दशहरा पर्व की तैयारियों के बीच उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक गंभीर दुर्घटना सामने आई है। साहिबाबाद इलाके के लाजपत नगर में स्थित नगर निगम के सामुदायिक केंद्र में रावण का पुतला तैयार करने के दौरान पटाखों में अचानक विस्फोट हो गया। यह हादसा 5 अक्टूबर की सुबह पेश आया, जब पुतले के ढांचे के भीतर आतिशबाजी और बारूदी सामग्री पैक की जा रही थी। धमाका इतना जोरदार था कि उसकी धमक से सामुदायिक केंद्र के विशाल हॉल की दो दीवारें भरभराकर गिर पड़ीं और पूरे परिसर में चीख-पुकार मच गई। इस दुर्घटना में पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनमें कुछ नाबालिग भी शामिल हैं।
सामुदायिक केंद्र के हॉल में अचानक भड़की चिंगारी
यह घटना 5 अक्टूबर की सुबह करीब 9:26 बजे की है। शुरुआत में साहिबाबाद फायर स्टेशन के कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि शनि चौक, रामलीला मैदान के नजदीक पटाखों की किसी दुकान में आग लग गई है। इस आपातकालीन संदेश के तुरंत बाद मुख्य अग्निशमन अधिकारी और साहिबाबाद के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी तीन दमकल गाड़ियों (फायर टेंडर) के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुए। जब बचाव दल मौके पर पहुंचा, तो हकीकत कुछ और ही निकली। आग पटाखों की दुकान में नहीं, बल्कि रामलीला मैदान के ठीक पीछे बने नगर निगम के सामुदायिक केंद्र के एक बड़े हॉल में लगी थी।
दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए बिना देर किए लपटों पर काबू पा लिया। इसके बाद जब हॉल के अंदर का मुआयना किया गया, तो वहां आगामी रामलीला के लिए रावण का विशाल पुतला तैयार किया जा रहा था। कारीगर और मजदूर पुतले के अंदर विस्फोटक सामग्री और पटाखे स्थापित कर रहे थे। उसी दौरान किसी वजह से आग भड़क उठी और देखते ही देखते भयानक विस्फोट में बदल गई। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि इमारत की दो मजबूत दीवारें ढह गईं और आसपास का इलाका दहल उठा।
गंभीर हालत के चलते दिल्ली के अस्पतालों में रेफर
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक, रामलीला कमेटी ने रावण का पुतला तैयार करने का काम अनिल सिंह नाम के व्यक्ति को ठेके पर सौंपा था। हादसे के समय अनिल सिंह के मजदूर पुतले में आतिशबाजी भरने के काम में मशगूल थे, तभी आग ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटों में घिरे पांचों लोगों को तत्काल नजदीकी एमएमजी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उच्च स्तरीय चिकित्सा केंद्र भेजने का निर्णय लिया।
झुलसे पांच लोगों में से दो की हालत बेहद नाजुक होने पर उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया, जबकि बाकी तीन घायलों को दिल्ली के ही जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस और अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अस्पतालों में पहुंचे और पीड़ितों की स्थिति का जायजा लिया। अब तक जिन दो घायलों की शिनाख्त हो पाई है, उनके नाम ऋषभ और हरेंद्र हैं। शेष तीन लोगों की पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया जारी है।
अवैध पटाखा फैक्ट्री की अफवाहों का खंडन
हादसे के फौरन बाद स्थानीय क्षेत्र में यह चर्चा और अफवाहें फैलने लगीं कि सामुदायिक केंद्र के अंदर अवैध रूप से पटाखा बनाने की फैक्ट्री चलाई जा रही थी। हालांकि पुलिस प्रशासन ने इन सभी दावों का पूरी तरह खंडन किया है। साहिबाबाद के एसीपी अमित सक्सेना ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि मौके पर पटाखे बनाने का कोई कारखाना संचालित नहीं हो रहा था। वहां केवल आगामी रामलीला मंचन और दशहरा दहन के लिए रावण के पुतले में पटाखे फिट करने का काम चल रहा था, जिस दौरान यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी।





















