जांच का सातवां दिन, रिपोर्ट की घड़ी करीब
अयोध्या के राम मंदिर में दान पेटी से कथित चोरी का मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। आज जांच का सातवां दिन है और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को सात दिन पूरे होते ही सरकार को एक प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपनी है। पिछले छह दिनों में SIT ने करीब 200 लोगों से पूछताछ की है। इनमें दान पेटी से रकम उठाकर गिनती स्थल तक पहुंचाने वाले कर्मचारी, नोट गिनने की जिम्मेदारी संभालने वाले लोग, बंडल बनाने वाले और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने वाले अधिकारी, सभी शामिल रहे।
तीन साल का वित्तीय रिकॉर्ड खंगाला
SIT ने राम मंदिर ट्रस्ट और बैंक दोनों से पिछले तीन वर्षों का डेटा अलग-अलग हासिल किया है। किस तारीख को राम लला के दान खाते में कितनी रकम जमा हुई, जमा करने वाला कौन था, बंडलों की संख्या कितनी थी और किस मूल्यवर्ग के नोट थे, इन सभी सवालों पर बैंक अधिकारियों को तलब किया गया और जवाब लिए गए। इसके साथ ही बैंक और राम मंदिर ट्रस्ट की लेजर बुक भी SIT ने अपने पास ले ली है।
6 आरोपियों के साथ तीन और नाम, बयानों में विरोधाभास
इस मामले के 6 प्रमुख आरोपियों के अलावा रामशंकर यादव उर्फ टीनू, डॉक्टर अनिल मिश्रा और गोपाल राव से भी घंटों पूछताछ हुई। इन तीनों के बयानों में कई जगह विरोधाभास सामने आया, जिसके बाद SIT ने राम मंदिर ट्रस्ट से कई अतिरिक्त दस्तावेज मंगवाए। सूत्रों के अनुसार SIT ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस रिपोर्ट के मुताबिक राम मंदिर में कार्यरत 7 सेवादारों के साथ-साथ ट्रस्ट सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा, रामशंकर यादव और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव पर कार्रवाई की तलवार लटकती नजर आ रही है।
चंपत राय पर भी उठ रहे हैं सवाल
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय भी इस पूरे विवाद के घेरे से बाहर नहीं हैं। जांच में बार-बार यह तथ्य सामने आया है कि दान में कथित गड़बड़ी की सूचना कई बार महासचिव तक पहुंची थी, लेकिन उनकी ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
CCTV फुटेज के साथ छेड़छाड़ की भी जांच
राम मंदिर परिसर में CCTV फुटेज के साथ संभावित हेरफेर की जांच के लिए दिल्ली और लखनऊ से विशेषज्ञ बुलाए गए हैं। ये एक्सपर्ट यह पता लगा रहे हैं कि फुटेज से कोई छेड़छाड़ हुई या नहीं और अगर हुई तो किस समयावधि की रिकॉर्डिंग डिलीट की गई। सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर ट्रस्ट के कई पदाधिकारियों पर कार्रवाई होना लगभग तय माना जा रहा है। SIT अभी कुछ और दिन अयोध्या में रहेगी और सोमवार को अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपेगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ठोस कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।













