दक्षिण-पश्चिम मानसून जैसे-जैसे देश के भीतर अपना दायरा बढ़ा रहा है, वैसे-वैसे कई राज्यों में बारिश का सिलसिला तेज होता जा रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत के बड़े हिस्से के लिए यह खबर राहत भरी है, क्योंकि बीते दिनों की झुलसा देने वाली गर्मी से अब छुटकारा मिलता दिख रहा है। मौसम विभाग का आकलन है कि एक पश्चिमी विक्षोभ के असर से इस क्षेत्र का तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
आज उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम
IMD के अनुसार 15 जून यानी आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसमान पर बादलों का डेरा रह सकता है। कई जगहों पर तेज हवाएं चलने और बादलों की गरज के साथ हल्की बौछारें पड़ने के आसार हैं। यही पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश के पारे को नीचे खींच रहा है, जिसकी वजह से फिलहाल ठंडक का एहसास हो रहा है।
पूर्वांचल में भारी बारिश की चेतावनी
पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए मौसम विभाग ने सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। IMD ने कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, गोरखपुर, संतकबीरनगर, देवरिया, मऊ, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर और सोनभद्र में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ भारी बारिश की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। खासकर वाराणसी और गोरखपुर के लिए बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट पर खास नजर रखी जा रही है।
नोएडा-गाजियाबाद समेत पश्चिमी जिलों में येलो अलर्ट
राजधानी से सटे और पश्चिमी हिस्से के जिलों को येलो अलर्ट के दायरे में रखा गया है। इनमें सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, महामायानगर, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, जालौन, झांसी, ललितपुर और महोबा शामिल हैं, जहां आंधी-तूफान और बारिश की आशंका है।
कब तक रहेगी यह ठंडक
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि 14 जून से प्रदेश में बारिश और आंधी की गतिविधियां धीरे-धीरे थमने लगेंगी। आने वाले कुछ दिनों के लिए किसी बड़े मौसम अलर्ट की आशंका नहीं जताई गई है। विभाग के मुताबिक अभी जो ठंडक लोग महसूस कर रहे हैं, वह एक-दो दिन में खत्म हो सकती है, यानी राहत का यह दौर ज्यादा लंबा नहीं चलने वाला।
मध्य भारत — मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ
मध्य भारत की बात करें तो सोमवार को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं तेज हवाओं के साथ आंधी और बारिश होने के आसार हैं। छत्तीसगढ़ में भी कई स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज होने का अनुमान लगाया गया है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून सबसे सक्रिय
देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्से में मानसून सबसे ज्यादा सक्रिय रहने की उम्मीद है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। वहीं असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक बारिश का दौर आगे भी जारी रहने के आसार बने हुए हैं।













