उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित बिधनू थाना क्षेत्र में 2 अक्टूबर की सुबह एक भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई। कानपुर-सागर हाईवे पर मौरंग से लदे एक तेज रफ्तार डंपर और स्कूल बस के बीच हुई जोरदार टक्कर में एक विज्ञान शिक्षिका की जान चली गई, जबकि कई विद्यार्थी और शिक्षक घायल हो गए। यह हादसा हरबसपुर गांव के समीप उस वक्त हुआ जब बस सवारियों को लेकर स्कूल में आयोजित गांधी जयंती समारोह में भाग लेने जा रही थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर होकर अंदर बिखर गए, जिससे बस के भीतर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
गांधी जयंती समारोह में शामिल होने जा रहे थे छात्र और शिक्षक
घाटमपुर के मूसानगर रोड पर स्थित चीना पब्लिक स्कूल में 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम की तैयारियां की गई थीं। इसी आयोजन में सम्मिलित होने के लिए शिक्षक और छात्र सुबह बस में सवार होकर घाटमपुर की तरफ बढ़ रहे थे। वाहन में पांच विद्यार्थियों समेत लगभग 35 लोग यात्रा कर रहे थे। बस का संचालन बर्रा निवासी चालक अर्जुन कर रहे थे। चालक के अनुसार, वे नौबस्ता से बस लेकर स्कूल की ओर जा रहे थे, तभी हरबसपुर गांव के पास सामने से मौरंग लदा अनियंत्रित डंपर आता हुआ दिखाई दिया।
बचाव के प्रयास के बाद भी डंपर ने मारी सीधी टक्कर
चालक अर्जुन ने विपरीत दिशा से आ रहे डंपर को देखकर तुरंत गाड़ी को सड़क से नीचे कच्चे में उतारकर बचाने का भरपूर प्रयास किया। इसके बावजूद डंपर ने बस के किनारे वाले हिस्से में जोरदार टक्कर मार दी। इस भिड़ंत से बस का पिछला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक हुए इस तेज धमाके जैसी आवाज और झटके से बस में बैठे बच्चे और शिक्षक स्तब्ध रह गए। किसी को भी संभलने का अवसर नहीं मिला और पल भर में पूरा माहौल दहशत में बदल गया।
टूटी खिड़की के कांच से विज्ञान शिक्षिका की मौके पर ही मौत
दुर्घटना के दौरान बस की पिछली सीट पर बैठी विज्ञान शिक्षिका ऐश्वर्या श्रीवास्तव गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। वह खिड़की के पास वाली सीट पर बैठी हुई थीं। डंपर की टक्कर लगते ही खिड़की का शीशा टूटकर अंदर की तरफ बिखर गया और कांच के नुकीले टुकड़े सीधे उनके सिर में जा धंसे। खून से लथपथ शिक्षिका को साथ मौजूद अन्य शिक्षकों ने तत्काल नजदीकी बिधनू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच पड़ताल के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। ऐश्वर्या श्रीवास्तव, बर्रा क्षेत्र के निवासी पवन श्रीवास्तव की पुत्री थीं। उनकी असामयिक मृत्यु की सूचना मिलते ही पूरे स्कूल परिवार और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई।
छात्र की आंख में घुसा शीशा, दो गंभीर घायल कानपुर जिला अस्पताल रेफर
इस हादसे में कक्षा सात के छात्र रौनक वर्मा की आंख में कांच के नुकीले टुकड़े घुसने से वह जख्मी हो गया। रौनक बिनगवां का रहने वाला है। बस में उसके साथ उसका भाई कनिष्क जो कक्षा पांच में पढ़ता है, नौबस्ता निवासी पांचवीं की छात्रा मैत्री, गल्लामंडी निवासी 11वीं की छात्रा सुहानी और मछरिया निवासी 10वीं के छात्र कुशाग्र भी मौजूद थे। दुर्घटना में तौधकपुर निवासी 37 वर्षीय शिक्षिका अंजू रीता और जूही लाल कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय शिक्षक हिमांशु यादव (पुत्र स्वर्गीय एसपी यादव) भी चोटिल हुए। प्राथमिक उपचार मिलने के बाद अंजू रीता और हिमांशु यादव की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें कानपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके अलावा सागरपुरी निवासी 25 वर्षीय अर्पित दीक्षित, 37 वर्षीय दुर्गा चौहान, 47 वर्षीय निखलेश्वर बाजपेई और छात्र रौनक को स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार दिया गया।
शिक्षकों ने संभाला मोर्चा, दहशत में रहे मासूम
बस में सवार गणित अध्यापक दीपल पाल (निवासी कर्रही) ने बताया कि डंपर बहुत तेज गति में सामने से आ रहा था। चालक ने बस को सुरक्षित निकालने की भरसक कोशिश की, किंतु कुछ ही पलों में टक्कर हो गई। टक्कर के तुरंत बाद बस के अंदर कोहराम मच गया था। शिक्षकों ने हिम्मत जुटाकर घायल बच्चों और अपने सहयोगियों को संभाला तथा एक-एक कर सभी को टूटी बस से सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। इस भयानक मंजर को देखकर बच्चे काफी देर तक सहमे और रोते रहे।
साथी शिक्षिका के निधन से अचेत हुईं प्रधानाचार्य
स्कूल की प्रिंसिपल शुभांगी सिंह भी अपने निजी वाहन से स्कूल बस के ठीक पीछे चल रही थीं। दुर्घटना की खबर लगते ही वे फौरन बिधनू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं। अस्पताल पहुंचकर जैसे ही उन्हें ऐश्वर्या श्रीवास्तव के निधन की जानकारी मिली, वे सदमे से बेसुध हो गईं। वहां उपस्थित अन्य शिक्षिकाओं ने किसी तरह उन्हें ढांढस बंधाया और संभाला। होश में आने पर वे बार-बार ऐश्वर्या के परिवार और उनके माता-पिता को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करती रहीं। अपनी सहकर्मी को इस तरह अचानक खो देने से पूरा स्टाफ गहरे अवसाद में है।
उत्सव की खुशियां बदलीं मातम में
चीना पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर पंकज सचान ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के पावन पर्व पर विद्यालय में भव्य कार्यक्रम प्रस्तावित था। शिक्षक और छात्र पूरे उत्साह के साथ इसी कार्यक्रम में भाग लेने घाटमपुर जा रहे थे। रास्ते में हुए इस हादसे ने सारे उत्साह को मातम में बदल कर रख दिया। जिस आयोजन को लेकर स्कूल परिसर में चहल-पहल थी, वहां अब शिक्षिका की मौत और घायल विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर हर कोई व्यथित और चिंतित है।
ग्रामीणों ने डंपर चालक को दबोचा, पुलिस ने शुरू की विधिक कार्रवाई
दुर्घटना होते ही आसपास मौजूद ग्रामीण फौरन घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए भागने का प्रयास कर रहे डंपर चालक को मौके पर ही पकड़ लिया और बिधनू पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना पाते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और राहत कार्य में जुट गया। पुलिस ने मृतक शिक्षिका के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। साथ ही दुर्घटनाग्रस्त डंपर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। बिधनू थाना प्रभारी तेज बहादुर सिंह ने जानकारी दी कि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया था और डंपर को जब्त कर लिया गया है। परिजनों या स्कूल प्रबंधन की ओर से तहरीर मिलने के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





















