SIT की जांच लगभग पूरी, रिपोर्ट सीएम योगी को सौंपने की तैयारी
अयोध्या के राम मंदिर में दान की रकम के कथित दुरुपयोग की जांच कर रही तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने अपना काम लगभग पूरा कर लिया है। SIT बीते शनिवार की रात अयोध्या से लखनऊ के लिए रवाना हो गई। जांच टीम ने करीब 140 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है, जिसे आज सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंपा जा सकता है। हालांकि SIT के करीब 20 सहयोगी सदस्य अभी भी राम जन्मभूमि परिसर में मौजूद हैं और पल-पल की जानकारियां इकट्ठा कर रहे हैं।
चंपत राय से चार बार हुई पूछताछ, शनिवार को तीन घंटे बंद कमरे में चला सवाल-जवाब
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से इस पूरे मामले में अब तक चार बार पूछताछ हो चुकी है। बीते शनिवार को भी करीब तीन घंटे तक बंद कमरे में वीडियोग्राफी के साथ उनसे सवाल-जवाब हुए। सूत्रों का कहना है कि SIT को चढ़ावे में चोरी के पुख्ता सबूत मिल गए हैं। इस मामले में कई लोगों पर गाज गिर सकती है और कई सेवादारों की छुट्टी भी संभव है।
नियुक्तियां और सुरक्षा इंतजाम भी जांच के दायरे में
SIT की जांच अब केवल दान के पैसे तक सीमित नहीं रही। जनवरी 2024 में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद मंदिर में की गई नियुक्तियां, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक फैसलों को भी जांच के दायरे में लाया गया है। जांच में यह देखा जा रहा है कि कई नियुक्तियां बिना पूरी स्क्रीनिंग प्रक्रिया के की गई हो सकती हैं। भर्ती के तरीकों, रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया और फैसले लेने के तरीकों की भी बारीकी से समीक्षा हो रही है।
फिलहाल राम मंदिर में करीब 800 कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें से लगभग 200 को सीधे ट्रस्ट ने नियुक्त किया है। लॉकर सुविधा, सुरक्षा सेवा, जूता-चप्पल काउंटर और साफ-सफाई जैसे काम प्राइवेट एजेंसियों के कर्मचारी संभालते हैं। यज्ञ स्थल पर तैनात वॉलंटियर, तीर्थयात्री सुविधा केंद्रों, सर्विस सेंटरों, पास काउंटरों और अकाउंट्स ऑफिस में काम करने वाले सैलरी कर्मचारी तथा मंदिर के पुजारियों को ट्रस्ट ने ही नियुक्त किया है। ट्रस्ट ऑफिस ने कई अहम दस्तावेज जांच टीम को सौंपे हैं, जिनकी अभी समीक्षा चल रही है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका के बारे में अभी कोई आधिकारिक नतीजा घोषित नहीं किया गया है।
CCTV फुटेज से लेकर बैंकिंग रिकॉर्ड तक सब बारीकी से खंगाले
SIT ने CCTV फुटेज, कैश गिनती के रिकॉर्ड और बैंकिंग दस्तावेजों की गहराई से जांच की है। यह जानने की कोशिश की गई कि स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पालन हुआ या नहीं, और प्रक्रिया के किसी भी चरण में हेरफेर तो नहीं हुई। दान पेटी से बैंक में जमा होने तक के पूरे सफर को फिर से समझा गया और हर कदम पर संभावित गड़बड़ी की पड़ताल की गई। जांच केवल कथित गबन पर नहीं, बल्कि चढ़ावे को संभालने की पूरी प्रणाली और निगरानी तंत्र पर भी केंद्रित रही।
जांच के दौरान शक के दायरे में आए कई लोगों से विस्तार से पूछताछ हुई। कई लोगों को अपने दावों के समर्थन में दस्तावेजों के साथ SIT के सामने पेश होने के लिए भी कहा गया है।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इस मामले में सपा मुखिया अखिलेश यादव के बयान का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और उनका परिवार राम द्रोही है और उन्हें श्री राम जन्मभूमि के मामले में कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की तीन सदस्यीय SIT जांच कर रही है और जांच का जो भी निष्कर्ष निकलेगा, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री संजय निषाद बोले, धार्मिक संस्थाओं के लिए सख्त कानून जरूरी
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि धार्मिक संस्थाओं के नाम पर जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ और धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस मामले में संज्ञान लेकर जांच शुरू कराई है और लोकतंत्र में जांच एक महत्वपूर्ण और संवैधानिक प्रक्रिया है। जांच के बाद दोषियों को सख्त सजा मिलेगी। निषाद ने यह भी कहा कि ट्रस्ट का मतलब ही विश्वास होता है, चाहे वह मंदिर हो, मस्जिद हो या चर्च।
योग दिवस पर अयोध्या पहुंचे राठौर, बोले पाई-पाई का लेंगे हिसाब
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर अयोध्या पहुंचे और राम की पैड़ी पर आयोजित योग कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दान घोटाले पर कहा कि दान की पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। राठौर ने माना कि बैंक कर्मचारियों और गणना कर्मचारियों को गड़बड़ी करने का अवसर मिला और राम मंदिर ट्रस्ट को भी अधिक सजग और सतर्क रहना चाहिए था, ताकि ऐसी स्थिति पैदा न होती।
राठौर ने याद दिलाया कि राम मंदिर निर्माण के लिए लाखों लोगों ने संघर्ष किया और बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर विषय है।













