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तीर्थनगरी में लें असली दक्षिण भारतीय स्वाद का आनंद, ये चार ठिकाने हैं सबसे खासउत्तराखंड
20 अक्तू॰ 2026, 6:45 am (49 मिनट पहले)· 0

तीर्थनगरी में लें असली दक्षिण भारतीय स्वाद का आनंद, ये चार ठिकाने हैं सबसे खास

ऋषिकेश में पारंपरिक दक्षिण भारतीय व्यंजनों के शौकीनों के लिए दशकों पुराने भोजनालयों से लेकर लोकप्रिय फूड कार्ट तक कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं।

गंगा किनारे बसे ऋषिकेश में योग और अध्यात्म के साथ-साथ खानपान के कई बेहतरीन ठिकाने मौजूद हैं, जहां देश के अलग-अलग हिस्सों का पारंपरिक स्वाद चखने को मिलता है। आमतौर पर पहाड़ी और उत्तर भारतीय व्यंजनों के लिए पहचाने जाने वाले इस शहर में दक्षिण भारतीय जायके का भी एक बड़ा और पुराना बाजार तैयार हो चुका है। स्थानीय बाशिंदों से लेकर यहां आने वाले तीर्थयात्रियों और विदेशी सैलानियों के बीच कुरकुरे डोसे, नर्म इडली और तीखे रसम की जबरदस्त मांग रहती है। अगर आप ऋषिकेश की यात्रा पर हैं और प्रामाणिक स्वाद की तलाश में हैं, तो शहर के ये चार प्रमुख भोजन स्थल आपके लिए सबसे मुफीद साबित हो सकते हैं।

मद्रास होटल: पांच दशक पुरानी परंपरा और डोसे की सौ से ज्यादा किस्में

राम झूला मार्ग पर मौजूद मद्रास होटल को इस तीर्थनगरी में दक्षिण भारतीय खानपान की नींव रखने वाला पहला प्रतिष्ठान माना जाता है। इस ऐतिहासिक होटल की शुरुआत वर्ष 1970 में हुई थी, जब ऋषिकेश में गिनती की ही दुकानें संचालित होती थीं। पिछले पचास वर्षों से अधिक समय से यह प्रतिष्ठान अपने पारंपरिक स्वाद और गुणवत्ता के दम पर खानपान के शौकीनों की पहली पसंद बना हुआ है। पुराने दौर से लेकर आज तक यहां मिलने वाले खाने की प्रामाणिकता बरकरार है, जिसके चलते सुबह के नाश्ते से लेकर रात के भोजन तक यहां ग्राहकों का तांता लगा रहता है।

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इस प्रतिष्ठान के मेन्यू की बात करें तो यहां पारंपरिक इडली, मेदु वड़ा, उत्तपम और उपमा के अलावा डोसे का एक बेहद विस्तृत संसार मौजूद है। यहां डोसे की करीब 100 से अधिक किस्में तैयार की जाती हैं, जिनमें पुराने पारंपरिक अंदाज से लेकर आधुनिक फ्यूजन स्वाद तक शामिल हैं। चीज डोसा और चाइनीज डोसा जैसे नए प्रयोग युवा पीढ़ी और बच्चों के बीच खासे पसंद किए जाते हैं। अलग-अलग स्वादों की इतनी बड़ी श्रृंखला होने के कारण ग्राहकों को अपनी मनपसंद डिश चुनने की पूरी आजादी मिलती है।

डोसा डार्लिंग फूड कार्ट: कप्रवाण अस्पताल के पास लाजवाब रसम का केंद्र

सड़क किनारे खड़े होकर ठेठ पारंपरिक अंदाज में भोजन का आनंद लेने वालों के लिए डोसा डार्लिंग फूड कार्ट एक बेहद लोकप्रिय जगह है। कप्रवाण अस्पताल के समीप लगने वाला यह फूड कार्ट सुबह और शाम के तय वक्त पर अपनी सेवाएं देता है। यहां इडली, डोसा, सांभर और अप्पलम जैसी पारंपरिक दक्षिण भारतीय थाली की चीजें पूरी ताजगी के साथ परोसी जाती हैं। इस ठेले पर मिलने वाले हर व्यंजन में दक्षिण भारतीय मसालों का संतुलित और प्रामाणिक स्वाद साफ महसूस किया जा सकता है।

यूं तो इस कार्ट पर मिलने वाली सभी चीजें बेहद स्वादिष्ट हैं, मगर यहां तैयार होने वाले रसम की शोहरत सबसे ज्यादा है। आमतौर पर इडली और डोसे के साथ केवल सांभर परोसा जाता है, लेकिन यहां आने वाले अधिकांश लोग खास तौर पर रसम की चुस्कियां लेने के लिए पहुंचते हैं। दक्षिण भारतीय खानपान में रसम का अपना एक अलग और पाचक महत्व माना जाता है, और इस कार्ट पर मसालों का जो विशेष तालमेल बिठाया जाता है, वह इसके स्वाद को शहर के बाकी ठिकानों से एकदम जुदा और असरदार बना देता है।

रामेश्वरम रसोई: किफायती दाम और खास नारियल चटनी

एम्स गेट नंबर 2 के सामने प्रतिदिन लगने वाली रामेश्वरम रसोई उन लोगों के लिए बेहतरीन ठिकाना है, जो वाजिब दामों में उम्दा भोजन की तलाश में रहते हैं। इस फूड कार्ट की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां स्वादिष्ट खाना खाने के लिए जेब पर बिल्कुल भी भारी बोझ नहीं पड़ता। अगर कोई व्यक्ति सामान्य इडली या डोसा खाकर कुछ अलग चखना चाहता है, तो उसके लिए यहां गरमा-गरम उपमा, कुरकुरा वड़ा और साथ में अप्पलम का बेहतरीन विकल्प मौजूद रहता है।

इस कार्ट की लोकप्रियता का एक बड़ा राज यहां परोसी जाने वाली खास नारियल की चटनी भी है, जिसे विशुद्ध दक्षिण भारतीय शैली में तैयार किया जाता है। इसके साथ मिलने वाले सांभर का जायका भी सामान्य होटलों के सांभर से काफी अलग और गाढ़ा होता है। एम्स के आसपास आने-जाने वाले मरीजों के तीमारदार, छात्र और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में हर रोज यहां पौष्टिक और किफायती नाश्ते का लुत्फ उठाने पहुंचते हैं।

5 स्टेट्स रेस्टोरेंट: जानकी झूला के पास पांच राज्यों का अनूठा संगम

जानकी झूला के समीप स्थित 5 स्टेट्स रेस्टोरेंट अपने बहु-सांस्कृतिक मेन्यू के लिए पर्यटकों के बीच जाना जाता है। इस भोजनालय की विशेषता यह है कि यह एक ही छत के नीचे देश के पांच अलग-अलग राज्यों का प्रामाणिक स्वाद परोसता है। यहां आने वाले अतिथियों के लिए उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान, दक्षिण भारत और बंगाल की पारंपरिक थालियां तैयार की जाती हैं। एक ही मेज पर बैठकर देश के अलग-अलग कोनों के भोजन का आनंद लेना यहां की सबसे बड़ी यूएसपी है, हालांकि अधिकांश ग्राहक यहां दक्षिण भारतीय स्वाद को ही प्राथमिकता देते हैं।

दक्षिण भारतीय मेन्यू में यहां मसाला डोसा, सादा डोसा, इडली, मेदु वड़ा, उत्तपम और उपमा नारियल चटनी व सांभर के साथ उपलब्ध कराए जाते हैं। इडली के शौकीनों के लिए यहां प्लेन इडली के अलावा वेजिटेबल इडली और चाइनीज इडली जैसे फ्यूजन विकल्प भी मिलते हैं। जानकी झूला घूमने आने वाले सैलानियों के बीच यहां की संपूर्ण दक्षिण भारतीय थाली बेहद लोकप्रिय है, क्योंकि एक ही थाली में उन्हें मिनी डोसा, इडली, अप्पलम, वड़ा, सांभर और चटनी का पूरा संयोजन एक साथ मिल जाता है।

सवाल-जवाब

ऋषिकेश का पहला दक्षिण भारतीय होटल कौन सा है और यह कब शुरू हुआ था?
राम झूला मार्ग पर स्थित मद्रास होटल ऋषिकेश का पहला दक्षिण भारतीय होटल माना जाता है, जिसकी शुरुआत साल 1970 में हुई थी।
मद्रास होटल में डोसे की कितनी किस्में मिलती हैं?
मद्रास होटल में डोसे की करीब 100 से अधिक वैरायटी उपलब्ध हैं, जिनमें पारंपरिक डोसे के साथ चीज डोसा और चाइनीज डोसा जैसे फ्यूजन भी शामिल हैं।
ऋषिकेश में प्रामाणिक रसम पीने के लिए कौन सी जगह प्रसिद्ध है?
कप्रवाण अस्पताल के पास सुबह और शाम लगने वाला डोसा डार्लिंग फूड कार्ट अपने खास और प्रामाणिक रसम के लिए जाना जाता है।
रामेश्वरम रसोई फूड कार्ट कहां लगता है और इसकी क्या खासियत है?
रामेश्वरम रसोई रोजाना एम्स गेट नंबर 2 के पास लगता है, जो अपने बेहद किफायती दामों और स्वादिष्ट दक्षिण भारतीय नारियल चटनी के लिए लोकप्रिय है।
जानकी झूला के पास 5 स्टेट्स रेस्टोरेंट में कौन-कौन से राज्यों का खाना मिलता है?
इस रेस्टोरेंट में उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान, दक्षिण भारत और बंगाल की पारंपरिक थालियां परोसी जाती हैं।
5 स्टेट्स रेस्टोरेंट की दक्षिण भारतीय थाली में क्या-क्या शामिल होता है?
यहां की दक्षिण भारतीय थाली में मिनी डोसा, इडली, अप्पलम, वड़ा, सांभर और नारियल चटनी एक साथ परोसी जाती है।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·8 मिनट पहले

ऋषिकेश में योग और अध्यात्म के बीच ऐसा दक्षिण भारतीय जायका मिलना वाकई मजेदार है। राम झूला के पास वाले मद्रास होटल का पचास साल पुराना इतिहास और डोसे की इतनी सारी किस्में सुनकर ही मुंह में पानी आ गया। अगली बार जाना हुआ तो इन ठिकानों पर जरूर रुकूंगा।

Rohan Verma@rohan-verma·8 मिनट पहले

अरे करण भाई, मद्रास होटल वाला डोसा सच में लाजवाब है। अगली बार जाओ तो बताना, साथ में रसम भी ट्राई करेंगे।

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