सितंबर माह के अंतिम पखवाड़े में सामान्यतः मानसून की रवानगी दर्ज की जाती है, परंतु इस वर्ष वातावरण में मौसमी प्रणालियों की सक्रियता बदस्तूर बनी हुई है। मौसम विभाग ने 20 सितंबर की तारीख के लिए एक व्यापक मौसम चेतावनी जारी की है, जिसके दायरे में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत लगभग 18 राज्य शामिल हैं। इन क्षेत्रों में भारी वर्षा के साथ-साथ कई स्थानों पर झोंकेदार हवाओं का रुख देखने को मिलेगा, जिनकी गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इस प्रतिकूल मौसमी गतिविधि के कारण कमजोर ढांचों, पेड़ों और बिजली के तारों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, जबकि पूर्वी भूभाग में आसमानी बिजली और पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन की संभावना जताई गई है।
समुद्री हलचल और वायुमंडलीय परिसंचरण का प्रभाव
मौसम के इस व्यापक बदलाव की मुख्य धुरी बंगाल की खाड़ी तथा निकटवर्ती क्षेत्रों में केंद्रित मौसमी गतिविधियों से बंधी हुई है। अनुमान के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान उत्तरी गुजरात तथा उसके समीपवर्ती आकाश में ऊपरी हवा का एक चक्रवाती परिसंचरण निरंतर क्रियाशील रहेगा। इसके समानांतर, पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों, उत्तरी तटीय ओडिशा और झारखंड के ऊपर भी एक अन्य चक्रवाती घेरा सक्रिय देखा जा रहा है।
इतना ही नहीं, दक्षिण ओडिशा एवं उत्तरी आंध्र प्रदेश के समुद्री तट के निकट एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र आकार ले रहा है, जिसके आगे की ओर बढ़ने का अनुमान है। इस संयुक्त वायुमंडलीय दबाव का सीधा प्रभाव पूर्वी व मध्य भारत के विशाल भूभाग पर पड़ेगा। इसके चलते समुद्र में तेज लहरें उठने की आशंका के मद्देनजर तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को गहरे पानी से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। दक्षिण भारत के छोर पर तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी रुक-रुक कर वर्षा का दौर जारी रहने के आसार हैं।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मौसम का मिजाज
दिल्ली और समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 20 सितंबर के दिन वातावरण में आकस्मिक उथल-पुथल की स्थिति बन सकती है। राजधानी क्षेत्र के लिए बादलों की तेज गड़गड़ाहट, आंधी और भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। इस मौसमी बदलाव के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली हवाएं वातावरण को प्रभावित करेंगी।
सड़कों पर भारी जलभराव से दैनिक यातायात की रफ्तार धीमी पड़ने का अंदेशा बना हुआ है। तापमान के स्तर पर दिल्ली में अधिकतम पारा लगभग 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने की संभावना है। स्थानीय निवासियों को खुले क्षेत्रों में टहलने से बचने तथा पुराने व कमजोर पेड़ों के नीचे शरण न लेने की हिदायत दी गई है।
उत्तर प्रदेश के विस्तृत अंचल में दो दिवसीय चेतावनी
उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों में 20 और 21 सितंबर को आंधी-तूफान और मेघ गर्जन के साथ मूसलाधार वर्षा का सिलसिला खिंचने की संभावना है। पश्चिमी भाग से लेकर पूर्वी अंचल तक फैले मेरठ, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, अलीगढ़, आगरा और मथुरा में मौसमी दबाव का भारी असर दिखाई देगा।
मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कानपुर, उन्नाव, इटावा, हाथरस, हरदोई, रायबरेली, हमीरपुर, सुल्तानपुर, आजमगढ़, अयोध्या, गोरखपुर तथा प्रयागराज में भी व्यापक बारिश के संकेत हैं। प्रांतीय राजधानी लखनऊ में 20 सितंबर को दिन का उच्चतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और रात का न्यूनतम पारा 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास सिमटने का अनुमान है। खुले खेतों और बागानों में काम कर रहे किसानों को आंधी के झोंकों के दौरान विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
बिहार में वज्रपात और अंधड़ का दोहरा जोखिम
बिहार के कई जिलों में 20 सितंबर को वायुमंडलीय अस्थिरता चरम पर पहुंच सकती है। पटना, गया, जहानाबाद, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण में गरज-चमक के साथ जोरदार बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
राज्य के उत्तरी व पूर्वी भूभाग के अंतर्गत वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, सुपौल, मधुबनी, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, भागलपुर, मुंगेर, लखीसराय, खगड़िया तथा बेगूसराय में भी आंधी और वज्रपात की चेतावनी सक्रिय की गई है। पटना का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। आकाशीय बिजली से बचाव हेतु खुले मैदानों से हटकर पक्के मकानों में शरण लेने की सलाह दी गई है।
झारखंड में 22 सितंबर तक जारी रहेगा बौछारों का दौर
झारखंड के पठारी क्षेत्रों में मौसम की यह तल्खी 20 से लेकर 22 सितंबर तक खिंच सकती है। राज्य के प्रमुख औद्योगिक व प्रशासनिक केंद्रों जैसे रांची, जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद, देवघर, रामगढ़, खूंटी, हजारीबाग, गिरिडीह, पलामू, चतरा, दुमका, सिमडेगा, गुमला, लातेहार और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश और तूफानी हवाओं का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। राजधानी रांची में 20 सितंबर के दिन अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम पारा 23 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है। तेज चमक के समय ऊंचे पेड़ों अथवा खंभों के नीचे खड़े होना जानलेवा साबित हो सकता है।
पश्चिम बंगाल और राजस्थान में तेज हवाओं का प्रकोप
पश्चिम बंगाल के तटीय और मैदानी जिलों में 20 सितंबर को आंधी का वेग 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकता है। कोलकाता, हावड़ा, बीरभूम, मालदा, पुरुलिया, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, नादिया, दुर्गापुर और मुर्शिदाबाद में वर्षा की सघनता बढ़ सकती है। कोलकाता महानगर में दिन का तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तथा रात का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का आकलन है।
दूसरी ओर, पश्चिमी सीमांत राज्य राजस्थान में मौसमी झोंके सर्वाधिक उग्र रूप ले सकते हैं। जैसलमेर, बीकानेर, जयपुर, सीकर, झुंझुनू, चूरू, अजमेर, टोंक, सवाई माधोपुर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, धौलपुर एवं भरतपुर में झंझावात की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा छू सकती है। जयपुर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। ऐसी स्थिति में वाहन चालकों को बेहद संभलकर सड़क पर निकलने की जरूरत होगी।





















