देहरादून स्थित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज (आरआईएमसी) में आठवीं कक्षा में प्रवेश पाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना में अधिकारी बनने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए यह संस्थान एक मजबूत नींव का निर्माण करता है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने जुलाई 2027 सत्र के तहत कक्षा 8 में दाखिले की प्रवेश परीक्षा 2026 के संबंध में आधिकारिक सूचना प्रकाशित कर दी है। इसके अनुसार योग्य अभ्यर्थी 1 सितंबर 2026 से 30 सितंबर 2026 की शाम 5:00 बजे तक अपना ऑनलाइन पंजीकरण पूरा कर सकते हैं। सैन्य बलों में करियर बनाने का लक्ष्य रखने वाले छात्रों के लिए इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में समय पर आवेदन करना और इसकी बारीकियों को समझना अनिवार्य है।
महत्वपूर्ण समयसारणी और आवेदन प्रक्रिया
आरआईएमसी में प्रवेश पाने के लिए आवेदन की समयसारणी एनटीए द्वारा स्पष्ट रूप से जारी की गई है। इच्छुक विद्यार्थियों को बिना किसी विलंब शुल्क के ऑनलाइन फॉर्म जमा करने के लिए 1 सितंबर 2026 से 30 सितंबर 2026 तक का समय प्रदान किया गया है, जिसके अंतर्गत अंतिम दिन शाम 5:00 बजे तक ही ऑनलाइन पोर्टल सक्रिय रहेगा। यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित अवधि में फॉर्म नहीं भर पाता है, तो उसके पास 1 अक्टूबर 2026 से 7 अक्टूबर 2026 के बीच विलंब शुल्क का भुगतान करके आवेदन पूरा करने का मौका रहेगा। इस लिखित परीक्षा का आयोजन 6 दिसंबर 2026 को पूरे देश में पेन एंड पेपर यानी ऑफलाइन माध्यम से किया जाएगा।
पात्रता मापदंड: आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता
राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज की इस प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षा में भाग लेने के लिए अभ्यर्थियों को एनटीए द्वारा निर्धारित विशिष्ट पात्रता शर्तों को पूरा करना होता है। इस परीक्षा में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लड़के और लड़कियां, दोनों ही आवेदन करने के पात्र हैं। आयु सीमा की बात करें तो आवेदक की जन्म तिथि 2 जुलाई 2013 से 1 जनवरी 2015 के बीच होनी चाहिए, जिसमें ये दोनों तिथियां भी शामिल हैं। शैक्षणिक योग्यता के दृष्टिकोण से अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कक्षा 7 में अध्ययनरत होना आवश्यक है अथवा वह दाखिले के समय कक्षा 7 उत्तीर्ण कर चुका हो।
परीक्षा पैटर्न और विषयवार न्यूनतम अंक नियम
आरआईएमसी में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा कुल 400 अंकों की होती है। इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल कुल प्राप्तांक ही नहीं, बल्कि विषयवार प्रदर्शन भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। आरआईएमसी के नियमों के अनुसार, प्रत्येक परीक्षार्थी को परीक्षा में शामिल सभी विषयों में व्यक्तिगत रूप से कम से कम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। यदि कोई छात्र किसी एक विषय में भी 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने में सफल नहीं हो पाता है, तो वह अगले चरण की मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाता है। इसलिए छात्रों को सभी विषयों में समान रूप से मजबूत तैयारी की आवश्यकता होती है।
प्रतिस्पर्धा का स्तर और चयन का गणित
राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज की यह प्रवेश परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिस्पर्धी स्कूली स्तर की परीक्षाओं में मानी जाती है। आंकड़ों के अनुसार हर वर्ष देश भर से लगभग 50,000 से 60,000 प्रतिभावान छात्र-छात्राएं इस प्रवेश परीक्षा में भाग लेते हैं। इसके विपरीत सीटों की संख्या बेहद सीमित होती है। हर छह महीने के प्रवेश सत्र (इनटेक) में संपूर्ण भारत से केवल 25 से 30 विद्यार्थियों को ही अंतिम रूप से चुना जाता है, जिसमें राज्यवार और केंद्र शासित प्रदेशों के निर्धारित कोटे की नीतियां लागू होती हैं। इस गणित के अनुसार सफलता की दर 1:2000 से भी अधिक कठिन हो जाती है, अर्थात प्रत्येक एक सीट पर दो हजार से अधिक दावेदार होते हैं।
तीन चरणों वाली चयन प्रक्रिया और तैयारी के टिप्स
आरआईएमसी में अंतिम चयन तीन प्रमुख चरणों को सफलतापूर्वक पार करने के बाद ही संभव हो पाता है। पहला चरण 6 दिसंबर 2026 को आयोजित होने वाली 400 अंकों की लिखित परीक्षा है। लिखित परीक्षा में सफलता पाने वाले मेधावी छात्रों को दूसरे चरण के तहत अप्रैल 2027 में 50 अंकों के मौखिक साक्षात्कार (वाइवा-वॉसी) के लिए आमंत्रित किया जाता है। साक्षात्कार प्रक्रिया को उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को तीसरे चरण में सैन्य अस्पताल में विस्तृत मेडिकल जांच से गुजरना होता है, जहां स्वास्थ्य संबंधी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही दाखिला निश्चित होता है।
इस परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अपनी रणनीति में केवल वस्तुनिष्ठ प्रश्नों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। आरआईएमसी के गणित और अंग्रेजी विषयों के प्रश्नपत्र विवरणात्मक यानी डिस्क्रिप्टिव प्रकृति के होते हैं, जिनमें विस्तृत उत्तर लिखने की आवश्यकता होती है। इसलिए अभ्यर्थियों को रोजाना कम से कम 2 घंटे उत्तर लिखने की गति सुधारने, साफ-सुथरी हस्तलिपि बनाने और गणित के प्रश्नों के चरणबद्ध हल प्रस्तुत करने का अभ्यास करना चाहिए।



















