देश के मौसम में इस समय हलचल बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ताजा जानकारी के अनुसार 17 जून को कई राज्यों में मानसून की गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और इसी का असर पूर्वी, मध्य, दक्षिणी तथा पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों पर दिख रहा है, जहां बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
कहां कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग का आकलन है कि कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इस बारिश का सबसे राहत भरा पहलू यह है कि कई राज्यों में पारा गिरेगा और लोगों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां भी मौसम करवट लेता नजर आएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।
इन जिलों में येलो अलर्ट
IMD ने आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरेया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर के लिए आंधी, गरज-चमक और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हरियाणा के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसकी वजह से प्री-मानसून बारिश हो रही है।
यूपी में कब आएगा मानसून
मानसून अभी उत्तर प्रदेश के बिहार बॉर्डर तक पहुंच चुका है। अनुमान है कि यह झारखंड के रास्ते आगे बढ़ते हुए 20 से 23 जून के बीच यूपी के सोनभद्र जिले से राज्य में प्रवेश कर सकता है। हालांकि इस साल मानसून को लेकर पूरी तरह सकारात्मक संकेत नहीं हैं। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा के मुताबिक इस बार प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म हो रही हैं और हालात अल नीनो की तरफ बढ़ने के संकेत दे रहे हैं, जो आमतौर पर कम बारिश की वजह बनता है। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कमजोर रहने की आशंका है। इसके अलावा जनवरी से मार्च के दौरान उत्तरी गोलार्ध में कम बर्फ जमने का असर भी मानसून पर पड़ सकता है।
स्कूलों की छुट्टी 24 जून तक बढ़ी
दूसरी ओर, भीषण गर्मी और लू के हालात को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश को 24 जून तक बढ़ा दिया है। अब स्कूल 25 जून से दोबारा खुलेंगे, जबकि शिक्षकों को शैक्षणिक तैयारियों के लिए 22 जून से ही विद्यालयों में पहुंचना होगा। योगी सरकार ने सभी जिलों में एक समान अवकाश लागू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि शैक्षणिक सत्र में 220 शिक्षण दिवस पूरे किए जा सकें और बच्चों को पढ़ाई का बेहतर माहौल मिल सके। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर स्कूलों में सामूहिक योग सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।













