उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक झकझोर देने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहां डेढ़ वर्ष की एक अबोध बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में जान चली गई। प्राथमिक जांच और परिजनों के आरोपों के अनुसार, बच्ची के लगातार रोने से आपा खो बैठी मां ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे मासूम ने बिस्तर पर ही दम तोड़ दिया। इस वारदात के सामने आते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत मामले की विस्तृत छानबीन शुरू कर दी है।
शाम को मजदूरी से लौटे परिजनों ने देखा बिस्तर पर शव
यह हृदयविदारक घटना चरखारी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चिंतेपुरा मोहल्ले में हुई। महिला पुलिस चौकी के पास स्थित एक मकान के भीतर बच्ची का शव बिस्तर पर पड़ा हुआ पाया गया। घटना के समय बच्ची के मामा और नानी रोजाना की तरह मजदूरी के काम पर बाहर गए हुए थे। शाम लगभग 7 बजे जब दोनों मेहनत-मजदूरी करके घर वापस लौटे, तो उन्होंने देखा कि डेढ़ साल की मासूम अचेत और मृत अवस्था में बिस्तर पर पड़ी हुई थी। घर में ऐसा खौफनाक मंजर देखकर उनके होश उड़ गए और तुरंत आसपास के लोगों को इस बारे में पता चला, जिसके बाद मोहल्ले में भारी भीड़ जमा हो गई।
मामा की सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक यूनिट
मासूम बच्ची की मौत की पुष्टि होते ही उसके मामा ने चरखारी कोतवाली पुलिस को तुरंत इस पूरे मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राहुल मिश्रा पुलिस बल और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने उस कमरे और आसपास के इलाके का सूक्ष्मता से मुआयना किया जहां बच्ची का शव पड़ा था, ताकि किसी भी वैज्ञानिक साक्ष्य को जुटाया जा सके। अधिकारियों ने घटनास्थल से आवश्यक फिंगरप्रिंट्स और अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र करने के बाद बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और फिर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
पारिवारिक अलगाव और मानसिक तनाव का एंगल
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला का विवाह नौगांव क्षेत्र के बघारी गांव के रहने वाले एक व्यक्ति से हुआ था। महिला का पति पिछले लगभग 30 वर्षों से दिल्ली में प्लंबर का काम करता आ रहा है। करीब छह महीने पहले वह अपनी पत्नी को उसकी चार बेटियों के साथ मायके में छोड़कर वापस चला गया था। महिला की कुल पांच बेटियां थीं, जिनमें से सबसे बड़ी बेटी की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। चार बेटियों के भरण-पोषण और पति के दूर रहने के कारण महिला लंबे समय से गंभीर मानसिक अवसाद और भारी पारिवारिक तनाव से जूझ रही थी।
तहरीर पर केस दर्ज और विधिक जांच जारी
वारदात के बाद जब पुलिस अधिकारियों ने बच्ची की मां पूजा से पूछताछ करने का प्रयास किया, तो वह गहरे सदमे और असामान्य मानसिक स्थिति के चलते कुछ भी स्पष्ट बताने में असमर्थ थी। हालांकि, पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि बच्ची के लगातार रोने की आवाज से तंग आकर मां ने उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी थी, जिससे अंदरूनी चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। चरखारी पुलिस ने परिजनों से मिली लिखित तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट आने और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद इस मामले में आगे की सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
























