए रखने या तेजी से रगड़ने की गलती न करें। जरूरत से ज्यादा देर तक बर्फ लगाने से त्वचा में लालिमा या जलन पैदा हो सकती है। मसाज पूरी करने के बाद चेहरे को तौलिये से थपथपाकर सुखाएं और अपनी त्वचा के अनुकूल मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं। यदि यह प्रक्रिया दिन के समय की गई है, तो बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाना बेहद जरूरी है।
किन परिस्थितियों में बरतनी चाहिए खास सावधानी?
यदि आपकी त्वचा पर पहले से कट, घाव, गंभीर जलन या अत्यधिक संवेदनशीलता की समस्या है, तो इस उपाय को आजमाने से पूरी तरह बचना चाहिए। जो लोग पहली बार इसे अपने चेहरे पर लगा रहे हैं, उन्हें पूरे चेहरे पर लगाने के बजाय पहले गाल या जबड़े के किसी छोटे से हिस्से पर पैच टेस्ट करना चाहिए। यदि लगाने के दौरान या बाद में किसी भी तरह की जलन, खुजली या लाल दाने नजर आएं, तो तुरंत चेहरा धो लें और इसका इस्तेमाल बंद कर दें।



















