राम मंदिर के दान चोरी कांड में पकड़े गए सभी आरोपी गिरफ्तारी के बाद से जेल में बुरी तरह डरे हुए हैं और अपनी करनी पर पछता रहे हैं। अयोध्या पुलिस के सूत्रों के मुताबिक किसी भी आरोपी का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है और न ही किसी को इस तरह की चोरी की प्लानिंग करने का पुराना अनुभव था। यही वजह है कि अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतने बड़े कांड की योजना किसके इशारे पर बनाई गई।
चोरी का मास्टरमाइंड कौन, पुलिस अब भी खोज में
पुलिस सूत्रों के अनुसार अब तक की जांच में यह पता नहीं चल सका है कि चंदा चोरी कांड का असली सूत्रधार कौन है। यह सवाल जांच टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। आरोपी अविनाश से पूछताछ के बाद पुलिस अब जरूरत पड़ने पर बाकी आरोपियों की कस्टडी लेने की तैयारी में जुट गई है ताकि पूरी साजिश की परतें खोली जा सकें।
चंपत राय और कृष्ण मोहन यादव के बयान दर्ज, दो अहम गवाहों के अब भी बाकी
सूत्रों के मुताबिक अयोध्या पुलिस अब तक गोपाल राव और अनिल मिश्रा के बयान दर्ज नहीं कर पाई है। दो दिन पहले शनिवार को एसआईटी ने अनिल मिश्रा और गोपाल राव के बयान रिकॉर्ड किए और चंपत राय से पूछताछ करने के बाद वापस लखनऊ लौट गई। बताया जा रहा है कि जल्द ही अयोध्या पुलिस अनिल मिश्रा और गोपाल राव के बयान दर्ज कर सकती है। इस बीच चंपत राय और कृष्ण मोहन यादव के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। मामले में करीब 70 से 80 लोगों के बयान दर्ज होने अभी बाकी हैं। मंदिर ट्रस्ट के स्टाफ और बैंक कर्मचारियों के बयान भी लगातार दर्ज किए जा रहे हैं और अगले हफ्ते तक लगभग सभी के बयान पूरे कर लिए जाने की उम्मीद है, जिसमें गोपाल राव और अनिल मिश्रा के बयान भी शामिल होंगे। बता दें कि काउंटिंग सेंटर की सीसीटीवी निगरानी की जिम्मेदारी मंदिर ट्रस्ट की ही थी।
रविवार को पांच आरोपियों से जेल में होगी पूछताछ
चंदा चोरी मामले में अयोध्या पुलिस को जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ की परमिशन मिल गई है। पुलिस रविवार को जेल में पांच आरोपियों से पूछताछ करेगी। इनमें अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, करुणेश पांडे और मनीष यादव शामिल हैं। मामले की जांच कर रहे सीओ आशुतोष तिवारी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष जज रजत वर्मा की कोर्ट में अर्जी दाखिल कर जेल में पूछताछ की इजाजत मांगी थी, जिसके बाद यह अनुमति मिली। इससे पहले पुलिस जेल में अविनाश से पूछताछ कर चुकी है और बाद में उसे पुलिस कस्टडी में भी लिया गया था। अब रविवार से पांचों आरोपियों से जेल में पूछताछ शुरू होगी और उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर आगे पूछताछ के बाद इन आरोपियों की एक-एक कर पुलिस कस्टडी भी ली जा सकती है।
प्रॉपर्टी की जांच में मिला अहम सुराग
राम मंदिर के लिए मिले दान की चोरी की जांच के दौरान प्रॉपर्टी से जुड़ा एक अहम सुराग सामने आया है। अधिकारियों ने आरोपियों से जुड़ी कई प्रॉपर्टीज की पहचान की है, जिसके बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या चोरी किए गए दान के पैसे का इस्तेमाल इन प्रॉपर्टीज को खरीदने में किया गया था। प्रशासन अब इन सभी प्रॉपर्टीज की बारीकी से जांच-पड़ताल में जुट गया है।
अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा की 12 प्रॉपर्टी जांच के घेरे में
अधिकारियों को पता चला है कि सबसे ज्यादा प्रॉपर्टीज कथित तौर पर आरोपी अनुकल्प मिश्रा और उनके साले लवकुश मिश्रा से जुड़ी हैं। सूत्रों के मुताबिक अब तक इन दोनों से जुड़ी कम से कम 12 प्रॉपर्टीज की पहचान की जा चुकी है और बताया जा रहा है कि इनकी कीमत कई करोड़ रुपये है। अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि इनमें से कौन सी प्रॉपर्टी पुश्तैनी है और कौन सी हाल ही में खरीदी गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के पास सिर्फ अयोध्या में ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों जैसे बसावा, मिल्कीपुर और रुदौली में भी प्रॉपर्टी है। कुछ प्रॉपर्टीज आरोपियों के अपने नाम पर रजिस्टर्ड मिली हैं, जबकि कुछ कथित तौर पर परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गई बताई जा रही हैं।













