मेघालय के भीतर रविवार के दिन बैंकिंग कामकाज जारी रखने के प्रशासनिक फैसले को लेकर तीखा विरोध शुरू हो गया है। राज्य की सामाजिक संस्थाओं के साझा मंच कन्फेडरेशन ऑफ मेघालय सोशल ऑर्गनाइज़ेशन्स ने इस कदम पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित वित्तीय संस्थानों को सीधे चेतावनी जारी की है। संगठन का स्पष्ट कहना है कि 27 सितंबर 2026 को पड़ने वाले रविवार के दिन यदि बैंक सामान्य कामकाज के लिए खुले, तो समूचे राज्य में जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा और शाखाओं के संचालन का पुरजोर विरोध होगा।
प्रशासनिक फैसलों पर पुनर्विचार न होने का आरोप
संगठन के महासचिव बलकारिन च मारक ने शुक्रवार को इस संदर्भ में एक औपचारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि रविवार को शाखाएं खोलने की तैयारी के सामने आते ही आपत्ति दर्ज करा दी गई थी, लेकिन प्रशासनिक तंत्र और बैंक प्रबंधन ने जनता की इस चिंता पर ध्यान नहीं दिया। मारक के अनुसार, मेघालय के नागरिकों की वास्तविक आपत्तियों और सामाजिक संगठनों की आवाज़ को अनसुना कर दिया गया है, जिसके चलते अब कड़े कदम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
धार्मिक और सामाजिक परंपराओं के उल्लंघन का मुद्दा
संगठन ने जोर देकर कहा कि मेघालय में रविवार का दिन केवल एक साप्ताहिक अवकाश भर नहीं है, बल्कि इसका गहरा सामाजिक और धार्मिक महत्व है। इस दिन लोग पारिवारिक आयोजनों, सामुदायिक मेलमिलाप और विशेष प्रार्थनाओं में हिस्सा लेते हैं। संगठन का मानना है कि प्रशासनिक सहूलियत का हवाला देकर राज्य के पारंपरिक ताने-बाने और धार्मिक मान्यताओं से समझौता नहीं किया जा सकता। अधिकारियों को यह समझना होगा कि कामकाज के प्रबंधन की आड़ में नागरिकों की आस्था की उपेक्षा कतई स्वीकार्य नहीं होगी।
शाखाओं को अंतिम नोटिस और आगे के कदम
वित्तीय संस्थानों को दिए गए इस निर्देश को संगठन ने एक अंतिम नोटिस करार दिया है। इसमें साफ कहा गया है कि यदि बैंक प्रबंधन अपने रुख पर अड़ा रहा और रविवार को काम शुरू किया, तो घटक संगठनों और स्थानीय निवासियों को सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। संगठन ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस टकराव से पैदा होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति या अव्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी उन अधिकारियों और संस्थानों पर होगी, जिन्होंने राज्य की सामाजिक विशिष्टता और जनभावनाओं का सम्मान करने से इनकार कर दिया। सामाजिक मंच ने बैंकों से तत्काल अपने फैसले को वापस लेने की मांग दोहराई है।























