घरों में दीमक और जंग की झंझट खत्म करने आई जापानी चौखट, आगरा में बढ़ी मांगशुक्र का कन्या राशि में गोचर 6 नवंबर से: वृषभ, मिथुन, कन्या और धनु राशि के लिए धन और तरक्की के योगदीवाली के बाद हैदराबाद की सड़कों पर उतरते हैं मुर्रा बुल, सदर उत्सव में दिखता है अनोखा अंदाजधनतेरस पर ₹2000 से ₹8000 के बजट में चांदी की उपयोगी खरीदारी के 7 स्मार्ट विकल्पमथुरा के बरसाना और नंदगांव के बीच सदियों से क्यों नहीं होते वैवाहिक संबंध, जानिए पूरी परंपराअक्टूबर 2026 में पैसेंजर कारों की रिकॉर्ड बिक्री, मारुति सुजुकी शीर्ष पर तो टाटा मोटर्स दूसरे पायदान पर पहुंचीकमल की नक्काशी वाली आइवरी साड़ी में नीता अंबानी का जन्मदिन पर ग्रेसफुल अंदाजअमेरिकी मध्यावधि चुनाव में 57 भारतीय मूल के चेहरे दिखाएंगे ताकत, गवर्नर से लेकर मेयर पद तक दावेदारीन्यूजीलैंड दौरे पर भुवनेश्वर कुमार को मौका देना चयनकर्ताओं की बड़ी चूक, इरफान पठान ने उठाए सवालत्योहारी मांग के बीच सोने और चांदी में लौटी चमक, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर वायदा भाव चढ़े
पश्चिम बंगाल में कॉलेज स्ट्रीट से धर्मतला तक सड़क पर उतरने की तैयारी में नितिन नबीन, जानिए क्या है बीजेपी की योजनापश्चिम बंगाल
2 नव॰ 2026, 11:01 am (1 घंटे पहले)· 0

पश्चिम बंगाल में कॉलेज स्ट्रीट से धर्मतला तक सड़क पर उतरने की तैयारी में नितिन नबीन, जानिए क्या है बीजेपी की योजना

कोलकाता में लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के तहत कॉलेज स्ट्रीट से धर्मतला तक होने वाले पैदल मार्च के जरिए बीजेपी कई राजनीतिक लक्ष्यों को साधने की रणनीति बना रही है।

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में कॉलेज स्ट्रीट से शुरू होकर धर्मतला तक निकलने वाली विशाल पदयात्रा के जरिए बीजेपी राज्य की सियासत में अपनी मौजूदगी को और आक्रामक रूप देने जा रही है। विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की तरफ से केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर लगातार बोले जा रहे हमलों के जवाब में पार्टी अब सीधे जमीन पर उतरने का मन बना चुकी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सोमवार को इस बड़े मार्च का नेतृत्व करेंगे। 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' नाम से शुरू किए गए इस आंदोलन को महज एक दिन का प्रदर्शन न मानकर राज्य में पार्टी के बहुस्तरीय सियासी दांव के रूप में देखा जा रहा है।

विपक्षी दलों के वोट चोरी वाले दावों का सीधा जवाब

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में हाल ही में विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' ने एक विशाल रैली का आयोजन किया था। उस मंच से विपक्षी नेताओं ने मुख्य रूप से 'वोट चोरी' का नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की और चुनाव आयोग के साथ-साथ केंद्र सरकार की निष्पक्षता पर तीखे सवाल खड़े किए। अब कोलकाता की सड़कों पर पदयात्रा निकालकर बीजेपी इसी नैरेटिव की काट तैयार कर रही है। पार्टी नेतृत्व का इरादा यह साफ संदेश देना है कि विरोधियों के आरोपों का जवाब बंद कमरों या बयानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जनता के बीच जाकर उनका पक्ष पूरी मजबूती से रखा जाएगा। इस कदम के बाद दोनों गठबंधनों के बीच की खींचतान अब सीधे सड़कों के शक्ति प्रदर्शन में तब्दील होती दिख रही है।

ये भी पढ़ें

मतदाता सूची पुनरीक्षण यानी SIR विवाद पर अपनी बात

पश्चिम बंगाल की राजनीति में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर पहले से ही भारी राजनीतिक तनाव बना हुआ है। विपक्षी खेमे का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया की आड़ में मतदाताओं के नाम जानबूझकर काटे जा सकते हैं, जिससे कई तरह की आशंकाएं खड़ी की जा रही हैं। इसके विपरीत बीजेपी का मानना है कि विपक्ष इस संवेदनशील मामले में भ्रामक प्रचार कर रहा है और लोगों को डराने की कोशिश में जुटा है। धर्मतला तक जाने वाली इस पदयात्रा का एक प्रमुख मकसद आम लोगों के बीच जाकर SIR प्रक्रिया पर पार्टी का नजरिया स्पष्ट करना और विपक्षी दावों को बेअसर करना है।

पूरे बंगाल में 800 जगहों पर कार्यक्रमों का विस्तृत खाका

इस बड़े आंदोलन को केवल कोलकाता की सड़कों या कॉलेज स्ट्रीट तक सीमित रखने का कोई इरादा नहीं है। संगठन ने पूरे पश्चिम बंगाल को पांच अलग-अलग संगठनात्मक क्षेत्रों में बांटकर हर क्षेत्र में आक्रामक अभियान चलाने की योजना तैयार की है। तय रणनीति के मुताबिक अगले चरण में 11 नवंबर से लेकर 30 नवंबर के बीच राज्य के करीब 800 विभिन्न स्थानों पर जनसभाएं और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस सघन कार्यक्रम के जरिए निचले स्तर तक बैठे कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और दूरदराज के क्षेत्रों में संगठन का मनोबल ऊंचा करना पार्टी का मुख्य लक्ष्य है।

कोलकाता और हावड़ा के आगामी स्थानीय निकाय चुनावों पर नजर

इस पदयात्रा का एक अन्य जमीनी पहलू कोलकाता और हावड़ा में प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव भी हैं। शहरी मतदाताओं के बीच अपनी पैठ बढ़ाने और वार्ड स्तर की चुनावी मशीनरी को सक्रिय करने के लिए पार्टी को एक बड़े राजनीतिक अभियान की सख्त जरूरत थी। नितिन नबीन की सीधी मौजूदगी और कॉलेज स्ट्रीट से धर्मतला तक का यह मार्च स्थानीय कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूंकने का जरिया बनेगा। शहरी इलाकों में नागरिक मुद्दों और कानून व्यवस्था की स्थिति को केंद्र में रखकर पार्टी निकाय चुनावों की तैयारियों को गति दे रही है।

केंद्रीय संगठन और राज्य इकाई के बीच तालमेल का संदेश

इस पूरे आयोजन का सबसे अहम संगठनात्मक पहलू शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश के नेताओं की एकजुटता है। इस पदयात्रा में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की मौजूदगी भी तय की गई है। जब राष्ट्रीय अध्यक्ष खुद राज्य की सड़कों पर पैदल चलते हैं, तो इससे स्थानीय कार्यकर्ताओं को यह सीधा भरोसा मिलता है कि केंद्रीय नेतृत्व पश्चिम बंगाल की राजनीति को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। सुवेंदु अधिकारी और समिक भट्टाचार्य की संयुक्त मौजूदगी से प्रदेश नेतृत्व के बीच आपसी तालमेल का स्पष्ट प्रदर्शन भी होगा, जिससे पूरी पार्टी एक ही लक्ष्य के साथ जमीन पर एकजुट नजर आएगी।

सवाल-जवाब

कोलकाता में पदयात्रा का नेतृत्व कौन कर रहा है?
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सोमवार को इस पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे।
यह पदयात्रा कोलकाता में कहां से शुरू होकर कहां तक जाएगी?
यह पदयात्रा कोलकाता के प्रसिद्ध कॉलेज स्ट्रीट से शुरू होकर धर्मतला तक जाएगी।
इस अभियान का मुख्य नारा या नाम क्या रखा गया है?
इस अभियान का नाम 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रखा गया है।
पदयात्रा में नितिन नबीन के अलावा और कौन से प्रमुख नेता शामिल रहेंगे?
कार्यक्रम में सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य मौजूद रहेंगे।
बंगाल में आगामी दिनों में कितने स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है?
पार्टी की तैयारी 11 से 30 नवंबर के बीच राज्य के करीब 800 स्थानों पर कार्यक्रम करने की है।
इस पदयात्रा का किन स्थानीय निकाय चुनावों से संबंध देखा जा रहा है?
इस पदयात्रा को कोलकाता और हावड़ा के आगामी नगर निकाय चुनावों की संगठनात्मक तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·19 मिनट पहले

11 से 30 नवंबर के बीच 800 जगहों पर कार्यक्रम करना वाकई बहुत बड़ा टास्क है, देखना होगा कैसे मैनेज करेंगे।

Ravikash Gupta@ravikash·18 मिनट पहले

अरे अर्जुन भाई, 800 जगहों की बात भले बड़ी लगे, पर बंगाल में इलेक्शन से पहले ये सब तो रोज़ का ड्रामा है, आराम से मैनेज हो जाएगा।

Rohan Verma@rohan-verma·46 मिनट पहले

बंगाल में विपक्ष के हमलों का जवाब अब सड़कों पर उतरकर ही देना होगा, तभी जनता के बीच संदेश साफ जाएगा। जिस तरह उत्तर प्रदेश में भी स्थानीय चुनावों से पहले जमीन पर घेराबंदी की जाती है, वैसे ही यहां भी माहौल बनाने की पूरी कोशिश दिख रही है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·46 मिनट पहले

रोहन भाई, सड़क पर उतरना ठीक है पर यूपी और बंगाल का माहौल बिल्कुल अलग है। यहाँ लाठी-डंडों की राजनीति में ज़मीन पर टिकना इतना आसान नहीं होगा जितना दिख रहा है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp