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घाघरा झरने में डूबी मां, मासूम को बचाने कूदी थी पानी मेंपश्चिम बंगाल
3 अक्तू॰ 2026, 10:25 pm (30 मिनट पहले)· 0

घाघरा झरने में डूबी मां, मासूम को बचाने कूदी थी पानी में

पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम स्थित घाघरा झरने में फिसले सात साल के बेटे को बचाने के लिए मां पानी में कूद गई, जहां तेज धारा उसे बहा ले गई जबकि पिता ने बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम जिले में स्थित प्रसिद्ध घाघरा झरने के समीप शनिवार को एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना सामने आई। पिकनिक मनाने पहुंचे एक परिवार का सात वर्षीय बालक अचानक पैर फिसलने के कारण झरने के तेज बहाव में गिर पड़ा। बच्चे को डूबता देख उसकी मां ने बिना सोचे-समझे तत्काल पानी में छलांग लगा दी। मां पानी के भीषण प्रवाह में बह गई, जबकि पिता ने तुरंत पानी में उतरकर अपने बेटे को सकुशल बाहर खींच निकाला। बहरहाल, महिला का अब तक कोई पता नहीं चल सका है और राहत दल उनकी खोज में जुटे हैं।

पर्यटकों के दल के साथ सैर पर निकला था परिवार

शनिवार की सुबह करीब 36 पर्यटकों का एक बड़ा समूह झाड़ग्राम के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करने पहुंचा था। इस दल में शामिल लोग इलाके के विभिन्न होटलों में ठहरे हुए थे। दोपहर के लगभग 12 बजे यह पूरा समूह प्राकृतिक छटा देखने के लिए घाघरा झरने पर पहुंचा था। बारुईपुर इलाके की रहने वाली प्रीति दत्ता अपने पति राजदीप दत्ता और सात वर्षीय बेटे के साथ इसी समूह का हिस्सा थीं। राजदीप एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं और पूरे परिवार के साथ सप्ताहांत बिताने के लिए यहां आए थे।

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तस्वीरें खिंचवाते वक्त अचानक फिसला पैर

घाघरा झरने के किनारे जब पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे थे, उसी समय दत्ता परिवार भी पानी के समीप खड़े होकर तस्वीरें खिंचवा रहा था। माहौल पूरी तरह सामान्य था, परंतु अचानक बच्चे का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे झरने की तेज धारा में जा गिरा। किनारे पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

बेटे के पीछे कूदी मां, पिता ने दिखाई बहादुरी

अपने बच्चे को मौत के मुंह में समाते देख प्रीति दत्ता ने एक पल भी नहीं गंवाया और उसे पकड़ने के लिए सीधे पानी में कूद पड़ीं। इसके तुरंत बाद राजदीप भी दोनों को बचाने के लिए उफनते पानी में उतर गए। राजदीप ने कड़े संघर्ष के बाद अपने सात साल के मासूम बेटे को पकड़कर किनारे खींच लिया और उसकी जान बचा ली। दुर्भाग्यवश, प्रीति को तैरना नहीं आता था और झरने का अत्यधिक तेज बहाव उन्हें दूर बहा ले गया। राजदीप अपनी पत्नी को पकड़ पाने में असमर्थ रहे।

तलाशी अभियान में जुटी पुलिस और आपदा प्रबंधन दल

हादसे की जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही बेलपहाड़ी थाने की पुलिस और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के बचाव कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों ने भी लापता महिला की तलाश में बचाव दलों की सहायता शुरू की। झाड़ग्राम के पुलिस अधीक्षक मानव सिंगला ने इस घटना की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि घाघरा झरने में यह हादसा हुआ है, जिसमें बालक को सुरक्षित निकाल लिया गया है, किंतु उसकी मां का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है और तलाशी अभियान निरंतर चलाया जा रहा है।

सवाल-जवाब

झाड़ग्राम में यह हादसा किस स्थान पर हुआ?
यह हादसा पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम जिले में स्थित घाघरा झरने पर शनिवार को हुआ।
झरने में पानी के बहाव में कौन बह गया?
बारुईपुर निवासी प्रीति दत्ता अपने सात साल के बेटे को बचाने के प्रयास में पानी के तेज बहाव में बह गईं।
बच्चे को सुरक्षित बाहर किसने निकाला?
बच्चे के पिता राजदीप दत्ता ने पानी में उतरकर अपने सात वर्षीय बेटे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
लापता महिला की खोज के लिए कौन-से प्रयास किए जा रहे हैं?
बेलपहाड़ी थाने की पुलिस और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के दल स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से तलाशी अभियान चला रहे हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·16 मिनट पहले

माँ ने बिना सोचे अपनी जान दांव पर लगा दी, ये ममता की पराकाष्ठा है। क्या झरने के पास पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग नहीं थी?

Karan Malhotra@karan-malhotra·16 मिनट पहले

रोहन, ममता की बात तो ठीक है पर उस ग्रुप में छत्तीस लोग थे, फिर भी ऐसा हादसा कैसे हो गया?

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