व्रत के दिनों में अक्सर एक ही तरह का खाना खाकर बोरियत महसूस होने लगती है, ऐसे में कुछ नया और स्वादिष्ट ट्राई करना बहुत जरूरी हो जाता है। अगर आप भी साबूदाना खाकर पक चुके हैं, तो इस बार सिंघाड़े के आटे से तैयार होने वाले कुरकुरे पकौड़ों की रेसिपी आजमा सकते हैं। शाम की चाय के साथ कुछ तीखा और कुरकुरा खाने की इच्छा हो, तो यह व्रत के अनुकूल स्नैक बेहद काम आता है। सिंघाड़े के आटे का इस्तेमाल आमतौर पर उपवास के दौरान किया जाता है और इससे कई प्रकार की स्वादिष्ट चीजें बनाई जा सकती हैं। यदि घर में पहले से उबले हुए आलू रखे हों, तो इस नाश्ते को तैयार करना और भी ज्यादा आसान हो जाता है।
आवश्यक सामग्री की सूची
इस लजीज रेसिपी को बनाने के लिए आपको कुछ चुनिंदा चीजों की जरूरत होगी जो व्रत में आसानी से मिल जाती हैं। इसके मुख्य घटकों में सिंघाड़े का आटा, 2 उबले हुए आलू जिन्हें अच्छी तरह मैश कर लिया गया हो, 2 से 3 बारीक कटी हुई हरी मिर्च और 1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ अदरक शामिल है। इसके अलावा स्वाद को और ज्यादा बढ़ाने के लिए 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हुआ हरा धनिया, 1/2 छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर और स्वादानुसार सेंधा नमक की आवश्यकता पड़ती है। पकौड़ों को तलने के लिए घी या उपयुक्त तेल का इस्तेमाल किया जाता है।
घोल तैयार करने की विधि
पकौड़े बनाने की प्रक्रिया की शुरुआत एक बड़े बर्तन से होती है, जिसमें सबसे पहले सिंघाड़े का आटा डाला जाता है। अब इस आटे में मैश किए हुए उबले आलू, कटी हुई हरी मिर्च, कसा हुआ अदरक, हरा धनिया, सेंधा नमक, काली मिर्च पाउडर और भुना जीरा पाउडर मिलाया जाता है। इन सभी सामग्रियों को हाथों या चम्मच की मदद से अच्छी तरह मिला लें ताकि मसालों का स्वाद हर हिस्से में समान रूप से आ जाए। इसके बाद इस मिश्रण में थोड़ा-थोड़ा करके पानी मिलाया जाता है और एक गाढ़ा घोल तैयार किया जाता है। इस बात का खास ख्याल रखना पड़ता है कि घोल बहुत ज्यादा पतला न हो जाए, क्योंकि अधिक पतला होने पर पकौड़ों को सही आकार देना और उन्हें बाहर से क्रिस्पी बनाना मुश्किल हो जाता है।
तलने की सही प्रक्रिया और परोसने का तरीका
घोल तैयार होने के बाद एक कढ़ाई में तेल या देसी घी डालकर मध्यम आंच पर गर्म किया जाता है। जब घी अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब चम्मच या हाथों की मदद से थोड़ा-थोड़ा मिश्रण कढ़ाई में छोड़ा जाता है। इन पकौड़ों को हमेशा मध्यम आंच पर ही पकाना चाहिए ताकि ये बाहर से जलें नहीं और अंदर तक अच्छी तरह सिक जाएं। कड़ाही में डालते समय इन्हें बीच-बीच में पलटते रहना चाहिए ताकि चारों तरफ से इनका रंग सुनहरा और कुरकुरा हो जाए। पकौड़ों के सिक जाने के बाद उन्हें कढ़ाई से निकालकर टिश्यू पेपर पर रखा जाता है, जिससे उनका अतिरिक्त तेल बाहर निकल सके।
इन सिंघाड़े के आटे के गर्मागर्म पकौड़ों को व्रत वाली हरी धनिया और पुदीने की चटनी के साथ परोसा जाता है, जो इसके स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है। इन्हें शाम की चाय के साथ भी बड़े चाव से खाया जा सकता है। उपवास रखने वाले लोगों को हमेशा यह सलाह दी जाती है कि वे अपनी सामग्री चुनते वक्त अपने पारिवारिक और क्षेत्रीय व्रत के नियमों का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि अलग-अलग स्थानों पर खानपान की परंपराएं भिन्न हो सकती हैं।



















