मथुरा जिले की हाईवे थाना पुलिस और आगरा एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नशे के कारोबार के विरुद्ध बड़ी सफलता दर्ज की है। गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा टीमों ने अंतरजनपदीय नशा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। चेकिंग के दौरान आरोपियों के कब्जे से 1 किलोग्राम शुद्ध हेरोइन और परिवहन में इस्तेमाल की जा रही एक स्कूटी जब्त की गई। पुलिस के अनुसार, जब्त की गई इस हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत तकरीबन 2 करोड़ रुपये है। रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद इलाके में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों में हड़कंप मच गया है।
गुप्त सूचना के आधार पर मंडी क्षेत्र में हुई घेराबंदी
नशीले पदार्थों की तस्करी की रोकथाम के लिए पुलिस और ANTF की टीमों को एक गोपनीय इनपुट प्राप्त हुआ था। सूचना में बताया गया था कि स्कूटी पर सवार दो व्यक्ति मादक पदार्थों की बड़ी खेप लेकर मथुरा सीमा में दाखिल होने वाले हैं। इस खबर के मिलते ही ANTF अधिकारियों ने हाईवे थाने के पुलिस बल के साथ मिलकर मंडी इलाके के नजदीक सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। जैसे ही संदिग्ध स्कूटी सवार वहां पहुंचे, मुस्तैद पुलिस टीम ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और तुरंत अपनी कस्टडी में ले लिया।
कासगंज से लाई गई थी खेप, अलीगढ़ के रहने वाले हैं आरोपी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अलीगढ़ जिले के थाना ऊपरकोट क्षेत्र के रहने वाले इमरान और शहबाज़ के रूप में की गई है। दोनों लंबे समय से अलग-अलग जिलों के बीच नशे की खरीद-फरोख्त का काम कर रहे थे। तलाशी के दौरान उनके पास से 1 किलो फाइन क्वालिटी हेरोइन मिली, जिसकी वैल्यू 2 करोड़ रुपये है। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने नशे की यह खेप कासगंज जिले से हासिल की थी। वे इसे मथुरा लाकर यहां के लोकल बायर्स को सप्लाई करने की योजना बना रहे थे, लेकिन माल की डिलीवरी से पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए।
NDPS एक्ट में केस दर्ज, पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईवे थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन अब केवल इन दो तस्करों तक सीमित न रहकर इस रैकेट की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। जांच अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि कासगंज में मुख्य सप्लायर कौन है और मथुरा में किन लोगों को यह माल सप्लाई होना था। पुलिस पूरी सप्लाई चेन के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाल रही है ताकि नशा तस्करी के इस पूरे सिंडिकेट को खत्म किया जा सके।



















