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फ्लैट का किराया नहीं मिला, मकान मालकिन ने मूलांक का हवाला देकर किया इनकारट्रेंड्स
9 जुल॰ 2026, 11:07 pm (27 दिन पहले)· 1

फ्लैट का किराया नहीं मिला, मकान मालकिन ने मूलांक का हवाला देकर किया इनकार

मुंबई में एक मकान मालकिन ने किरायेदार को फ्लैट देने से मना कर दिया क्योंकि उसके मूलांक फ्लैट के नंबर से मेल नहीं खा रहे थे। सोशल मीडिया पर वायरल हुई यह घटना चर्चा का विषय बन गई है।

मुंबई जैसे महानगरों में किराये का मकान ढूंढना एक कठिन प्रक्रिया मानी जाती है। आमतौर पर मकान मालिक किरायेदार से उनकी नौकरी, आय, परिवार और पहचान संबंधी दस्तावेजों की मांग करते हैं, लेकिन हाल ही में सामने आई एक घटना ने सबको चौंका दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के जरिए यह बात सामने आई कि एक महिला को फ्लैट का किराया मिलने के बजाय अंक ज्योतिष के आधार पर अस्वीकृति का सामना करना पड़ा। मकान मालकिन ने महिला से मोबाइल नंबर या आईडी कार्ड मांगने के बजाय उसका मूलांक पूछ लिया और जब वह घर के मूलांक से मेल नहीं खाया, तो उन्होंने फ्लैट देने से साफ मना कर दिया।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

यह पूरा वाकया तब सार्वजनिक हुआ जब वाग्मिता सिंह नाम की एक कलाकार और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने बताया कि उनकी एक परिचित फ्लैट देखने गई थी। वहां मकान मालकिन ने उनसे पूछा, तुम्हारा नंबर क्या है? शुरुआत में महिला को लगा कि उनसे उनका फोन नंबर मांगा जा रहा है, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि मकान मालकिन असल में उनके जन्म की तारीख से निकलने वाले मूलांक के बारे में पूछ रही थीं।

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अंक ज्योतिष और फ्लैट का तालमेल

वीडियो की जानकारी के अनुसार, मकान मालकिन ने महिला की जन्म तिथि का गणित लगाकर उनका मूलांक निकाला। इसके बाद मकान मालकिन ने स्पष्ट किया कि उस फ्लैट का संबंध मूलांक 4 से है, जबकि किरायेदार बनने वाली महिला का मूलांक 7 है। मकान मालकिन का तर्क था कि अंक ज्योतिष के नजरिए से ये दोनों अंक एक दूसरे के साथ तालमेल नहीं बिठाते हैं, इसलिए वह इस फ्लैट को किराये पर नहीं दे सकतीं। इस अजीबोगरीब कारण ने सोशल मीडिया पर लोगों को हैरान कर दिया है।

इंटरनेट पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

इस घटना के वायरल होने के बाद हजारों सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी राय रखी है। कई लोगों ने इस पर मजाक उड़ाते हुए कहा कि अंक 4 और 7 का मेल वास्तव में शुभ माना जाता है, इसलिए मकान मालकिन ने एक अच्छा किरायेदार खो दिया है। वहीं, कुछ लोगों ने अंक ज्योतिष का समर्थन करते हुए इसे एक निजी विश्वास का मामला बताया। हालांकि, बड़ी संख्या में लोगों ने इस तरह के फैसलों की आलोचना करते हुए कहा कि एक घर किराये पर देने के लिए तार्किक आधार होने चाहिए, न कि अंधविश्वास या व्यक्तिगत मान्यताएं।

पुराने अनुभवों का सिलसिला

इस वायरल पोस्ट के बाद कई अन्य यूजर्स ने भी अपने अजीब अनुभव साझा किए। एक यूजर ने जिक्र किया कि वह एक ऐसे मकान मालिक से मिल चुके हैं जो शुभ समय के प्रति इतने सख्त थे कि वे निर्धारित समय से एक मिनट पहले या बाद में किसी से बात तक नहीं करते थे। इन अनुभवों ने इंटरनेट पर इस चर्चा को और हवा दे दी है कि घर के मालिकों की निजी शर्तें कभी-कभी कितनी अजीब हो सकती हैं।

क्या यह एक आम प्रवृत्ति है?

महत्वपूर्ण बात यह है कि यह वाकया एक सोशल मीडिया पोस्ट तक ही सीमित है और इसे पूरे समाज की वास्तविकता नहीं माना जाना चाहिए। अधिकांश मकान मालिक अभी भी किरायेदारों को चुनते समय उनकी भुगतान करने की क्षमता, पेशे और पारिवारिक पृष्ठभूमि जैसे व्यावहारिक पहलुओं पर ही ध्यान केंद्रित करते हैं। मूलांक या अंक ज्योतिष के आधार पर निर्णय लेना कोई मानक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह कुछ व्यक्तियों की निजी आस्था से जुड़ा एक अलग मामला है।

चर्चा का केंद्र क्यों बनी यह घटना?

आज के दौर में किराये के घरों के लिए पहले ही मकान मालिकों द्वारा कई तरह की शर्तें रखी जाती हैं। जब मूलांक जैसी अपारंपरिक शर्त सामने आई, तो लोगों को यह काफी विचित्र लगा। इसी कारण यह विषय इंटरनेट पर तेजी से फैल गया और हर कोई अपनी व्यक्तिगत मान्यताओं के आधार पर इस पर बहस कर रहा है।

सवाल-जवाब

क्या मकान मालकिन ने वाकई मूलांक के कारण फ्लैट देने से मना किया?
हाँ, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार मकान मालकिन ने महिला के मूलांक और फ्लैट के नंबर का मेल न बैठने के कारण फ्लैट देने से इनकार कर दिया था।
यह घटना कहां की है?
वीडियो के अनुसार यह घटना मुंबई की है।
किरायेदार का मूलांक क्या था?
वायरल जानकारी के अनुसार महिला का मूलांक 7 था, जबकि फ्लैट का मूलांक 4 था।
क्या सभी मकान मालिक ऐसी शर्तें रखते हैं?
नहीं, यह एक निजी मामला है और ज्यादातर मकान मालिक नौकरी, पहचान पत्र और आय जैसे व्यावहारिक पहलुओं के आधार पर निर्णय लेते हैं।
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