अचानक घर आ गए मेहमानों को मीठा परोसना हो या मन में झट से पेड़े खाने की इच्छा जाग जाए, तो अब बाजार भागने या घंटों मावा बनाने में उलझने की जरूरत नहीं रहती। रसोई में मौजूद दूध, मिल्क पाउडर, चीनी और कुछ ड्राई फ्रूट्स से महज 10 मिनट में मुलायम और स्वादिष्ट पेड़े तैयार किए जा सकते हैं। इंस्टाग्राम अकाउंट 'वृंदा की रसोई' (@vrinda_magic_kitchen_) पर माधु ने यह झटपट रेसिपी शेयर की है, जो कम मेहनत में घर की बनी मिठाई का स्वाद चाहने वालों के लिए बेहद काम की है।
सबसे पहले तैयार करें ड्राई फ्रूट्स का पाउडर
इस मिठाई का असली स्वाद और खुशबू एक खास पाउडर से आती है, जिसे सबसे पहले तैयार करना होता है। मिक्सर जार में करीब 1/4 कप चीनी, 6 से 7 काजू, 6 से 7 बादाम और 2 से 3 हरी इलायची के दाने डालकर बारीक पीस लें। ध्यान रहे कि इन्हें जरूरत से ज्यादा देर तक न पीसें, क्योंकि ऐसा करने पर ड्राई फ्रूट्स से तेल छूटने लगता है और पाउडर चिपचिपा हो सकता है। जितना बारीक और सूखा यह पाउडर बनेगा, पेड़े का टेक्सचर उतना ही बढ़िया आएगा।
दूध गरम करके घोलें पाउडर, फिर तैयार करें मिल्क पाउडर का मिश्रण
अब एक भारी तले की कड़ाही गैस पर रखें और उसमें 1 कप दूध डालकर धीमी आंच पर हल्का गरम करें, तेज आंच का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। दूध गरम होते ही उसमें तैयार चीनी और ड्राई फ्रूट्स वाला पाउडर मिला दें और चम्मच से लगातार चलाते रहें, इससे चीनी अच्छी तरह घुल जाती है और मिश्रण कड़ाही के तले में चिपकने से भी बचता है। कुछ मिनट चलाते रहने पर दूध हल्का गाढ़ा नजर आने लगता है।
इसी बीच एक अलग कटोरी में 1/4 कप गुनगुना पानी लेकर उसमें 1 कप मिल्क पाउडर डालें और अच्छी तरह फेंट लें, जब तक इसमें कोई बड़ी गांठ न रह जाए। मिल्क पाउडर को सीधे गरम दूध में मिलाने के बजाय पहले पानी में घोलना एक जरूरी ट्रिक है, इससे मिश्रण ज्यादा स्मूथ बनता है और अंत में पेड़े की कंसिस्टेंसी भी बेहतर आती है।
कड़ाही छोड़ने तक पकाएं मिश्रण
तैयार मिल्क पाउडर का घोल अब दूध वाली कड़ाही में डाल दें और गैस को धीमी से मध्यम आंच पर रखकर मिश्रण को लगातार चलाते रहें। शुरुआत में यह घोल काफी पतला महसूस होगा, लेकिन कुछ मिनट पकाने के बाद यह धीरे-धीरे गाढ़ा होने लगता है। इसी दौरान करीब 1 छोटा चम्मच देसी घी मिला दें, घी मिश्रण को चिकनाई और हल्की चमक देता है और साथ ही इसे कड़ाही से आसानी से अलग होने में मदद करता है।
जब मिश्रण कड़ाही की दीवारें छोड़ने लगे और एक जगह इकट्ठा होकर नरम आटे जैसा दिखने लगे, तो समझ लें कि यह लगभग तैयार हो चुका है। चाहें तो स्वाद और रंगत के लिए इसमें थोड़ा केसर का पानी मिला सकते हैं, जबकि फूड कलर डालना पूरी तरह वैकल्पिक है। मिश्रण को जरूरत से ज्यादा देर तक न पकाएं, क्योंकि इससे नमी उड़ जाती है और पेड़े सख्त हो जाते हैं, जबकि इन्हें सॉफ्ट रहना ही सबसे जरूरी है। तैयार होते ही गैस बंद कर दें और मिश्रण को एक प्लेट में निकालकर कुछ देर हल्का ठंडा होने दें।
हाथों से आकार दें और सजाएं पेड़े
मिश्रण जब हल्का गुनगुना रह जाए, तब हथेलियों पर थोड़ा घी लगा लें ताकि मिश्रण चिपके नहीं। इसके बाद छोटी-छोटी लोइयां तोड़कर उन्हें गोल आकार दें और हल्के हाथ से दबाकर पेड़े जैसी शक्ल दें। इसी तरह पूरे मिश्रण से पेड़े तैयार कर लें। ऊपर से सजावट के लिए बारीक कटे पिस्ते, कतरे हुए बादाम या सूखी गुलाब की पंखुड़ियां लगाई जा सकती हैं, और अगर मौका खास हो तो थोड़ा चांदी का वर्क भी लगाया जा सकता है।
कम सामान, कम समय, फिर भी पूरा स्वाद
इस रेसिपी की सबसे बड़ी खूबी यही है कि पारंपरिक तरीके से घंटों दूध पकाकर मावा तैयार करने का झंझट इसमें बिल्कुल नहीं है। सामान्य तौर पर मावा बनाने में जितना वक्त और मेहनत लगती है, इस तरीके में उसकी कोई जरूरत नहीं पड़ती। दूध, मिल्क पाउडर और ड्राई फ्रूट्स के इस मेल से बना मिश्रण मिठाई को भरपूर स्वाद और खुशबू दे देता है, वह भी बेहद कम सामान और मुश्किल से 10 मिनट के अंदर। अचानक आए मेहमानों को मीठे में कुछ खास परोसना हो या घर में ही झटपट कुछ मीठा बनाने का मन हो, तो यह रेसिपी हर बार भरोसेमंद साबित हो सकती है।


















