आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में एक अत्यंत दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां पंचायती राज विभाग के एक सहायक इंजीनियर के पूरे परिवार ने गोदावरी नदी में कूदकर अपनी जान देने की कोशिश की। इस सामूहिक हादसे में 61 वर्षीय इंजीनियर थिल्लापुड़ी नूकाराजू की जान चली गई, जबकि उनके 10 साल के पोते कार्तिकेय को वहां मौजूद स्थानीय मछुआरों ने पानी में तैरते वक्त सकुशल बचा लिया। स्थानीय पुलिस अब इस मामले में डूबी हुई नूकाराजू की 58 वर्षीय पत्नी मीना और उनकी 38 वर्षीय बेटी कोवूरी सौजन्या के शवों को ढूंढने के लिए लगातार तलाशी अभियान चला रही है।
कार से मिले सुसाइड नोट और सनसनीखेज खुलासे
इस पूरे प्रकरण ने तब एक नया और चौंकाने वाला रुख अख्तियार कर लिया, जब जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल के पास लावारिस खड़ी कार से कुछ खत और दस्तावेज बरामद हुए। बेटी सौजन्या द्वारा छोड़े गए इस पत्र में शूटिंग कोच शेख सादिक खान पर गंभीर मानसिक प्रताड़ना, ब्लैकमेल करने और जबरन धर्म परिवर्तन करवाने की कोशिश के बहुत बड़े आरोप लगाए गए हैं। सौजन्या ने अपने सुसाइड नोट में यह बात स्पष्ट की थी कि सादिक खान ने धोखे से उसकी संपत्ति, मोबाइल फोन, बैंक लॉकर की चाबियां और तमाम गुप्त विवरण हथिया लिए थे। इसके साथ ही वह लगातार पूरे परिवार को जान से खत्म कर देने की धमकी देकर डरा रहा था।
कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को भेजा गया था खत
अपनी जान देने जैसा खौफनाक कदम उठाने से ऐन पहले, इंजीनियर थिल्लापुड़ी नूकाराजू ने भी जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम एक विस्तृत पत्र तैयार किया था। इस खत को उन्होंने अपने दफ्तर के सहकर्मियों और कुछ खास करीबियों के साथ व्हाट्सएप पर भी साझा किया था। इस पत्र के मुताबिक, सौजन्या के पति जगदीश रेड्डी के निधन के ठीक बाद शेख सादिक खान ने मदद का दिखावा करके इस परिवार के नजदीक आने की साजिश रची थी। जब पीड़ित परिवार को उसकी नीयत पर शक हुआ और उन्होंने उसकी इन हरकतों को सिरे से नकार दिया, तब उस शख्स ने उन्हें खुलेआम धमकियां देनी शुरू कर दीं और जबरन उनके पैसे व गहने ऐंठने लगा।
पति की संदिग्ध मौत का भी मामला दर्ज
इस पूरे मामले की तह तक पहुंचने पर एक और चौंकाने वाला एंगल सामने आया, जब सौजन्या के ससुर भास्कर रेड्डी ने पुलिस थाने में एक आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। ससुर का सीधा आरोप था कि उनके बेटे जगदीश रेड्डी की मौत किसी सामान्य कारणों से नहीं हुई थी, बल्कि सादिक खान ने उन्हें एक जहरीला इंजेक्शन देकर बड़ी ही चालाकी से मार डाला था। परिवार के मुखिया द्वारा दी गई इस अहम शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी सादिक खान के खिलाफ हत्या की धाराओं के तहत एक अलग मुकदमा भी दर्ज कर लिया है।
मासूम पोते ने बयां की पूरी खौफनाक दास्तान
गोदावरी नदी के ठंडे पानी से सुरक्षित बचाए गए 10 साल के मासूम कार्तिकेय ने पुलिस अधिकारियों को आपबीती सुनाते हुए बताया कि आरोपी सादिक खान अक्सर उनके घर आया करता था और उसकी मां के साथ मारपीट किया करता था। घटना वाले दिन उसके दादाजी के कहने पर ही उसकी मां ने उसका हाथ पकड़ा और पुल से सीधे नदी के बहाव में छलांग लगा दी। गनीमत यह रही कि कार्तिकेय को तैरना भली-भांति आता था, जिसकी वजह से वह करीब 20 मिनट तक पानी की सतह पर तैरता रहा और मदद के लिए लगातार चीखता-चिल्लाता रहा। उसकी आवाज सुनकर वहां मौजूद मछुआरों ने मुस्तैदी दिखाई और उसे पानी से बाहर निकालकर उसकी जिंदगी बचा ली। फिलहाल मुख्य आरोपी सादिक खान कानून की पकड़ से दूर फरार चल रहा है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कुल 10 टीमें ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं।



















