उत्तर प्रदेश विधान परिषद में समाजवादी पार्टी ने अपना विधायी नेतृत्व बदलते हुए सीतापुर के पार्टी नेता मोहम्मद जासमीर अंसारी को नया नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया है। पार्टी नेतृत्व ने विधान परिषद के सभापति को औपचारिक पत्र भेजकर लाल बिहारी यादव के स्थान पर जासमीर अंसारी को नेता विरोधी दल के पद पर नामित करने का अनुरोध किया है। पार्टी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, लाल बिहारी यादव ने इस पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया था, जिसके बाद यह नया निर्णय लिया गया।
विवादित बयान के बाद शुरू हुआ घटनाक्रम
इस बड़े फेरबदल की पृष्ठभूमि में लाल बिहारी यादव का हालिया बयान रहा, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में विवाद खड़ा हो गया था। सामने आए एक वीडियो में वे कथित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं से कहते नजर आ रहे थे कि अगर पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव किसी के भी नाम का संकेत दें, चाहे कुत्ते के गले में घंटी बांधकर भेज दिया जाए, तो भी वोट उसी को मिलना चाहिए। इस सार्वजनिक टिप्पणी के बाद दल के भीतर और बाहर असंतोष की स्थिति बनी, जिसके बाद उन्होंने नेता प्रतिपक्ष पद से हटने का कदम उठाया।
सीतापुर के जासमीर अंसारी को मिली जिम्मेदारी
सपा विधान परिषद सदस्य जासमीर अंसारी सीतापुर के निवासी हैं और उच्च सदन में पार्टी का एक प्रमुख चेहरा माने जाते हैं। विधान परिषद सभापति को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि लाल बिहारी यादव की जगह अब मोहम्मद जासमीर अंसारी सदन में पार्टी की अगुवाई करेंगे। नवंबर महीने में कार्यकाल से जुड़े बदलावों और आगामी विधायी सत्रों को देखते हुए समाजवादी पार्टी का यह संगठनात्मक निर्णय राज्य के सियासी समीकरणों की दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है।
























