अमेरिकी संसद के मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी के शानदार प्रदर्शन ने दुनिया भर के वित्तीय बाजारों, विशेषकर टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में भारी उथल-पुथल मचा दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अगुवाई वाली रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद एशियाई और अमेरिकी बाजारों में टेक केंद्रित शेयरों में तेज बिकवाली दर्ज की गई। इस चुनावी उलटफेर से सबसे ज्यादा नुकसान उन कंपनियों को झेलना पड़ा है जो चिप निर्माण, उन्नत कंप्यूटिंग हार्डवेयर और बड़े डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से सीधे जुड़ी हुई हैं। दक्षिण कोरियाई बेंचमार्क इंडेक्स कोस्पी में लगभग 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि जापान का प्रमुख शेयर सूचकांक निक्केई करीब 5 फीसदी तक टूट गया।
बाजार के जानकारों के अनुसार इस व्यापक बिकवाली के पीछे मुख्य कारण नई नीतिगत दिशा को लेकर निवेशकों की चिंताएं हैं। अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट्स की स्थिति मजबूत होने के बाद अब यह संभावना बढ़ गई है कि नई AI परियोजनाओं, बिजली की खपत और डेटा सेंटर के पर्यावरण पर असर को लेकर अधिक गहन जांच और सख्त नियम लागू किए जा सकते हैं। इस संभावित सख्ती से नए बुनियादी ढांचे के निर्माण में देरी हो सकती है, जिससे टेक कंपनियों की पूंजीगत लागत तेजी से बढ़ने का अंदेशा है। टेक्सास जैसे प्रमुख राज्यों में डेमोक्रेट्स की जीत ने इस चिंता को और हवा दी है, हालांकि यह दबाव चुनिंदा हार्डवेयर और चिप कंपनियों पर ज्यादा है जबकि कुछ अन्य दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनियों पर इसका मिला-जुला असर पड़ा है।
एशियाई चिप निर्माताओं और हार्डवेयर कंपनियों पर भारी दबाव
अमेरिकी चुनाव नतीजों का त्वरित प्रभाव एशियाई सेमीकंडक्टर बाजार पर साफ नजर आया। दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली के चलते कोस्पी इंडेक्स में 4 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। दुनिया की प्रमुख मेमोरी चिप निर्माता कंपनियों सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK Hynix के शेयरों में 5 फीसदी से अधिक की तेज गिरावट देखने को मिली। ये दोनों दिग्गज कंपनियां वैश्विक AI बुनियादी ढांचे की भारी मांग के चलते लगातार लाभ कमा रही थीं, लेकिन आगामी परियोजनाओं में देरी की आशंका ने इनके कारोबारी परिदृश्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जापान का निक्केई 225 सूचकांक भी बिकवाली के दबाव में करीब 5 फीसदी तक फिसल गया, जबकि ताइवान का प्रमुख शेयर इंडेक्स TAIEX 3.4 फीसदी नीचे आ गया। अमेरिकी बाजार में भी शुरुआती कारोबार से पहले ही कमजोरी के स्पष्ट संकेत मिल रहे थे। टेक कंपनियों के प्रभुत्व वाले Nasdaq 100 फ्यूचर्स में गिरावट ने वैश्विक निवेशकों की घबराहट को और बढ़ा दिया। दुनिया की सबसे मूल्यवान AI चिप निर्माता कंपनी Nvidia के शेयर भी ओवरनाइट कारोबार के दौरान निरंतर दबाव में बने रहे, जिससे पूरे हार्डवेयर सप्लाई चेन को लेकर अनिश्चितता का माहौल बन गया।
टेक्सास का सत्ता परिवर्तन और डेटा सेंटर विस्तार पर खतरे के बादल
इस पूरे चुनाव परिणाम में AI कंपनियों के लिए सबसे बड़ा रणनीतिक झटका टेक्सास के गवर्नर पद के नतीजों से लगा है। वहां डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार जीना हिनोजोसा ने मौजूदा रिपब्लिकन गवर्नर ग्रेग एबॉट को चुनावी मुकाबले में पराजित कर दिया। चुनावी अभियान के दौरान ही हिनोजोसा ने राज्य में बनने वाले नए डेटा सेंटरों पर तत्काल रोक लगाने की वकालत की थी। वेल्स फार्गो के अनुमान के अनुसार, पूरे अमेरिका में प्रस्तावित डेटा सेंटर क्षमता का लगभग 27 फीसदी हिस्सा अकेले टेक्सास में स्थापित होना है। ऐसे में टेक्सास में नए प्रोजेक्ट्स पर पाबंदी लगने या अत्यधिक कड़े विनियामक नियम लागू होने से तकनीकी कंपनियों की भविष्य की विस्तार योजनाओं को बड़ा झटका लगना तय माना जा रहा है।
यॉर्कविल आइव्स के विश्लेषक डैन आइव्स के मुताबिक, डेमोक्रेट्स के सत्ता में मजबूत होने से टेक कंपनियों को अगले दो वर्षों में कड़े कानूनों और नियामक बाधाओं का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि टेक्सास के नतीजे AI क्षेत्र के कारोबारी मॉडल के लिए इस समय सबसे गंभीर चिंता का विषय बनकर उभरे हैं, क्योंकि टेक कंपनियां बड़े पैमाने पर वहां अनुकूल माहौल का लाभ उठाने की योजना बना रही थीं।
एलन मस्क की कंपनियों और अन्य प्रमुख टेक शेयरों की स्थिति
राजनीतिक उलटफेर का सीधा असर अरबपति उद्यमी एलन मस्क से जुड़ी कंपनियों के मूल्यांकन पर भी पड़ा। अमेरिकी बाजार की शुरुआत के साथ ही SpaceX के शेयर लगभग 4 फीसदी और Tesla के शेयर करीब 5 फीसदी लुढ़क गए। मस्क ने इस चुनाव में रिपब्लिकन प्रत्याशियों को जिताने के लिए भारी वित्तीय संसाधन लगाए थे और विशेष रूप से टेक्सास में रिपब्लिकन प्रचार अभियान में भारी निवेश किया था, जिसके चलते चुनाव नतीजों का मनोवैज्ञानिक असर इन कंपनियों पर तत्काल दिखा।
क्लाउड और कंप्यूटिंग सेवाएं देने वाली कोरवीव और इरेन जैसी डेटा सेंटर केंद्रित फर्मों के शेयर भी शुरुआती दौर में लगभग 4 फीसदी नीचे फिसल गए। इसके विपरीत, सिलिकॉन वैली की स्थापित दिग्गज टेक कंपनियों का प्रदर्शन काफी हद तक स्थिर और सकारात्मक रहा। अल्फाबेट, अमेज़न, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में तेजी दर्ज की गई और वे हरे निशान में कारोबार करते दिखे। इससे स्पष्ट होता है कि शेयर बाजार ने सॉफ्टवेयर और प्लेटफॉर्म आधारित बड़ी टेक कंपनियों तथा भारी हार्डवेयर और बिजली निर्भर इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के बीच स्पष्ट अंतर किया है।
जॉर्जिया, ओहायो और पेंसिल्वेनिया में भी बढ़ सकती है नियामक जांच
डेटा सेंटर निर्माण के सामने चुनौतियां सिर्फ टेक्सास तक सीमित नहीं हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी ने जॉर्जिया, पेंसिल्वेनिया और ओहायो जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में भी गवर्नर के पदों पर विजय प्राप्त की है या अपना राजनीतिक वर्चस्व बनाए रखा है। वेल्स फार्गो के सांख्यिकीय आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका के कुल प्रस्तावित डेटा सेंटर विकास में जॉर्जिया की हिस्सेदारी लगभग 7 फीसदी है, जबकि पेंसिल्वेनिया और ओहायो प्रत्येक राज्य 5-5 फीसदी क्षमता का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन चार राज्यों को मिलाकर देश के प्रस्तावित डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर का लगभग 44 फीसदी हिस्सा बनता है।
उद्योग के विश्लेषकों का मानना है कि अब इन राज्यों का स्थानीय प्रशासन नई परियोजनाओं को पर्यावरणीय मंजूरी देने से पूर्व उनकी अत्यधिक बिजली खपत, भारी जल उपयोग और स्थानीय समुदायों पर पड़ने वाले सामाजिक-आर्थिक प्रभावों की बेहद बारीकी से समीक्षा करेगा। इस बढ़ी हुई जांच प्रक्रिया से परियोजनाओं की समयसीमा लंबी खिंच सकती है और कंपनियों के शुरुआती बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
बैंक ऑफ अमेरिका के रणनीतिकार माइकल हार्टनेट ने परिणामों से पूर्व ही आगाह किया था कि यदि डेमोक्रेट्स सीनेट पर कब्जा जमाते हैं और टेक्सास में राजनीतिक नेतृत्व बदलता है, तो साल के अंत तक वॉल स्ट्रीट और व्यापक शेयर बाजार में 10 फीसदी से अधिक की तेज गिरावट का गंभीर जोखिम पैदा हो सकता है। फिलहाल यह एक विश्लेषणात्मक अनुमान है, किंतु मौजूदा बाजार रुझान निवेशकों की इसी गहरी घबराहट को दर्शा रहे हैं।


















