फिल्म उद्योग में सक्रिय कलाकारों की दिनचर्या में कैमरे और ऑनलाइन मंचों की मौजूदगी लगातार बनी रहती है। अक्सर देखने में आता है कि किसी कलाकार की नई फिल्म, अभिनय या अन्य पेशेवर उपलब्धियों को पीछे छोड़ते हुए ध्यान उनके परिधान, चेहरे और शारीरिक बनावट की ओर मोड़ दिया जाता है। विशेष रूप से महिला कलाकारों के शारीरिक वजन में हल्का सा भी फेरबदल दर्ज होते ही डिजिटल मंचों पर अनावश्यक टिप्पणियों का तांता लग जाता है। प्रसव के पश्चात महिलाओं के शरीर में होने वाले प्राकृतिक रूपांतरण भी इस तरह के व्यवहार से सुरक्षित नहीं रहे हैं। हालिया घटनाओं से स्पष्ट होता है कि मातृत्व के बाद होने वाले सामान्य जैविक परिवर्तनों को भी इंटरनेट पर अनावश्यक आलोचना का विषय बना दिया जाता है।
गणेश चतुर्थी समारोह के बाद कैटरीना कैफ पर की गई अनुचित टिप्पणियां
हाल के दिनों में मातृत्व की जिम्मेदारी संभालने वाली कैटरीना कैफ को भी इसी तरह के अप्रिय अनुभवों से गुजरना पड़ा। सितंबर 2026 के दौरान अंबानी परिवार की ओर से आयोजित गणेश चतुर्थी के पावन उत्सव में वह अपने पति विक्की कौशल के साथ सम्मिलित हुई थीं। इस धार्मिक आयोजन से उनकी विभिन्न तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित हुए। इन दृश्यों के सार्वजनिक होते ही डिजिटल मंचों के एक वर्ग ने उनके प्रसव उपरांत स्वरूप और शारीरिक भार को केंद्र में रखकर अनुचित बातें लिखनी शुरू कर दीं। कुछ लोगों ने उनके वर्तमान रूप की तुलना उनके पहले के वर्षों के रूप से करनी शुरू की, जबकि कई अन्य ने उनकी आयु को लेकर भी कटाक्ष किए। एक संदेश में तो यहां तक प्रश्न खड़ा कर दिया गया कि क्या वह मातृत्व के उपरांत अपनी सेहत और रूप-रंग की उचित देखरेख नहीं कर रही हैं। इस अनुचित व्यवहार को देखते हुए अनेक संवेदनशील इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने उनका समर्थन किया और रेखांकित किया कि प्रसव के पश्चात महिला के शरीर में इस प्रकार के बदलाव आना पूरी तरह से स्वाभाविक और जैविक प्रक्रिया है।
फिल्म स्क्रीनिंग पर पत्रलेखा के रूप-रंग को लेकर उठा विवाद
कैटरीना कैफ से पूर्व अभिनेत्री पत्रलेखा को भी मातृत्व सुख प्राप्त करने के उपरांत इस प्रकार की शारीरिक टिप्पणियों का आघात सहना पड़ा था। राजकुमार राव और पत्रलेखा के घर में नवंबर 2025 में एक नन्हीं बेटी का आगमन हुआ था। इसके कुछ समय बाद, अप्रैल 2026 में आयोजित फिल्म ‘टोस्टर’ की विशेष स्क्रीनिंग के अवसर पर पत्रलेखा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं। इन दृश्यों के वायरल होने के बाद कुछ छायाकार मंचों और ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं ने उनके बढ़े हुए वजन तथा स्वरूप को लेकर बेहद अमर्यादित टिप्पणियां दर्ज कीं।
इस प्रकार की नकारात्मकता का स्वयं संज्ञान लेते हुए पत्रलेखा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल के स्टोरी अनुभाग में एक स्पष्ट संदेश साझा किया। उन्होंने जनता को अवगत कराया कि उन्होंने कुछ ही समय पहले एक शिशु को जन्म दिया है और प्रसव के पश्चात उनका वजन बढ़ना एक प्राकृतिक घटना है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि उनका शरीर मातृत्व के चरण पर इसी प्रकार जैविक प्रतिक्रिया दे रहा है। इसके साथ ही उन्होंने डिजिटल दुनिया के लोगों से आग्रह किया कि वे महिलाओं के प्रति थोड़ा मानवीय और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएं।
करीना कपूर को भी झेलनी पड़ी है आयु और शारीरिक गठन पर टीका-टिप्पणी
करीना कपूर भी उन प्रमुख अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं, जिन्हें लंबे समय से अपने शारीरिक गठन और बढ़ती उम्र को लेकर डिजिटल मंचों पर लक्षित किया जाता रहा है। करीना दो बालकों की माता हैं। वर्ष 2025 में उन्होंने सार्वजनिक मंच पर साझा किया था कि जब उनके दूसरे पुत्र जेह का जन्म हुआ था, तब उनका शारीरिक वजन लगभग 25 किलोग्राम तक बढ़ गया था। उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि उस दौर में उन पर प्रसव से पूर्व के पुराने शारीरिक आकार में शीघ्र लौटने का गहरा मानसिक दबाव बना रहता था।
करीना कपूर के मामले में यह नकारात्मकता केवल वजन में वृद्धि तक सीमित नहीं रही है। वर्ष 2019 में साझा की गई उनकी एक तस्वीर पर कुछ उपयोगकर्ताओं ने उन्हें ‘आंटी’ और ‘ओल्ड’ कहकर संबोधित किया था। इसके विपरीत, एक अन्य दौर में जब उनका शरीर अत्यधिक छरहरा दिखाई दिया था, तब उन्हें ‘स्केलेटन’ कहा गया और पर्याप्त भोजन करने की हिदायतें दी जाने लगीं। इससे यह स्पष्ट होता है कि वजन कम हो अथवा अधिक, इंटरनेट पर महिलाओं के शरीर को हर हाल में आलोचना की कसौटी पर परखा जाता रहा है।
वर्ष 2022 में भी इसी प्रकार का एक वाकया सामने आया था, जब करीना और उनकी करीबी सहेली अमृता अरोड़ा की एक संयुक्त तस्वीर पर लोगों ने उनकी आयु तथा शारीरिक बनावट को लेकर उपहास उड़ाया। उस समय एक टिप्पणीकार ने उन्हें ‘बुड्ढी’ शब्द से संबोधित किया था। इस पर करीना ने कड़ा एतराज जताते हुए सवाल पूछा था कि क्या इस प्रकार के शब्दों का इस्तेमाल किसी व्यक्ति को अपमानित करने के लिए किया जाना सर्वथा उचित है। उसी समय अमृता अरोड़ा ने भी अपने बढ़े हुए वजन पर बोलने वालों को दो टूक जवाब देते हुए कहा था कि उनका शारीरिक वजन उनका व्यक्तिगत मामला है और हर किसी को इसे सार्वजनिक बहस का मुद्दा बनाने का कोई अधिकार नहीं है।
महिलाओं के रूप-रंग को लेकर समाज का दोहरा पैमाना
इन तमाम प्रकरणों से समाज की एक अत्यंत विरोधाभासी मानसिकता खुलकर सामने आती है कि महिलाओं के शारीरिक स्वरूप को लेकर किस प्रकार के अवास्तविक मानक तय किए जाते हैं। यदि किसी महिला का वजन बढ़ जाए तो सवाल दागे जाते हैं, यदि वजन घट जाए तो भी संदेह व्यक्त किया जाता है, और यदि उम्र का प्रभाव झलके तो अमर्यादित टिप्पणियां शुरू हो जाती हैं। विशेष रूप से एक नए जीवन को जन्म देने के तुरंत बाद महिलाओं से यह उम्मीद बांध लेना कि वे तत्काल अपने पुराने स्वरूप में लौट आएं, उन पर गंभीर मानसिक और भावनात्मक दबाव पैदा करता है।
यह सत्य है कि जाने-माने कलाकार सार्वजनिक जीवन व्यतीत करते हैं, परंतु इसका कतई यह अर्थ नहीं निकाला जा सकता कि उनके शरीर में आने वाले हर प्राकृतिक बदलाव पर आम जनता द्वारा अनचाही राय दी जाए। कैटरीना, पत्रलेखा और करीना के उदाहरण यह भली-भांति समझाते हैं कि इंटरनेट पर किसी के रूप-रंग को लेकर कही गई छोटी सी बात भी व्यापक स्तर पर बॉडी शेमिंग और उम्र संबंधी पूर्वाग्रहों की अनैतिक बहस का रूप ले लेती है।


















