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निफाड में आवारा कुत्तों के आतंक पर फूटा गुस्सा, बोरियों में भरकर सरकारी दफ्तर में छोड़े श्वानट्रेंड्स
19 सित॰ 2026, 6:14 pm (44 दिन पहले)· 2

निफाड में आवारा कुत्तों के आतंक पर फूटा गुस्सा, बोरियों में भरकर सरकारी दफ्तर में छोड़े श्वान

नासिक के निफाड में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों पर कार्रवाई न होने से नाराज लोगों ने नगर पंचायत दफ्तर में अनोखा प्रदर्शन किया और पकड़े गए कुत्तों को अधिकारी की मेज पर छोड़ दिया।

महाराष्ट्र के नासिक जिले अंतर्गत आने वाले निफाड में आवारा कुत्तों की समस्या से त्रस्त नागरिकों ने स्थानीय प्रशासन के खिलाफ बेहद अप्रत्याशित ढंग से अपना रोष प्रकट किया। क्षेत्र में लगातार हो रहे कुत्तों के हमलों से आजिज आ चुके स्थानीय निवासियों ने बोरियों में आवारा श्वान भरे और सीधे नगर पंचायत कार्यालय पहुंच गए। वहां उन्होंने जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी के कक्ष में घुसकर इन कुत्तों को सीधे उनकी मेज पर खुला छोड़ दिया, जिससे दफ्तर में हड़कंप मच गया और कुर्सी पर मौजूद अधिकारी असहज स्थिति में आ गए। सरकारी दफ्तर के भीतर हुए इस पूरे नाटकीय घटनाक्रम का वीडियो अब विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर तेजी से देखा जा रहा है।

लगातार शिकायतों के बाद भी कदम न उठाने का आरोप

निफाड इलाके में बीते कुछ दिनों के दौरान सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा कुत्तों द्वारा राहगीरों और आम जनता को निशाना बनाने के मामलों में तेजी दर्ज की गई थी। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र में बढ़ रहे इस खतरे को लेकर नगर पंचायत और संबंधित प्रशासनिक अमले को बारंबार लिखित व मौखिक शिकायतें दी थीं। इसके बावजूद आवारा श्वानों पर लगाम कसने अथवा उनकी नसबंदी व धरपकड़ को लेकर कोई ठोस जमीनी कदम नहीं उठाया गया। अधिकारियों की इसी कथित सुस्ती और उदासीन रवैये के विरोध में नागरिकों ने दफ्तर जाकर सीधे प्रदर्शन करने का रास्ता चुना।

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कुर्सी पर नोटों की माला पहनाकर दर्ज कराया विरोध

इस विरोध प्रदर्शन में स्थानीय लोगों के साथ शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता भी शामिल हुए। प्रदर्शन का नेतृत्व युवासेना के जिला प्रमुख विक्रम रंधवे ने किया। प्रदर्शनकारियों ने न केवल अधिकारी की कार्यप्रणाली के विरोध में कुत्तों को टेबल पर छोड़ा, बल्कि अधिकारी की कुर्सी पर नोटों की माला भी डाल दी। विक्रम रंधवे ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन क्षेत्र में हो रहे जानलेवा हमलों के प्रति पूरी तरह आंखें मूंदे बैठा है और आम जनता की सुरक्षा ताक पर है। उनका कहना था कि जब लोग भय के साये में जी रहे हैं, तब मुख्य अधिकारी केवल टेंडर से जुड़ी औपचारिक कागजी प्रक्रियाओं में उलझे हुए हैं।

त्योहारों से पहले ठोस समाधान की सख्त चेतावनी

कार्यालय में प्रदर्शन करने वाले लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम थमाया है। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि आगामी गणेशोत्सव और नवरात्रि पर्व शुरू होने से पूर्व नगर में आवारा कुत्तों के उचित प्रबंधन और नियंत्रण की पुख्ता व्यवस्था की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि त्योहारों से पहले प्रशासन ने इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो स्थानीय स्तर पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

सवाल-जवाब

यह घटना नासिक के किस इलाके में सामने आई है?
यह घटनाक्रम महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित निफाड की नगर पंचायत कार्यालय से सामने आया है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकारी दफ्तर में विरोध जताने के लिए क्या किया?
प्रदर्शनकारियों ने बोरियों में भरे आवारा कुत्तों को सीधे अधिकारी की मेज पर छोड़ दिया और उनकी कुर्सी को नोटों की माला पहनाई।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व किसने किया?
प्रदर्शन का नेतृत्व शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के युवासेना जिला प्रमुख विक्रम रंधवे ने स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर किया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर क्या मुख्य आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि आवारा कुत्तों के जानलेवा हमलों की उपेक्षा की जा रही है और मुख्य अधिकारी केवल टेंडर प्रक्रियाओं में व्यस्त हैं।
प्रदर्शनकारियों ने किस समय-सीमा के भीतर कार्रवाई की मांग की है?
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को गणेशोत्सव और नवरात्रि पर्व शुरू होने से पहले सभी आवारा कुत्तों के उचित प्रबंधन की चेतावनी दी है।
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