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थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने लखनऊ में मध्य कमान की युद्धक तैयारियों और बुनियादी ढांचे का जायजा लियाउत्तर प्रदेश
5 अग॰ 2026, 2:44 pm (3 घंटे पहले)· 2

थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने लखनऊ में मध्य कमान की युद्धक तैयारियों और बुनियादी ढांचे का जायजा लिया

थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 4 और 5 अगस्त को मध्य कमान के दो दिवसीय दौरे के दौरान लखनऊ और उत्तर भारत एरिया मुख्यालय में सैन्य तैयारियों, बुनियादी ढांचे के विकास और आधुनिकीकरण का गहन जायजा लिया।

भारतीय सेना की युद्धक तैयारियों को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 4 और 5 अगस्त को सेना की मध्य कमान का दो दिवसीय व्यापक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित मध्य कमान मुख्यालय सहित विभिन्न सैन्य संरचनाओं में जाकर परिचालन स्थिति, आधुनिकीकरण की प्रक्रियाओं और बुनियादी ढांचे के विकास का गहन जायजा लिया।

लखनऊ और उत्तर भारत एरिया मुख्यालय में सुरक्षा समीक्षा

दो दिवसीय दौरे के दौरान सेना प्रमुख को लखनऊ स्थित मध्य कमान मुख्यालय में कमान की वर्तमान परिचालन स्थिति, सैन्य आधुनिकीकरण के लिए जारी पहलों तथा युद्धक तैयारियों को धार देने वाले विभिन्न कदमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसके पश्चात उन्होंने उत्तर भारत एरिया मुख्यालय का रुख किया, जहां उन्होंने वरिष्ठ सैन्य कमांडरों और जवानों के साथ संवाद किया। इस बातचीत में उन्होंने मौजूदा सुरक्षा परिदृश्य, परिचालन की तत्परता और क्षमता संवर्धन के लिए चल रही परियोजनाओं का बारीकी से मूल्यांकन किया।

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सैनिकों को सतर्कता और आत्मनिर्भरता का संदेश

लखनऊ स्थित मध्य कमान मुख्यालय में सभी रैंकों के सैन्यकर्मियों को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख ने बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल के अनुरूप ढलने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा, "ऑपरेशनल तैयारी, बदलती परिस्थितियों के अनुरूप ढलने की क्षमता और आत्मनिर्भरता ही सैन्य प्रभावशीलता की आधारशिला हैं।" उन्होंने सभी जवानों से हमेशा सतर्क रहने, परिचालन स्तर पर त्वरित निर्णय लेने और भविष्य में आने वाली किसी भी सुरक्षा चुनौती का डटकर मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का आह्वान किया। सेना प्रमुख का यह दौरा रक्षा क्षेत्र में तकनीकी सशक्तिकरण, स्वदेशी क्षमताओं के विकास और भविष्य के लिए तैयार सैन्य बल के निर्माण के प्रति सेना की प्रतिबद्धता को उजागर करता है।

दिग्गजों को मिला योद्धा सेवा सम्मान

इस विशेष आयोजन के दौरान सेना प्रमुख ने सेना से सेवानिवृत्त हुए चार सम्मानित दिग्गजों को उनकी उत्कृष्ट राष्ट्र सेवा के लिए योद्धा सेवा सम्मान से अलंकृत किया। सम्मानित होने वाले पूर्व सैन्यकर्मियों में शामिल हैं

  • सेवानिवृत्त मेजर जनरल हर्ष काकर: सामाजिक कार्य और कल्याणकारी गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान।
  • सेवानिवृत्त कर्नल अरविंद सिंह कुशवाहा: शिक्षा, स्वास्थ्य और पूर्व सैनिकों के उत्थान के क्षेत्र में समर्पित सेवा।
  • सेवानिवृत्त नायब सूबेदार राधे श्याम: पर्यावरण संरक्षण और कृषि सुधार अभियानों में सक्रिय भूमिका।
  • मानद कैप्टन और सेवानिवृत्त रिसालदार मेजर विजय कुमार: खेलकूद के विकास और सामुदायिक कल्याण में अनुकरणीय कार्य।

यह सम्मान इस बात का प्रतीक है कि भारतीय सेना के जवान सक्रिय सेवा समाप्त होने के बाद भी सामाजिक सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, कृषि और खेल के माध्यम से देश के निर्माण में निरंतर योगदान देते रहते हैं।

पूर्वोत्तर राज्यों में सुरक्षा और राहत कार्यों की समीक्षा

मध्य कमान के इस दौरे से ठीक पहले, सेना प्रमुख ने देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में सुरक्षा हालात की विस्तृत समीक्षा की थी। वह 28 और 29 जुलाई को पूर्वी थिएटर के दो दिवसीय दौरे पर रहे थे, जहां उन्होंने मणिपुर की जमीनी सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की थी। उस दौरान उन्होंने पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए जारी सैन्य अभियानों और विभिन्न सैन्य संरचनाओं की परिचालन तैयारियों का जायजा लिया था। इसके अलावा उन्होंने पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में चल रहे बाढ़ राहत अभियानों की प्रगति की भी समीक्षा की थी।

सवाल-जवाब

थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने मध्य कमान का दौरा कब किया?
थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 4 और 5 अगस्त को मध्य कमान की विभिन्न सैन्य संरचनाओं का दो दिवसीय दौरा किया।
सेना प्रमुख ने लखनऊ में किन मुख्य पहलुओं की समीक्षा की?
उन्होंने मध्य कमान मुख्यालय और उत्तर भारत एरिया मुख्यालय में परिचालन स्थिति, बुनियादी ढांचे के विकास, आधुनिकीकरण की पहलों और युद्धक तैयारियों का जायजा लिया।
योद्धा सेवा सम्मान से किन दिग्गजों को सम्मानित किया गया?
सेना प्रमुख ने सेवानिवृत्त मेजर जनरल हर्ष काकर, सेवानिवृत्त कर्नल अरविंद सिंह कुशवाहा, सेवानिवृत्त नायब सूबेदार राधे श्याम तथा मानद कैप्टन एवं सेवानिवृत्त रिसालदार मेजर विजय कुमार को सम्मानित किया।
पूर्व सैन्यकर्मियों को यह सम्मान किस योगदान के लिए दिया गया?
उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, खेल और पूर्व सैनिक कल्याण के क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
मध्य कमान के दौरे से पहले सेना प्रमुख ने किस क्षेत्र की सुरक्षा समीक्षा की थी?
उन्होंने 28 और 29 जुलाई को पूर्वोत्तर भारत (पूर्वी थिएटर) का दौरा कर मणिपुर के सुरक्षा हालात, सैन्य तैयारियों और बाढ़ राहत अभियानों की समीक्षा की थी।
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