झारखंड के दुमका जिले से ठंड के मौसम में लापरवाही और दर्दनाक हादसे का एक गंभीर मामला सामने आया है. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेहराबांक गांव में रात के वक्त ठंड से राहत पाने के लिए कमरे में जलाई गई अंगीठी एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हुई. बंद कमरे में अंगीठी का जहरीला धुआं लगातार भरता रहा, जिससे सोते समय ही परिवार के सदस्यों का दम घुटने लगा. इस दुखद घटना में 11 साल की एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से अचेत मां और दो अन्य बच्चियों को इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है.
नवजात को सर्दी से बचाने के लिए कमरे में जलाई थी अंगीठी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस परिवार में महज 11 दिन पहले एक नवजात बच्ची का जन्म हुआ था. बदलते मौसम और कड़ाके की ठंड से नवजात बच्ची को सुरक्षित रखने और कमरे में गर्माहट बनाए रखने के उद्देश्य से परिजनों ने रात में अंगीठी सुलगाई थी. अंगीठी जलाने के बाद परिवार के सभी लोग कमरे की खिड़कियां और दरवाजे पूरी तरह बंद करके सो गए. रातभर वेंटिलेशन न होने की वजह से कमरे के भीतर धुआं और हानिकारक गैसें जमा होती रहीं, जिसका अहसास गहरी नींद में सो रहे लोगों को बिल्कुल नहीं हो सका.
खिड़की तोड़कर अंदर पहुंचे पड़ोसी, कमरे में अचेत मिले लोग
सुबह जब काफी देर बीत जाने के बाद भी उस घर से कोई हलचल नहीं हुई और परिवार का कोई भी सदस्य बाहर नहीं निकला, तो पास-पड़ोस के लोगों को अनहोनी की आशंका हुई. स्थानीय लोगों ने बाहर से कई बार आवाजें लगाईं, मगर कमरे के अंदर से कोई प्रतिक्रिया या जवाब नहीं आया. इसके बाद ग्रामीणों ने खिड़की से अंदर झांक कर देखा, तो वहां सभी लोग बेसुध पड़े हुए थे. स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए ग्रामीणों ने तुरंत खिड़की तोड़ी और घर के भीतर प्रवेश किया. अंदर मां और तीनों बच्चियां अचेत अवस्था में पड़ी हुई थीं. ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए सभी को एक-एक कर बाहर निकाला.
अस्पताल पहुंचते ही बच्ची को घोषित किया मृत, तीन का उपचार जारी
स्थानीय निवासियों की सक्रिय सहायता से तुरंत सभी प्रभावितों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने जांच के उपरांत 11 वर्षीय निक्कू कुमारी को मृत घोषित कर दिया. वहीं अचेत मिली मां और दो अन्य बच्चियों को फौरन आपातकालीन वार्ड में भर्ती कर उनका उपचार प्रारंभ किया गया. तीनों की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिकित्सकीय निगरानी रखी जा रही है.
दम घुटने से अनहोनी की आशंका, जांच के बाद साफ होगी स्थिति
घटना की प्रारंभिक परिस्थितियों को देखते हुए यही आशंका जताई जा रही है कि कमरे के सभी खिड़की-दरवाजे बंद रहने और अंगीठी का धुआं भर जाने के कारण ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई, जिससे परिवार का दम घुट गया. हालांकि मौत के सटीक कारणों और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि चिकित्सीय रिपोर्ट और संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. इस अप्रत्याशित हादसे के बाद से पूरे गांव और पीड़ित परिवार में गहरा शोक व्याप्त है, जहां परिजन एक बेटी को खोने के सदमे में हैं और अस्पताल में भर्ती सदस्यों के स्वस्थ होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं.


















