जयपुर के जगतपुरा में ट्रैफिक सुधार की तैयारी, महल रोड के तीन चौराहे बनेंगे सिग्नल फ्रीभरतपुर में लंपी वायरस का प्रकोप, अस्सी फीसदी टीकाकरण के बावजूद तीन हजार से अधिक मामले आए सामनेचिकन-मटन के साथ रोटी की जगह बनाएं झारखंडी चावल का छिलका, दोगुना हो जाएगा जायकापार्टी चोरी के बाद राहुल गांधी का तीखा हमला, चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोपहोर्मुज में तनाव के बीच भारत में डटा है ईरानी नौसेना का जहाज, छह महीने से कोच्चि में रुका है IRIS लवनरैपर बादशाह के गाने पर चुनौती देने वाली हरियाणवी सिंगर सुदेश रोहिला को लॉरेंस गैंग के नाम से धमकीबहराइच की लालपरी ने रासायनिक यूरिया को किया किनारा, जैविक घनजीवामृत से बदल रही खेती की तस्वीरममता बनर्जी और कनिमोझी की सीक्रेट मीटिंग से INDIA गठबंधन में हलचल, क्या कांग्रेस को छोड़कर बनेगा थर्ड फ्रंट?लवकुमार ने छोड़ी सीए की पढ़ाई, स्कूल के मंच से बॉलीवुड और राजस्थानी सिनेमा तक तय किया सफरविविधता और फीचर्स से भरपूर विवलडी ब्राउज़र के ये 10 बेहतरीन ट्रिक्स
घर पर सूखे और कमजोर पड़े कड़ी पत्ते को कैसे बनाएं हरा-भरा और घना, जानिए विशेषज्ञ तरुण चोपड़ा के खास उपायट्रेंड्स
6 सित॰ 2026, 3:14 pm (12 दिन पहले)· 2

घर पर सूखे और कमजोर पड़े कड़ी पत्ते को कैसे बनाएं हरा-भरा और घना, जानिए विशेषज्ञ तरुण चोपड़ा के खास उपाय

यदि आपके कड़ी पत्ते के पौधे की पत्तियां पीली पड़ रही हैं या उसकी बढ़त थम गई है, तो सही देखभाल से इसे दोबारा हरा-भरा बनाया जा सकता है। बागवानी विशेषज्ञ तरुण चोपड़ा ने धूप, कटाई, सिंचाई और खाद प्रबंधन से जुड़े जरूरी सुझाव दिए हैं।

घर के बगीचे या बालकनी में लगा कड़ी पत्ते का पौधा रसोई की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ घर की सुंदरता भी बढ़ाता है। हालांकि कई बार देखने में आता है कि यह पौधा अचानक सूखने लगता है, इसकी पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं या इसकी बढ़त पूरी तरह रुक जाती है। ऐसी स्थिति में अक्सर लोग हड़बड़ाहट में पौधे में बहुत ज्यादा पानी डालने लगते हैं या उसमें भारी मात्रा में रासायनिक खाद मिला देते हैं। यह तरीका पौधे को बचाने के बजाय उसकी जड़ों को और अधिक नुकसान पहुंचाता है। कड़ी पत्ते के पौधे को स्वस्थ रखने के लिए बहुत ज्यादा मशक्कत की जरूरत नहीं होती, बल्कि केवल सही धूप, संतुलित नमी और समय पर कटाई-छंटाई का ध्यान रखना होता है।

धूप और तापमान का सही संतुलन बनाए रखें

कड़ी पत्ते के पौधे को पनपने के लिए पर्याप्त रोशनी की आवश्यकता होती है, लेकिन लगातार तेज और कड़क धूप में रखने से इसकी संवेदनशील पत्तियां जल सकती हैं। बागवानी विशेषज्ञ तरुण चोपड़ा का मानना है कि इस पौधे के विकास के लिए 15 से 35 डिग्री का तापमान सबसे उपयुक्त रहता है। अत्यधिक ठंड के मौसम में पौधे का विकास धीमा पड़ जाता है, जबकि कड़ाके की गर्मी और तेज धूप से पत्तियां झुलसकर बेजान हो जाती हैं।

ये भी पढ़ें

इसीलिए पौधे को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां उसे दिन भर में सुबह या शाम के समय केवल 2 से 3 घंटे की हल्की धूप मिले। दोपहर की बहुत तेज और झुलसाने वाली धूप से पौधे को बचाकर रखना बेहद जरूरी है, ताकि इसकी पत्तियां हरी और चमकदार बनी रहें।

सिंचाई का ध्यान रखें और ड्रेनेज होल की जांच करें

कड़ी पत्ते के पौधे को मिट्टी में हल्की नमी पसंद होती है, लेकिन गमले में पानी जमा रहना इसकी जड़ों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। जब मिट्टी में जरूरत से ज्यादा पानी ठहरता है, तो जड़ें सड़ने लगती हैं और पौधा धीरे-धीरे सूखकर खत्म होने लगता है। मिट्टी में नमी का संतुलन बनाए रखने के लिए उसमें कोकोपीट और वर्मी कंपोस्ट मिलाना एक बेहतरीन उपाय है। यह मिश्रण मिट्टी को हल्का बनाता है और अतिरिक्त पानी को निकलने में मदद करता है।

इसके साथ ही गमले के निचले हिस्से में एक ड्रेनेज होल यानी पानी निकासी का छेद होना बेहद आवश्यक है। खासकर बारिश के दिनों में इस बात का विशेष ध्यान रखें कि गमले में पानी का ठहराव न होने पाए, जिससे जड़ों का बचाव हो सके।

पौधे को घना और हरा-भरा बनाने के लिए ट्रिमिंग करें

यदि आपका कड़ी पत्ते का पौधा केवल ऊपर की ओर सीधा लंबा होता जा रहा है और उसमें साइड से नई शाखाएं नहीं निकल रही हैं, तो समय-समय पर ट्रिमिंग करना आवश्यक है। पौधे के ऊपरी हिस्से या टिप की कटाई करने से पौधे की केवल ऊपर बढ़ने की प्रवृत्ति रुकती है। इससे निचले हिस्से से नई-नई शाखाएं और टहनियां फूटने लगती हैं।

नियमित रूप से ऊपरी हिस्से को छांटने से पौधा धीरे-धीरे चौड़ाई में फैलने लगता है और कुछ ही समय में एक घना और खूबसूरत रूप ले लेता है।

खाद देने का सही समय और कीड़ों से बचाव के तरीके

पौधे के पोषण के लिए खाद देने का सही समय चुनना बहुत महत्वपूर्ण होता है। विशेषज्ञ तरुण चोपड़ा के अनुसार, फरवरी के महीने के बाद से लेकर नवंबर तक हर दो महीने के अंतराल पर पौधे में खाद डाली जा सकती है। नवंबर से लेकर फरवरी के बीच के ठंडे महीनों में पौधा अपनी सुप्तावस्था में होता है, इसलिए इस दौरान खाद देने से बचना चाहिए। इसके अलावा मिट्टी को फंगस से बचाने के लिए एंटी-फंगल पाउडर का उपयोग करने का सुझाव भी दिया जाता है।

यदि पौधे की पत्तियां सूख रही हों या उनकी ग्रोथ प्रभावित हो रही हो, तो पत्तियों और नई टहनियों को ध्यान से देखकर कीड़ों की जांच करें। चूंकि कड़ी पत्ते की पत्तियों का इस्तेमाल भोजन बनाने में किया जाता है, इसलिए इन पर किसी भी तरह के हानिकारक रासायनिक कीटनाशक का प्रयोग न करें। पानी में नीम का तेल मिलाकर पौधे पर छिड़काव करना एक सुरक्षित और असरदार प्राकृतिक उपाय है।

सवाल-जवाब

कड़ी पत्ते के पौधे के लिए सबसे उपयुक्त तापमान क्या है?
कड़ी पत्ते का पौधा 15 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच सबसे अच्छी तरह बढ़ता है।
पौधे को कितनी धूप की आवश्यकता होती है?
पौधे को सुबह या शाम के समय रोजाना 2 से 3 घंटे की हल्की धूप मिलनी चाहिए।
कड़ी पत्ते में खाद देने का सही समय क्या है?
फरवरी के बाद से नवंबर तक हर दो महीने के अंतराल पर खाद देना सही रहता है, जबकि सर्दियों में खाद नहीं देनी चाहिए।
पौधे को घना बनाने के लिए क्या करना चाहिए?
पौधे की ऊपरी टिप की समय-समय पर ट्रिमिंग या छंटाई करने से नीचे से नई शाखाएं निकलती हैं और पौधा घना बनता है।
कीड़ों से बचाने के लिए किस घरेलू उपाय का उपयोग करें?
कीड़ों से बचाव के लिए नीम के तेल को पानी में मिलाकर पत्तियों और टहनियों पर स्प्रे किया जा सकता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp