उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के मुख्य व्यापारिक केंद्र पलटन बाजार में इन दिनों त्योहारों और आगामी वैवाहिक आयोजनों की खरीदारी को लेकर भारी गहमागहमी बनी हुई है। कपड़ों और गहनों की दुकानों के साथ-साथ इस समय फुटवियर की दुकानों पर महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस त्योहारी सीजन में युवतियों और महिलाओं के बीच पारंपरिक बनावट वाली पाकिस्तानी जूतियों का खास क्रेज देखने को मिल रहा है। दुकानों पर सजी यह पारंपरिक जूतियां अपने शाही आकर्षण और नफासत भरे अंदाज के कारण बाजार में आने वाले हर खरीदार को अपनी ओर खींच रही हैं।
पारंपरिक पोशाकों के साथ नफासत भरा अंदाज
बाजार में उपलब्ध इन जूतियों की सबसे बड़ी पहचान इनकी बेहद बारीक और कलात्मक कारीगरी है। भारतीय पारंपरिक परिधानों जैसे सलवार-सूट, भारी लहंगे और साड़ियों के साथ यह फुटवियर पैरों को बेहद सलीकेदार और आकर्षक रूप देते हैं। एथनिक पहनावे के साथ आधुनिक स्टाइल का यह मेल इस वक्त खरीदारी करने आने वालों की प्राथमिक पसंद बन चुका है। बाजार पहुंच रही युवतियां अपने उत्सव परिधानों के साथ मेल खाते रंगों और कॉन्ट्रास्ट शेड्स वाली जूतियों को प्रमुखता से चुन रही हैं।
रेशम, तिल्ला और शीशे की नक्काशीदार कारीगरी
इन जूतियों की भव्य बनावट के पीछे हाथ से की गई बारीक नक्काशी और पारंपरिक कढ़ाई का बड़ा योगदान है। जूतियों की ऊपरी सतह पर सुनहरे तिल्ला वर्क, बहुरंगी रेशमी धागों की कढ़ाई, दबका का काम और बारीक शीशों की कढ़ाई यानी मिरर वर्क किया गया है। यह सघन और चमकदार काम साधारण जूतियों को भी एक रिच और प्रीमियम पहचान देता है, जिससे पहनने वाले के पूरे पहनावे का आकर्षण कई गुना बढ़ जाता है।
मुलायम चमड़ा और गद्देदार इनसोल से मिलता आराम
आमतौर पर फैंसी और भारी नक्काशी वाले फुटवियर के साथ आराम को लेकर समझौता करना पड़ता है, लेकिन इन जूतियों के साथ ऐसा नहीं है। स्थानीय दुकानदार कल्पना के अनुसार, इन जूतियों के निर्माण में बेहद सॉफ्ट लेदर यानी मुलायम चमड़े और अंदर की तरफ गद्देदार इनसोल का उपयोग किया जाता है। स्पंज और कुशन वाला यह बेस पैरों को कोमलता प्रदान करता है, जिससे घंटों तक चलने या खड़े रहने के बावजूद न तो पैरों में दर्द होता है और न ही छाले पड़ने की कोई परेशानी होती है। सुंदरता के साथ आराम का यह संयोजन महिलाओं को खूब भा रहा है।
हर उम्र के लिए मॉडर्न कट और पारंपरिक विकल्प
ग्राहकों की अलग-अलग प्राथमिकताओं को देखते हुए पलटन बाजार के व्यापारियों ने इन जूतियों में कई तरह के कट और डिजाइन पेश किए हैं। इनमें आगे से पारंपरिक घुमावदार नोक वाले क्लासिक डिजाइन से लेकर आधुनिक बैकलेस पैटर्न और पूरी तरह से कवर रहने वाले स्टाइल शामिल हैं। यह विविधता कॉलेज जाने वाली लड़कियों से लेकर परिवार की वरिष्ठ महिलाओं तक सभी को आकर्षित कर रही है। ग्राहक अपनी सुविधा और ड्रेस की जरूरत के अनुसार अपने पसंदीदा विकल्प चुन रहे हैं।
किफायती दाम और त्योहारों का लेटेस्ट स्टॉक
आगामी नवरात्रि, दशहरा और दीपावली पर्व नजदीक होने के कारण कपड़ों के साथ मैचिंग फुटवियर की तलाश तेज हो चुकी है। दुकानदारों ने भी मांग को देखते हुए नया और ताजा स्टॉक मंगाया है, जिससे ग्राहकों को डिजाइनों की बड़ी रेंज मिल रही है। इन जूतियों की लोकप्रियता का एक बड़ा आधार इनकी बेहद किफायती कीमत भी है। बेहद शाही दिखने के बावजूद इनकी शुरुआती कीमत मात्र 250 रुपये है और बेहतरीन कारीगरी वाली जूतियां 700 रुपये तक के दायरे में आसानी से मिल रही हैं। इस बजट-फ्रेंडली रेंज में प्रीमियम लुक मिलने की वजह से आम ग्राहक इन्हें हाथों-हाथ खरीद रहे हैं।
शादियों के ब्राइडल कलेक्शन में भी बनी पहली पसंद
त्योहारों के तुरंत बाद शुरू होने वाले शादी-ब्याह के सीजन को लेकर भी यह जूतियां ब्राइडल कलेक्शन का अहम हिस्सा बन चुकी हैं। भारी कढ़ाई और चमकदार शीशों से सजी जूतियां दुल्हन के लहंगे के साथ शानदार मेल बनाती हैं। खास बात यह है कि सिर्फ दुल्हन ही नहीं, बल्कि ब्राइड्समेड्स और शादी में शामिल होने वाली सहेलियां व रिश्तेदार भी इन जूतियों को बड़े चाव से खरीद रही हैं, जिसके चलते बाजार में इनकी बिक्री लगातार रिकॉर्ड बना रही है।





















