उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में कांट कस्बे के रहने वाले गौतम मौर्य की हत्या के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस हत्याकांड की जांच कर रही विशेष पुलिस टीम ने मृतक की पूर्व प्रेमिका के भाई अश्विनी कुमार को साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह पूरा मामला लव ट्राएंगल और लगातार मिल रही ब्लैकमेलिंग की धमकियों का नतीजा था। गिरफ्तार आरोपी को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। इस मामले में मुख्य आरोपी समीर अली समेत चार आरोपियों की पूर्व में हुई गिरफ्तारी के बाद पुलिस साजिश के अन्य पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही थी।
लव ट्राएंगल और ब्लैकमेलिंग से जुड़ा है पूरा मामला
हत्याकांड की साजिश का खुलासा करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नगर) देवेंद्र कुमार ने बताया कि जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस पड़ताल के मुताबिक मृतक गौतम मौर्य का संबंध पड़ोसी गांव की एक महिला से था। कुछ समय बाद दोनों का अलगाव हो गया, जिसके बाद महिला का संपर्क समीर अली से हुआ और वे दोनों एक दूसरे के करीब आ गए। आरोप है कि अलगाव के बाद भी गौतम मौर्य उस महिला को लगातार परेशान कर रहा था और उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा था। इस परेशानी से तंग आकर महिला ने पूरी बात अपने भाई अश्विनी कुमार और समीर अली को बताई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने आगे जानकारी दी कि महिला द्वारा आपबीती बताए जाने के बाद उसके भाई अश्विनी कुमार और समीर अली ने मिलकर गौतम मौर्य को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। दोनों ने मिलकर हत्या की पूरी पटकथा तैयार की और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस जांच में यह तथ्य भी स्पष्ट हुआ है कि महिला को भी इस पूरी साजिश की पहले से जानकारी थी। पुलिस अब इस पहलू पर भी साक्ष्य जुटा रही है कि साजिश में महिला की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका किस हद तक थी।
वारदात के बाद इंस्टाग्राम पर डाला था 'मार दिया' का स्टेटस
शाहजहांपुर पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 31 जुलाई को ही मुख्य आरोपी समीर अली को उसके तीन अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। समीर अली के साथ गिरफ्तार किए गए अन्य साथियों में लियाकत अली, तदीम और राजा शामिल हैं। वारदात के दिन समीर अली ने कथित तौर पर एक धारदार हथियार से गौतम मौर्य पर हमला कर उसकी निर्मम हत्या कर दी थी। हत्या की इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 'मार दिया' लिखकर एक स्टेटस पोस्ट किया था, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी थी। इसके अलावा आरोपी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वह यह स्वीकार करता नजर आ रहा था कि उसने अपनी बहन की वजह से इस हत्या को अंजाम दिया है।
हाईवे जाम और भारी जनविरोध
गौतम मौर्य की हत्या की खबर फैलते ही कांट कस्बे और आसपास के इलाकों में भारी तनाव पैदा हो गया था। घटना के विरोध में 1 अगस्त को हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण, मृतक के परिजन और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ ने इंसाफ की मांग को लेकर पालिया-लखनऊ राजमार्ग को पूरी तरह से जाम कर दिया। लगभग आठ घंटे तक चले इस विशाल विरोध प्रदर्शन के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया था और पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए थे। प्रदर्शन के दौरान उत्तेजित भीड़ ने मुस्लिम समुदाय के लोगों की दुकानों को निशाना बनाने और तोड़फोड़ करने का प्रयास भी किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया और असामाजिक तत्वों के मंसूबों को नाकाम कर दिया।
इलाके में 120 पुलिसकर्मी और पीएसी तैनात
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के मार्गदर्शन में तीन विशेष टीमों का गठन किया गया है जो मामले की हर कोण से जांच कर रही हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार ने कहा, "हमारी टीमें तेजी से जांच आगे बढ़ा रही हैं और तकनीकी व भौतिक साक्ष्य जुटा रही हैं। इस हत्याकांड में शामिल पाए जाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
वर्तमान में कांट कस्बे में शांति बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए एहतियातन कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। कस्बे में प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी की दो टुकड़ियां और लगभग 120 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सर्किल ऑफिसर (सदर) समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर रहकर स्थिति और सुरक्षा बल की तैनाती पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। पुलिस प्रशासन के अनुसार इलाके में स्थिति अब पूरी तरह से नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है।



















