सावन के पवित्र महीने की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर में कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक प्रशासनिक तैयारियां की गई हैं। नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना के संयुक्त प्रयासों से पूरे शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों को सुरक्षा तंत्र से जोड़ दिया गया है। श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम और भयमुक्त बनाने के उद्देश्य से चप्पे-चप्पे पर आधुनिक तकनीक की मदद ली जा रही है। शहर में प्रवेश करने वाले और यहां से गुजरने वाले शिव भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इस पहल के तहत चौबीसों घंटे निगरानी रखने वाले उन्नत सीसीटीवी कैमरे और आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाने वाले इमरजेंसी कॉल बॉक्स स्थापित किए गए हैं। इन इंतजामों के जरिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस हर स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
कांवड़ मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों की 24 घंटे सख्त निगरानी
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुरादाबाद के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण कांवड़ मार्गों पर उच्च क्षमता वाले आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। यह निगरानी नेटवर्क अगवानपुर चौराहे से लेकर पीलीकोठी तक पूरी तरह सक्रिय किया गया है। इसके अतिरिक्त रामपुर रोड और दिल्ली रोड पर स्थित सभी मुख्य चौराहों और जंक्शनों को भी इन कैमरों की निगरानी में शामिल किया गया है। इन कैमरों की सहायता से सड़क पर आने-जाने वाले प्रत्येक कांवड़िये और आम नागरिक की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य किसी भी असामान्य गतिविधि, अचानक उत्पन्न हुई भीड़ या संदिग्ध परिस्थिति की पहचान कर तुरंत कदम उठाना है। इन सभी कैमरों से प्राप्त लाइव फुटेज को केंद्रीय निगरानी कक्ष में सीधे प्रसारित किया जाता है ताकि किसी भी घटना की जानकारी तुरंत मिल सके।
आधुनिक कमांड सेंटर से आपातकालीन टीमों का सीधा तालमेल
सीसीटीवी कैमरों से मिलने वाले लाइव डेटा की सतत निगरानी के लिए आई ट्रिपल सी (ICCC) विभाग में एक हाईटेक कमांड सेंटर स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे लगातार काम कर रहा है। इस नियंत्रण कक्ष में अनुभवी पुलिस कर्मियों और तकनीकी विशेषज्ञों की तैनाती की गई है। यदि कांवड़ मार्ग पर कहीं भी यातायात बाधित होता है, कोई सड़क दुर्घटना होती है या अप्रिय स्थिति पैदा होती है, तो कमांड सेंटर में मौजूद टीम तुरंत हरकत में आ जाती है। स्मार्ट सिटी के चीफ इंजीनियर एके मित्तल के अनुसार यह पूरी व्यवस्था नगर आयुक्त और जिला प्रशासन के कुशल मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। सूचना मिलते ही निकटतम पुलिस थाने, एम्बुलेंस और आपातकालीन राहत टीम को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया जाता है, जिससे प्रभावित लोगों को बिना किसी देरी के त्वरित सहायता मिल सके।
एक बटन दबाते ही मिलेगी मदद: इमरजेंसी कॉल बॉक्स की सुविधा
तकनीकी सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की व्यक्तिगत सहायता के लिए पूरे कांवड़ मार्ग पर विशेष इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाए गए हैं। स्मार्ट सिटी योजना के सहयोग से स्थापित ये कॉल बॉक्स किसी भी आपात स्थिति में कांवड़ियों के लिए सीधे मददगार साबित हो रहे हैं। यदि यात्रा के दौरान किसी श्रद्धालु की तबीयत खराब होती है, उन्हें चिकित्सीय सहायता की आवश्यकता पड़ती है या कोई अन्य समस्या सामने आती है, तो उन्हें किसी फोन की आवश्यकता नहीं होगी। कॉल बॉक्स पर लगे एक साधारण बटन को दबाते ही यूजर सीधे केंद्रीय कमांड सेंटर के ऑपरेटर से जुड़ जाता है। ऑपरेटर तुरंत पीड़ित व्यक्ति की स्थिति और लोकेशन समझकर संबंधित विभाग को मदद के लिए निर्देश जारी कर देता है। इस व्यवस्था से अकेले यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को भी सुरक्षा का भरोसा मिल रहा है।
पब्लिक एड्रेस सिस्टम से पल-पल की मिलेगी महत्वपूर्ण सूचना
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और प्रमुख चौराहों पर सुरक्षा और सहायता के साथ-साथ सूचना प्रसारण का भी विशेष ध्यान रखा गया है। इसके लिए शहर के संवेदनशील स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम (सार्वजनिक घोषणा प्रणाली) लगाए गए हैं। इस लाउडस्पीकर नेटवर्क के जरिए जिला प्रशासन या नगर आयुक्त के कार्यालय से सीधे महत्वपूर्ण घोषणाएं प्रसारित की जा सकती हैं। यदि मौसम में कोई अचानक बदलाव आता है, मार्ग में यातायात का मार्ग परिवर्तित किया जाता है, या सुरक्षा से जुड़ी कोई जरूरी हिदायत देनी होती है, तो यह सूचना कुछ ही सेकंड में पूरे क्षेत्र में सुना दी जाती है। इन समन्वित प्रयासों का एकमात्र ध्येय सावन के दौरान मुरादाबाद से गुजरने वाले हर शिव भक्त की यात्रा को शांतिपूर्ण, सुगम और पूरी तरह सुरक्षित बनाना है।



















