उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवती को घर पहुंचाने का झांसा देकर गाड़ी में अगवा करने की कोशिश की गई। जब पीड़िता को आरोपी के गलत इरादों की भनक लगी तो उसने तुरंत गाड़ी के अंदर ही विरोध करना और चिल्लाना शुरू कर दिया। युवती की सूझबूझ और शोरगुल के बाद घबराए आरोपी उसे रास्ते में ही वाहन समेत छोड़कर मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। इस गंभीर घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और फौरन कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।
सलेमपुर से लौटते समय हुआ पूरा घटनाक्रम
प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह पूरी घटना 25 सितंबर की है। पीड़िता अपने एक दोस्त अभिषेक यादव के साथ सलेमपुर से यात्रा करते हुए देवरिया आ रही थी। सफर के दौरान जब वे लोग सोनूघाट पहुंचे तो अभिषेक यादव ने युवती को वहां उतारा और वापस सलेमपुर लौट गया। सोनूघाट पर वाहन का इंतजार कर रही युवती के पास अचानक विकास यादव आ गया, जो कि उसका पहले से परिचित था। विकास ने युवती को उसके घर सुरक्षित छोड़ने का भरोसा दिलाया और अपनी कार में बैठने के लिए राजी कर लिया। युवती ने उस पर भरोसा करके गाड़ी में कदम रख दिया, लेकिन कुछ दूर जाने के बाद उसे रास्ते पर संदेह होने लगा।
शक होने पर मचाया शोर और पुलिस एक्शन
विकास यादव जब तयशुदा रास्ते की बजाय युवती को किसी अन्य संदिग्ध दिशा में ले जाने लगा, तो मामला उसकी समझ में आ गया। कार में खुद को असुरक्षित महसूस करते हुए युवती ने जोरदार विरोध किया और गाड़ी के भीतर ही चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। युवती के लगातार शोर मचाने से आसपास के लोग सतर्क हो सकते थे, जिससे बचने के लिए विकास यादव और उसके साथी गाड़ी को सड़क पर लावारिस हालत में छोड़कर तुरंत वहां से भाग खड़े हुए। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद पुलिस पीड़िता को सुरक्षित थाने ले आई और उसके परिवार वालों को इस घटना की तुरंत सूचना दी गई।
पुलिस महकमे की प्रतिक्रिया और टीमों का गठन
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए देवरिया के क्षेत्राधिकारी नगर संजय कुमार रेड्डी ने मीडिया को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीड़िता की लिखित तहरीर के आधार पर कोतवाली थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस महकमे ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की सुरागकशी और जल्द गिरफ्तारी के लिए व्यापक स्तर पर जाल बिछाया है। कोतवाली पुलिस के साथ-साथ एसओजी और सर्विलांस टीम को भी इस मामले में लगाया गया है ताकि फरार चल रहे विकास यादव और उसके साथियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके। पुलिस फिलहाल युवती के बयानों और घटनास्थल के आसपास के साक्ष्यों को आधार बनाकर अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।





















