दिल्ली में एक इमारत गिरने से कई लोगों की जान चली गई, जिसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने बचाव कार्य जारी रहने की जानकारी देते हुए पीड़ितों को हरसंभव मदद पहुंचाने का भरोसा दिलाया।
राजनाथ सिंह ने क्या कहा
राजनाथ सिंह ने अपनी पोस्ट में लिखा कि दिल्ली में इमारत गिरने से कीमती जानें जाना बेहद पीड़ादायक है और इस दुख की घड़ी में उनकी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। उन्होंने बताया कि बचाव अभियान चल रहा है और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता दी जा रही है, साथ ही उन्होंने सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना भी की।
घटना और उसका असर
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब दिल्ली में इमारतों और आवासीय ढांचों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। घटना के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू किया। हादसे की वजह अभी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं की गई है और इसकी जांच जारी बताई जा रही है।
छात्रावास और सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इसी हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हर छात्र की जान कीमती है, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने दिल्ली में छात्रों के लिए किफायती और सुरक्षित आवास की कमी के मुद्दे को भी उठाया, जिससे यह बहस छिड़ गई कि राजधानी में पुराने और जर्जर भवनों में रहने को मजबूर छात्रों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे हादसे
दिल्ली में इस तरह की घटनाएं नई नहीं हैं। इससे पहले सैदुलाजाब में इमारत गिरने और हौज़ रानी में आग लगने की घटनाओं में जान गंवाने वाले परिवारों को दिल्ली सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी गई थी और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया था। इसके बावजूद राजधानी में असुरक्षित इमारतों से जुड़े हादसे थमे नहीं हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
राजनाथ सिंह की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई लोगों ने पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई, वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि सिर्फ शोक जताने के बजाय सरकार असुरक्षित इमारतों और छात्रों के आवास को लेकर ठोस नीति कब लाएगी।


























