गुजरात के अहमदाबाद स्थित निरमा यूनिवर्सिटी के एक कैंपस फेस्ट के दौरान शिक्षकों और छात्रों के बीच भारी विवाद खड़ा हो गया। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन विभाग के प्रमुख प्रोफेसर डॉ हिमांशु के पटेल (एचके पटेल) पर आरोप है कि उन्होंने सैकड़ों विद्यार्थियों के सामने एक युवक को मंच पर बुलाकर उसका कॉलर पकड़ लिया। इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग इंटरनेट पर प्रसारित होने के बाद संस्थान के भीतर माहौल तनावपूर्ण हो गया है और छात्र संगठन ने कड़े विरोध की तैयारी शुरू कर दी है।
मंच से संबोधन के दौरान छात्र की फब्ती
यह घटनाक्रम 18 से 20 सितंबर तक आयोजित किए गए तीन दिवसीय तकनीकी उत्सव टेक्नोफोरा 2026 के समय सामने आया। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन विभाग के विद्यार्थियों द्वारा संचालित इस उत्सव में स्टैंड-अप कॉमेडियन रजत सूद की प्रस्तुति भी रखी गई थी। एक सत्र के दौरान जब विभाग प्रमुख डॉ हिमांशु के पटेल माइक थामकर हॉल में मौजूद लोगों को संबोधित कर रहे थे, तभी दर्शक दीर्घा में बैठे एक छात्र ने फिल्म गोलमाल 3 का एक मशहूर संवाद तेज आवाज में दोहरा दिया, जिसमें सुबह पनवेल निकलने की बात कही गई थी।
मंच पर बुलाकर दी संस्थान से निकालने की चेतावनी
हॉल में इस तरह का मजाक सुनकर शिक्षक बेहद नाराज हो गए। उन्होंने तुरंत उस युवक की ओर इशारा किया और उसे मंच पर आने का निर्देश दिया। युवक जैसे ही पोडियम के निकट पहुंचा, प्रोफेसर ने उससे सवाल किया कि उसने क्या कहा था। इसके फौरन बाद उन्होंने युवक का कॉलर पकड़ लिया और उसे झकझोरते हुए कड़ी चेतावनी दे डाली। वहां मौजूद लोगों के सामने प्रोफेसर ने साफ शब्दों में कहा कि वह किसी भी सीमा तक कदम उठा सकते हैं। उन्होंने छात्र को धमकाया कि अगर भविष्य में परिसर के किसी भी संकाय सदस्य का अनादर किया गया, तो उसे स्थायी रूप से विश्वविद्यालय से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।
छात्रों में हैरानी और वीडियो का तेजी से प्रसार
सैकड़ों साथियों और फोन कैमरों के सामने अचानक हुए इस बर्ताव से सभागार में मौजूद तमाम छात्र हक्के-बक्के रह गए। कार्यक्रम के दौरान रिकॉर्ड किया गया यह क्लिप कुछ ही समय बाद विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर फैल गया। फुटेज में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि किस तरह एक वरिष्ठ शिक्षाविद मंच पर खुलेआम छात्र के साथ शारीरिक जोर-जबरदस्ती कर रहे हैं और उसे निष्कासन की धमकी दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा जगत और अभिभावकों के बीच भी शिक्षक के आचरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
एनएसयूआई का कड़ा रुख और जांच की मांग
मामले के तूल पकड़ते ही कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) सक्रिय हो गई। संगठन के प्रतिनिधि वेदांतसिंह तोमर ने संबंधित प्राध्यापक से संवाद साधा। तोमर के अनुसार, बातचीत के दौरान प्रोफेसर ने अपने आचरण को उचित ठहराते हुए इसे संस्थान का निजी मसला बताया और किसी भी प्रकार की गलती मानने से इनकार कर दिया। वहीं सार्वजनिक तौर पर उन्होंने इस प्रकरण पर कोई भी टिप्पणी देने से साफ मना कर दिया है। छात्र संगठन ने इस दुर्व्यवहार को अक्षम्य करार देते हुए निरमा यूनिवर्सिटी प्रशासन से निष्पक्ष पड़ताल कराने और दोषी शिक्षक पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। संगठन ने चेताया है कि यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए तो परिसर में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।



















