उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के अंतर्गत आने वाले सिंगाही थाना क्षेत्र में प्रशासनिक टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार वर्ष की बालिका के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी 65 वर्षीय खलील के मकान को बुलडोजर की मदद से पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार आरोपी ने ग्राम पंचायत की सरकारी भूमि और सार्वजनिक रास्ते पर अवैध रूप से पक्का निर्माण करा रखा था। सार्वजनिक संपत्ति पर किए गए इस अतिक्रमण को हटाने के लिए बुधवार की सुबह राजस्व और पुलिस विभाग का संयुक्त दस्ता मौके पर पहुंचा और पूरे ढांचे को जमींदोज कर दिया गया।
रविवार को हुई थी अमानवीय वारदात और मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार रविवार की सुबह 65 साल का खलील अपने घर के बाहर खेल रही चार साल की मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर सुनसान स्थान पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी सामने आते ही स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश फैल गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की और रविवार की रात आरोपी खलील को एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी की मेडिकल जांच कराई गई, जिसके बाद उसे संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया गया जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
प्रशासनिक बेदखली आदेश और कानूनी नोटिस की पूरी समयसारणी
ज़िलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने इस कार्रवाई के संदर्भ में स्पष्ट जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ अवैध कब्जा हटाने की कानूनी प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी। उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 67 के तहत खलील को बेदखली और सरकारी जमीन खाली करने का औपचारिक आदेश 15 जुलाई 2024 को जारी किया गया था। आदेश जारी होने के उपरांत खलील को अपना पक्ष रखने या अपील दाखिल करने का अवसर मिला था, परंतु उसने इस निर्णय के विरुद्ध कोई कानूनी अपील प्रस्तुत नहीं की।
राजस्व प्रशासन की ओर से आरोपी को बेदखली आदेश का अनुपालन करने के लिए समय-समय पर कई चेतावनी पत्र और नोटिस जारी किए गए थे। इसके पश्चात भी जब उसने सार्वजनिक भूमि से अपना अतिक्रमण नहीं हटाया, तो प्रशासन ने 18 अगस्त को उसे अंतिम नोटिस तामील कराया था। निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी आरोपी द्वारा कोई कदम न उठाए जाने पर राजस्व विभाग ने नियमानुसार ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को अंजाम दिया। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूर्व में जारी अतिक्रमण रोधी आदेश के तहत की गई है और इसका आपराधिक मुकदमे की कार्यवाही से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चला बुलडोजर, पीड़ित मासूम की स्थिति में सुधार
बुधवार की सुबह जब प्रशासनिक और राजस्व विभाग की टीम सिंगाही क्षेत्र स्थित आरोपी के गांव पहुंची, तो वहां किसी भी अप्रिय स्थिति या विरोध की आशंका को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मौके पर पहुंची टीम ने ग्राम पंचायत की जमीन पर बने अवैध ढांचे की स्थल जांच कर पुष्टि की और तत्पश्चात बुलडोजर चलाकर पूरे निर्माण को ध्वस्त कर दिया। संपूर्ण कार्रवाई के दौरान शांति और कानून व्यवस्था पूरी तरह से बनी रही।
दूसरी ओर वारदात में गंभीर रूप से घायल हुई चार वर्षीय मासूम बच्ची के संबंध में राहत भरी खबर आई है। घटना के तुरंत बाद बालिका को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के अस्पताल में रेफर किया गया था। चिकित्सकों की देखरेख में बच्ची के स्वास्थ्य में अब निरंतर सुधार दर्ज किया जा रहा है और डॉक्टरों ने उसकी शारीरिक स्थिति को पूरी तरह से ठीक और खतरे से बाहर बताया है।





















