उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। पति की शराब की लत से परेशान एक महिला ने कथित तौर पर उसे पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया और फिर इसे बीड़ी सुलगाते वक्त लगी आग बताकर बचने की कोशिश की। पुलिस की सख्त पूछताछ में महिला की कहानी में झोल सामने आया और आखिरकार उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर अदालत के जरिए जेल भेज दिया है।
पहले बताई गई थी बीड़ी से लगी आग की कहानी
मामला मालवा थाना क्षेत्र के असवार तारापुर गांव का है। यहां 27 जून को अवधेश कुमार उर्फ पवन नाम के व्यक्ति की संदिग्ध हालात में आग लगने से जलकर मौत हो गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती पूछताछ में मृतक की पत्नी प्रीति उर्फ विनीता ने पुलिस को बताया कि दोपहर के वक्त उसका पति शराब पीकर घर लौटा था और खटिया पर लेटकर बीड़ी सुलगाने लगा था। उसने बताया कि उसे बैंक से कुछ पैसे निकालने थे, इसलिए वह पासबुक लेकर बैंक चली गई थी। जब वह वापस लौटी तो घर से धुआं उठता देखा। उसने पड़ोसियों को आवाज देकर बुलाया और सबने मिलकर दरवाजा खोला तो खटिया और पूरा घर आग की चपेट में मिला। सभी ने मिलकर आग बुझाई और झुलसे हुए अवधेश को अस्पताल ले जाने के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
भाई की तहरीर पर दोबारा शुरू हुई जांच
घटना के बाद गांव में डर और तरह-तरह की चर्चाओं का माहौल बन गया। इसी बीच मृतक के भाई राजकुमार ने थाने पहुंचकर प्रीति उर्फ विनीता के खिलाफ हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी। इस शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की दोबारा गहराई से छानबीन शुरू की और विनीता को थाने बुलाकर सख्ती से पूछताछ की। लंबी पूछताछ के दबाव में विनीता का बचाव टूट गया और उसने कबूल किया कि उसने ही अपने पति को आग के हवाले किया था। उसने बताया कि आग लगाने के बाद वह घर से बाहर निकल गई थी और कुछ देर बाद वापस आकर जोर-जोर से चीखी, ताकि पड़ोसी इकट्ठा हो जाएं और किसी को उस पर शक न हो।
रोज की मारपीट और शराब की लत से थी परेशान
थाना प्रभारी राजेश मिश्रा के मुताबिक, पूछताछ में महिला ने बताया कि उसका पति नशे का आदी था और खुद कोई काम धंधा नहीं करता था। वह सुबह से शराब पीकर पूरे गांव में घूमता रहता था और अक्सर उसके साथ मारपीट करता था। महिला ने यह भी बताया कि पति घर के बर्तन तक बेचकर शराब पी जाता था और यहां तक कि वह दूसरों के खेतों में मजदूरी कर जो पैसे कमाती थी, वह भी उससे छीनकर शराब पर उड़ा देता था। गांव वालों ने बताया कि अवधेश और विनीता की शादी को करीब 12 साल हो चुके थे और दंपती की कोई संतान नहीं थी। ग्रामीणों के मुताबिक अवधेश को शराब की गंभीर लत थी, वह अक्सर पत्नी की पिटाई करता था और घर का अनाज या बर्तन बेचकर शराब खरीद लेता था।
बंद बैंक की बात ने बदल दी पूरी दिशा
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि 27 जून को महीने का आखिरी शनिवार था, जिस दिन बैंकों में छुट्टी होती है। ऐसे में जब महिला ने पुलिस को बताया कि वह बैंक से पैसे निकालने गई थी, तो पुलिस टीम को उसकी कहानी पर शक गहरा गया। इसी एक बात ने पूरे मामले की दिशा बदल दी और पुलिस ने महिला से कड़ी पूछताछ शुरू की। पूछताछ में विनीता ने कबूल किया कि पति की रोज-रोज की प्रताड़ना से तंग आकर उसने नशे में खटिया पर लेटे अवधेश को मारने की योजना बनाई। उसने कथरी में पेट्रोल डालकर आग लगा दी और खुद घर से बाहर निकल गई। नशे में धुत अवधेश खटिया से उठकर भाग तक नहीं पाया और उसी आग में बुरी तरह झुलस गया, जिससे रास्ते में उसकी मौत हो गई। पूरी सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने विनीता को गिरफ्तार कर लिया और अदालत में पेश कर जेल भेज दिया।













