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झांसी-कानपुर हाईवे पर अनियंत्रित क्रेटा डिवाइडर से टकराई, माफिया से नेता बने अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की दर्दनाक मौतउत्तर प्रदेश
6 अग॰ 2026, 4:12 pm (2 दिन पहले)· 0

झांसी-कानपुर हाईवे पर अनियंत्रित क्रेटा डिवाइडर से टकराई, माफिया से नेता बने अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान की दर्दनाक मौत

झांसी-कानपुर हाईवे पर एक अनियंत्रित क्रेटा कार सड़क के सीमेंट डिवाइडर से टकराकर पलट गई, जिसमें अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान और उनके साथी सोनू की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए।

उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में झांसी-कानपुर राजमार्ग पर एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें माफिया से नेता बने अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की मौत हो गई। यह भीषण दुर्घटना उस वक्त हुई जब तेज रफ्तार क्रेटा कार अचानक अपना संतुलन खो बैठी और सड़क के बीच बने भारी सीमेंट डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और कार पलट गई। इस हादसे में अबान अहमद और उनके साथी सोनू की जान चली गई, जबकि कार चला रहे मोहम्मद जैद समेत तीन अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय निवासियों और पुलिस की मदद से घायलों को तुरंत बाहर निकालकर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन की अत्यधिक गति दुर्घटना का मुख्य कारण प्रतीत होती है, हालांकि विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

झांसी-कानपुर हाईवे पर सीमेंट डिवाइडर से टकराई कार, दो की मौके पर मौत

झांसी पुलिस की ओर से मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक यह सड़क दुर्घटना झांसी-कानपुर हाईवे पर घटी। तेज गति से दौड़ रही क्रेटा कार अचानक अनियंत्रित हुई और सीधे सड़क पर मौजूद सीमेंट डिवाइडर में जा घुसी। टक्कर की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गाड़ी डिवाइडर से टकराने के तुरंत बाद सड़क पर कई बार पलटी। हादसे के दौरान कार के भीतर सवार लोगों को संभलने या बचाव का थोड़ा सा भी अवसर नहीं मिल पाया।

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दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास मौजूद स्थानीय नागरिक तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और पुलिस को सूचित किया। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की सहायता से कार में फंसे सभी पांच लोगों को बाहर निकाला। आपातकालीन स्थिति में सभी को तत्काल निकटतम अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने अबान अहमद और सोनू को मृत घोषित कर दिया। अन्य तीन घायलों का अस्पताल में सघन इलाज जारी है। कार चालक मोहम्मद जैद ने प्राथमिक पूछताछ में स्वीकार किया है कि गाड़ी काफी तेज रफ्तार में थी और अचानक स्टीयरिंग पर से उसका नियंत्रण पूरी तरह से हट गया था, जिसके चलते यह भयावह हादसा हुआ।

क्रैश डायनेमिक्स: फ्रंट सीट पर पड़ा सबसे घातक असर, 3 लोग कैसे बचे?

सड़क दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त क्रेटा कार की स्थिति का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि टक्कर का सबसे भीषण असर चालक के बगल वाली यानी फ्रंट पैसेंजर सीट पर हुआ। सीमेंट डिवाइडर से हुई सीधी टक्कर के कारण कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से पिचका और दबकर पीछे की केबिन सीट तक चला गया। कार की संरचना को पहुंचे इस भारी नुकसान को देखते हुए यह माना जा रहा है कि यदि सुरक्षा एयरबैग समय पर खुल भी गए होते, तब भी सामने की सीट पर बैठे व्यक्ति का बचना लगभग असंभव था।

हादसे में जान गंवाने वाले दूसरे व्यक्ति सोनू के बारे में जानकारी सामने आई है कि वह कार में अबान अहमद के ठीक पीछे वाली सीट पर बैठे हुए थे। फ्रंट सीट पर हुए जबरदस्त प्रभाव का सीधा झटका पीछे की उसी सीट तक पहुंचा, जिसके कारण सोनू को भी गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई। वहीं दूसरी तरफ, चालक मोहम्मद जैद और कार में सवार दो अन्य यात्री अलग सीटों पर मौजूद थे, जहां सीधा प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहा। इसी वजह से वे इस भीषण हादसे में जीवित बचने में सफल रहे। पुलिस अब अस्पताल में भर्ती इन तीनों जीवित बचे लोगों के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उनसे आगे की पूछताछ करने की योजना बना रही है।

झांसी जिला जेल में बंद भाई अली अहमद से मुलाकात के लिए जा रहा था अबान

इस दुर्घटना के पीछे की यात्रा का उद्देश्य भी सामने आया है। अबान अहमद अपने बड़े भाई अली अहमद से मुलाकात करने के सिलसिले में झांसी जा रहे थे। अली अहमद वर्तमान में झांसी जिला जेल में बंद हैं। अबान अपने दोस्तों के साथ इसी सिलसिले में सफर पर निकले थे, लेकिन झांसी-कानपुर हाईवे पर उनका यह सफर बीच में ही एक दर्दनाक हादसे के साथ समाप्त हो गया।

उल्लेखनीय है कि अली अहमद को अक्टूबर 2025 में प्रयागराज स्थित नैनी मध्यस्थ जेल से झांसी जिला जेल में स्थानांतरित किया गया था। अली अहमद पर रंगदारी मांगने और चर्चित उमेश पाल हत्याकांड की साजिश में शामिल होने से जुड़े कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और वे इन्हीं मामलों में जेल में निरुद्ध हैं। अबान अपने भाई से जेल में मुलाकात करने ही वाले थे कि उससे पहले ही यह दुर्घटना घटित हो गई।

घटनास्थल की तकनीकी जांच और पुलिस पड़ताल के 6 मुख्य बिंदु

हादसे के वास्तविक कारणों का सटीक पता लगाने के लिए पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम गहन तकनीकी जांच में जुटी हुई है। विशेषज्ञों की टीम आमतौर पर इस प्रकार की सड़क दुर्घटनाओं में कई महत्वपूर्ण तकनीकी और भौतिक पहलुओं का बारीक अध्ययन करती है। जांच के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित छह बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है

  • अचानक ब्रेक लगाना: क्या दुर्घटना से ठीक पहले चालक ने अचानक ब्रेक दबाने का प्रयास किया था और सड़क पर घसीट के निशान मौजूद हैं या नहीं।
  • टक्कर का कोण: कार सीमेंट के डिवाइडर से किस कोण और किस गति से टकराई, जिससे कार पलटने की स्थिति पैदा हुई।
  • सड़क की स्थिति और बाधाएं: क्या हादसे के समय हाईवे पर कोई अन्य वाहन, आवारा पशु या अचानक आई रुकावट मौजूद थी जिसके कारण स्टीयरिंग मोड़ना पड़ा।
  • वाहन की यांत्रिक स्थिति: क्या क्रेटा के टायर, ब्रेक सिस्टम, सस्पेंशन और स्टीयरिंग सही अवस्था में काम कर रहे थे या कोई तकनीकी खराबी आई थी।
  • चालक की शारीरिक स्थिति: क्या चालक मोहम्मद जैद को नींद अथवा थकान आई थी, या किसी अन्य वजह से उनका ध्यान भटका था।
  • सीट बेल्ट का इस्तेमाल: कार में सवार सभी पांचों यात्रियों ने सीट बेल्ट बांध रखी थी या नहीं।

फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि हादसे के समय यात्रियों ने सीट बेल्ट लगा रखी थी या नहीं। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि सीट बेल्ट या किसी विशेष सुरक्षा उपाय से मौत को टाला जा सकता था या नहीं। हालांकि, यह पूरी तरह स्थापित तथ्य है कि तेज गति से गाड़ी चलाना और यातायात सुरक्षा नियमों की अनदेखी करना हाईवे हादसों के जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है।

चालक मोहम्मद जैद पर कानूनी कार्रवाई की संभावना और बीएनएस का दायरा

कार हादसे में चालक मोहम्मद जैद का जीवित बच जाना अपने आप में उन्हें कानूनी रूप से दोषी सिद्ध नहीं करता है। पुलिस विभाग पहले दुर्घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर रहा है, चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रहा है, तथा वाहन की तकनीकी रिपोर्ट और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।

यदि जांच की प्रक्रिया में यह तथ्य स्थापित होता है कि मोहम्मद जैद अत्यधिक तेज गति, घोर लापरवाही या खतरनाक तरीके से वाहन चला रहे थे, तो उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के तहत विधिक मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, यदि जांच में यह सामने आता है कि हादसा किसी अचानक आई यांत्रिक खराबी, सड़क की किसी अदृश्य समस्या या किसी अप्रत्याशित परिस्थिति के कारण हुआ था, तो कानूनी स्थिति पूरी तरह भिन्न होगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है।

सवाल-जवाब

झांसी कार हादसे में किन लोगों की मौत हुई?
दुर्घटना में माफिया से नेता बने अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद और उनके साथी सोनू की मौके पर ही मौत हो गई।
कार में कुल कितने लोग सवार थे और दुर्घटना में कितने लोग बचे?
क्रेटा कार में कुल पांच लोग सवार थे। दुर्घटना में चालक मोहम्मद जैद समेत तीन लोग जीवित बच गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
दुर्घटना के समय अबान अहमद कहां जा रहे थे?
अबान अहमद झांसी जिला जेल में बंद अपने बड़े भाई अली अहमद से मुलाकात करने के सिलसिले में सफर कर रहे थे।
कार चालक मोहम्मद जैद के खिलाफ पुलिस क्या जांच कर रही है?
पुलिस वाहन की तकनीकी स्थिति, चश्मदीदों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जांच कर रही है; लापरवाही सिद्ध होने पर बीएनएस और मोटर वाहन कानून के तहत कार्रवाई होगी।
अली अहमद को झांसी जेल कब और कहां से ट्रांसफर किया गया था?
अली अहमद को अक्टूबर 2025 में प्रयागराज की नैनी मध्यस्थ जेल से झांसी जिला जेल में स्थानांतरित किया गया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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