बारिश के मौसम में गर्मागर्म चाय के साथ पकौड़ों का आनंद लेना किसे पसंद नहीं है, लेकिन कई बार घर पर बनाए गए पकौड़े कुछ ही मिनटों में अपनी क्रिस्पीनेस खो देते हैं। कड़ाही से बाहर निकालते ही वे भले ही शानदार लगें, लेकिन थोड़ी देर में उनकी बाहरी परत नरम और पिलपिली होने लगती है। इस समस्या का सामना खासकर प्याज, आलू, पालक या गोभी के पकौड़े बनाते समय करना पड़ता है। आम तौर पर लोगों को यही लगता है कि यह सब सिर्फ बेसन के घोल की वजह से होता है, लेकिन इसके पीछे तेल के तापमान और सब्जियों की नमी की भी बड़ी भूमिका होती है।
बैटर में मिलाना होगा गर्म तेल
मशहूर शेफ पंकज भदौरिया के अनुसार, इस आम समस्या से निपटने के लिए एक बेहद आसान तरीका अपनाया जा सकता है। पकौड़ों के बैटर को तलने से ठीक पहले उसमें 1 से 2 चम्मच अच्छी तरह गर्म तेल मिलाना चाहिए। ऐसा करने से बैटर की बनावट हल्की हो जाती है और जब यह गर्म तेल में जाता है, तो बाहरी परत तेजी से सेट होकर बेहतरीन कुरकुरापन प्रदान करती है।
चावल के आटे का इस्तेमाल
केवल बेसन का उपयोग करने से पकौड़े जल्दी नरम पड़ सकते हैं। इस दिक्कत को दूर करने के लिए घोल में 2 से 3 चम्मच चावल का आटा शामिल करना एक बेहतरीन विकल्प है। चावल का आटा सब्जियों से निकलने वाली अतिरिक्त नमी को नियंत्रित करता है, जिससे पकौड़ों की आउटर लेयर ज्यादा खस्ता बनती है। अगर चावल का आटा उपलब्ध न हो, तो इसकी जगह थोड़ी सी बारीक सूजी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
घोल की कंसिस्टेंसी और सब्जियों की नमी
पकौड़ा बनाते समय बैटर की कंसिस्टेंसी का खास ध्यान रखना जरूरी है। यदि घोल बहुत पतला होगा, तो पकौड़े बहुत ज्यादा तेल सोख लेंगे, और अगर घोल अत्यधिक गाढ़ा होगा, तो वे अंदर से कच्चे और भारी लगेंगे। पानी हमेशा थोड़ा-थोड़ा करके ही मिलाना चाहिए ताकि बैटर सब्जियों पर सही से लिपट जाए। इसके अलावा, प्याज, पालक या अन्य सब्जियों में प्राकृतिक नमी होती है, इसलिए उन्हें धोने के बाद अच्छी तरह सुखाना आवश्यक है। प्याज में नमक मिलाने पर वह पानी छोड़ता है, इस बात का ध्यान भी बैटर में पानी डालते समय रखना चाहिए।
सही तापमान और तलने का तरीका
तेल का सही तापमान पकौड़ों की क्रिस्पीनेस तय करने में अहम भूमिका निभाता है। यदि तेल बहुत ठंडा होगा, तो पकौड़े तेल पी जाएंगे और नरम हो जाएंगे। वहीं, बहुत अधिक गर्म तेल में डालने से बाहर की परत जल्दी जल जाएगी और अंदर का हिस्सा कच्चा रह जाएगा। आलू या गोभी के पकौड़ों के लिए डबल फ्राई तकनीक का उपयोग करना भी फायदेमंद होता है। इन्हें पहले करीब 80 प्रतिशत तक तलकर निकाल लें और सर्व करने से ठीक पहले तेज आंच पर दोबारा फ्राई करें।
तलने के बाद रखें इन बातों का ध्यान
अक्सर लोग पकौड़े कड़ाही से निकालकर सीधे टिश्यू पेपर पर रख देते हैं और ऊपर से ढक देते हैं। ऐसा करने से अंदर की भाप बाहर नहीं निकल पाती और क्रिस्पी परत फिर से नरम हो जाती है। पकौड़ों को हमेशा किसी जालीदार रैक या खुली छलनी में रखना चाहिए ताकि चारों तरफ से हवा आसानी से आ-जा सके और उनका कुरकुरापन बरकरार रहे।























