उत्तर प्रदेश के चुनावी अखाड़े में इंडिया गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान तेज हो गई है। प्रतापगढ़ से समाजवादी पार्टी के सांसद शिवपाल सिंह पटेल ने अपनी सहयोगी पार्टी कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि कांग्रेस को 50 से अधिक सीटें सौंपने का सीधा मतलब चुनाव परिणाम आने से पहले ही उन सीटों पर शिकस्त स्वीकार करने जैसा होगा।
सीट शेयरिंग पर समाजवादी पार्टी सांसद की दो टूक
शिवपाल सिंह पटेल ने गठबंधन के भविष्य और यूपी में चुनावी रणनीति पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य की जमीनी सियासत में समाजवादी पार्टी की तुलना में कांग्रेस का जनाधार बेहद कमजोर है। सांसद के मुताबिक, अगर गठबंधन में कांग्रेस को 50 से अधिक सीटें दी जाती हैं, तो यह सीधे तौर पर चुनावी नुकसान साबित होगा, क्योंकि पार्टी के पास राज्य में जीतने की ताकत नहीं बची है।
राहुल गांधी की 2024 उम्मीदवारी पर गंभीर टिप्पणी
सांसद पटेल ने 2024 के आम चुनावों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी 2024 के चुनाव में अमेठी छोड़कर हट गए थे और वह काफी सहमे हुए थे। सांसद का कहना है कि उस वक्त राहुल गांधी रायबरेली से भी मैदान में उतरने के पक्ष में नहीं थे और उन्होंने केवल दक्षिण भारत से चुनाव लड़ने का मन बना लिया था।
अखिलेश यादव के समझाने के बाद लड़े थे चुनाव
शिवपाल सिंह पटेल के अनुसार, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने जब राहुल गांधी से बात की और उन्हें समझाया, तब जाकर वह रायबरेली से पर्चा भरने के लिए राजी हुए थे। उन्होंने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपने पूरे संगठन और कार्यकर्ताओं की ताकत झोंकी, जिसके चलते राहुल गांधी को रायबरेली सीट पर जीत हासिल हुई। सांसद ने जोर देकर कहा कि जमीनी हकीकत को देखते हुए उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का अपना कोई मजबूत आधार नहीं दिखता।



















