उत्तर प्रदेश में मानसून के आगमन में हो रही देरी की वजह से लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि राज्य के मैदानी इलाकों के साथ-साथ तराई क्षेत्र भी अब कड़कड़ाती धूप और गर्म हवाओं की चपेट में आ गए हैं। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के करीब 39 जिलों में लू (हीटवेव) का येलो अलर्ट जारी किया है।
तापमान का नया रिकॉर्ड और प्रभावित क्षेत्र
रविवार को राज्य के कई हिस्सों में पारा सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया। आंकड़ों के अनुसार, बांदा सबसे गर्म स्थान रहा जहां अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके ठीक बाद प्रयागराज में 42.5 डिग्री सेल्सियस, वाराणसी में 42.4 डिग्री सेल्सियस और झांसी में 41.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। तराई के बहराइच और लखीमपुर खीरी के साथ-साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर और वाराणसी जैसे जिले लगातार दूसरे दिन भी लू की मार झेलते रहे।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान और राहत की उम्मीद
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पूर्वी और तराई इलाकों सहित उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अगले तीन दिनों तक तीव्र गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहने की आशंका है। हालांकि, इसके बाद राज्य में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय होने की संभावना है, जिससे लोगों को इस झुलसा देने वाली गर्मी से राहत मिल सकती है। फिलहाल अगले दो दिनों तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी से कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है।
येलो अलर्ट के दायरे में आने वाले 39 जिले
मौसम विभाग ने जिन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, उनमें बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, और अंबेडकरनगर के साथ-साथ उनके आस-पास के इलाके शामिल हैं।













