उत्तर प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करके अपनी ही पार्टी के भीतर बगावत के संकेत दिए हैं। राजभर ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया है कि उनकी पार्टी के छह विधायकों में से दो विधायक उनके नियंत्रण से बाहर हैं और वे आगामी मतदान में पाला बदलकर क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। इस स्वीकारोक्ति ने सत्तारूढ़ गठबंधन के चुनावी गणित और रणनीतिकारों की चिंता बढ़ा दी है।
दो विधायकों पर नियंत्रण नहीं होने का दावा
मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान ओमप्रकाश राजभर ने साफ तौर पर कहा कि उनकी पार्टी के दो विधायक समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के संपर्क में हैं। राजभर के मुताबिक, विपक्षी खेमे की ओर से विधायकों को प्रलोभन देने और धनबल का इस्तेमाल करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआत में उनके तीन विधायक पाला बदलने की तैयारी में थे, लेकिन उनमें से एक विधायक से बातचीत करके मामला सुलझा लिया गया है। अब केवल दो विधायकों को लेकर असमंजस बना हुआ है, जिन पर पार्टी नेतृत्व का कोई जोर नहीं चल रहा है।
दस सीटों पर सियासी समीकरण और गणित
उत्तर प्रदेश की दस राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान निर्धारित है। राज्य विधानसभा के मौजूदा संख्याबल के आधार पर भारतीय जनता पार्टी आसानी से सात सीटें और समाजवादी पार्टी दो सीटें जीत सकती है। हालांकि, अखिलेश यादव की नजर तीसरी सीट पर टिकी हुई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख लगातार यह दावा कर रहे हैं कि वे अतिरिक्त सीट जीतने के लिए जरूरी संख्या जुटाने में लगे हैं और अपेक्षित संख्याबल तैयार होते ही वे अपना तीसरा उम्मीदवार मैदान में उतार देंगे। इसी तीसरे उम्मीदवार की संभावना ने क्रॉस वोटिंग के खतरे को हवा दी है।
अब्बास अंसारी और अखिलेश यादव की बैठक
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक अब्बास अंसारी की अखिलेश यादव के साथ लखनऊ स्थित जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट में हुई मुलाकात ने चर्चाओं को और बढ़ा दिया है। अब्बास अंसारी मऊ सदर सीट से विधायक हैं और वे मुख्तार अंसारी के बेटे हैं। अब्बास अंसारी की इस मुलाकात के बाद से ही उनके समाजवादी पार्टी के पाले में जाने की अटकलें तेज हो गई थीं। ओमप्रकाश राजभर ने जिन विधायकों के बागी होने की आशंका जताई थी, उनमें मऊ सदर से अब्बास अंसारी और जफराबाद से जगदीश नारायण का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। वहीं बेल्थरा रोड से विधायक हंसू राम को लेकर राजभर ने स्पष्ट किया है कि उनसे बातचीत पूरी हो चुकी है और वे पार्टी के साथ मजबूती से खड़े हैं।
विधानसभा चुनाव 2022 और सुभासपा की स्थिति
साल 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था और छह सीटों पर जीत दर्ज की थी। बाद में राजनीतिक घटनाक्रम बदलने के बाद राजभर सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल होकर योगी सरकार में मंत्री बन गए। पार्टी के छह निर्वाचित विधायकों में गाजीपुर की जहूराबाद सीट से ओमप्रकाश राजभर, जखनिया सीट से बेड़ी राम, मऊ सदर से अब्बास अंसारी, संत कबीर नगर की महादेवा सीट से दूधराम, बलिया की बेल्थरा रोड सीट से हंसू राम और जौनपुर की जफराबाद सीट से जगदीश नारायण शामिल हैं। अब 16 अक्टूबर के चुनाव में देखना होगा कि राजभर अपने सभी विधायकों को एकजुट रख पाते हैं या बगावत खुलकर सामने आती है।



















