उत्तर प्रदेश के नगीना संसदीय क्षेत्र से सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। गाजियाबाद की विशेष MP-MLA अदालत ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए सांसद के खिलाफ गैर जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है। बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद अदालत में उपस्थित न होने की वजह से न्यायिक प्रक्रिया के तहत यह सख्त कदम उठाया गया है। यदि वह आगे भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं होते हैं, तो उनकी संपत्ति की कुर्की की कानूनी कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है।
शादी समारोह में मारपीट से जुड़ा है 2018 का विवाद
यह पूरा मामला साहिबाबाद थाना क्षेत्र में वर्ष 2018 के दौरान घटी एक घटना से संबंधित है। आरोप के मुताबिक, करीब आठ वर्ष पहले एक विवाह समारोह के दौरान चंद्रशेखर आजाद और उनके साथ मौजूद लोगों की धर्मेंद्र कुमार नामक युवक के साथ तीखी बहस हो गई थी। पीड़ित धर्मेंद्र कुमार ने पुलिस को दी गई अपनी लिखित शिकायत में आरोप लगाया था कि समारोह के बीच उनके साथ कथित रूप से मारपीट की गई, थप्पड़ मारा गया और बाद में गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी गईं।
धर्मेंद्र कुमार की इस शिकायत के आधार पर साहिबाबाद थाना पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 323 और धारा 305 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले की पैरवी कर रहे शिकायतकर्ता के वकील के अनुसार, पुलिस प्रशासन इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच पहले ही पूरी कर चुका है। जांच पूरी होने के उपरांत संबंधित अदालत में आरोप पत्र यानी चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है, जिसके बाद अब मामले की नियमित अदालती सुनवाई चल रही है।
लगातार गैरहाजिरी के बाद अदालत का सख्त रुख
न्यायालय ने इस आपराधिक मामले की सुनवाई को आगे बढ़ाने के लिए नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को पूर्व में कई बार अदालती समन जारी किए थे। तमाम कानूनी सूचनाओं और समन के बाद भी वह अदालत की कार्यवाहियों में शामिल नहीं हुए और लगातार अनुपस्थित बने रहे। गुरुवार को नियत सुनवाई के दिन भी जब वह अदालत के समक्ष पेश नहीं हुए, तो MP-MLA कोर्ट ने उनकी निरंतर गैरहाजिरी को बेहद गंभीरता से लिया। इसके परिणामस्वरूप अदालत ने सीधे गैर जमानती वारंट जारी करने के साथ-साथ कुर्की की कार्रवाई से जुड़ा कड़ा निर्देश भी सुना दिया।
राजनीतिक अभियानों पर पड़ सकता है असर
यह अदालती आदेश ऐसे महत्वपूर्ण दौर में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी हलचलें तेज हो रही हैं। आजाद समाज पार्टी के प्रमुख के रूप में चंद्रशेखर आजाद अपने दल के संगठनात्मक विस्तार में जुटे हुए हैं और विभिन्न इलाकों में लगातार रैलियां और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। कानूनी जानकारों का मानना है कि इस स्तर पर गैर जमानती वारंट जारी होना और कुर्की की चेतावनी सामने आना उनके मौजूदा राजनीतिक कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों की गति को प्रभावित कर सकता है।





















