उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में पिछले तीन दिनों से जारी लगातार बारिश ने व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। कबरई के राजीव नगर इलाके में स्थित प्राथमिक विद्यालय का पूरा परिसर किसी तालाब में तब्दील हो चुका है। तेज बरसात के बाद हालात इतने बदतर हो गए हैं कि स्कूल के मैदान से लेकर आसपास के रास्तों तक पानी भरा हुआ है। ऐसे जलभराव के बीच छोटे-छोटे बच्चों के लिए स्कूल पहुंचना और कक्षाओं तक जाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं रह गया है। इस गंभीर स्थिति के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा पर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं।
प्राथमिक विद्यालय में जलभराव की गंभीर समस्या
बारिश थमने का नाम नहीं ले रही है और स्कूल के प्रवेश मार्ग से लेकर पूरे परिसर में पानी ही पानी नजर आ रहा है। इस स्थिति के चलते नौनिहालों को स्कूल आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। परिसर में भरे पानी की वजह से फिसलने और अन्य अनहोनी हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है। स्कूल आने वाले बच्चों के माता-पिता भी अपने बच्चों की सुरक्षा और सेहत को लेकर खासे चिंतित नजर आ रहे हैं।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहन बाबू का इस मामले में कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब ऐसी स्थिति पैदा हुई हो। हर साल बरसात के मौसम में स्कूल परिसर जलभराव की चपेट में आ जाता है। उनका दावा है कि इस पुरानी और गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस बार लगातार हो रही बारिश ने हालात को और भी ज्यादा भयावह बना दिया है, जिससे बच्चों की नियमित पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
आंगनबाड़ी केंद्र की खाद्य सामग्री भी हुई खराब
इस प्राथमिक विद्यालय परिसर के भीतर ही एक आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन भी किया जाता है, जिसकी स्थिति इस समय बेहद चिंताजनक बनी हुई है। परिसर में भरे पानी के कारण इस केंद्र के भीतर रखे बच्चों के पोषण से जुड़े खाद्य पदार्थ भी खराब होने लगे हैं। इस स्थिति ने बच्चों की बुनियादी शिक्षा के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और पोषण व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का रोष इस बात पर है कि यदि बारिश शुरू होने से पहले ही उचित जल निकासी के इंतजाम कर लिए जाते, तो हर साल पैदा होने वाले इस जलभराव के संकट से बच्चों को आसानी से बचाया जा सकता था।
प्रशासनिक स्तर पर उठाए जा रहे कदम
इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल मिश्रा ने स्थिति स्पष्ट की है। उनका कहना है कि पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जिले के कुछ निचले इलाकों में स्थित विद्यालयों में पानी भरने की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही है। ऐसे प्रभावित विद्यालयों के विद्यार्थियों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया जा रहा है और परिसरों में युद्ध स्तर पर साफ-सफाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित कराई जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।



















