पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में एक राजनीतिक आयोजन के तुरंत बाद अचानक भड़की हिंसा में भारतीय जनता पार्टी का एक कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गया। यह टकराव टीटागढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत ममता मेडिकल हॉल के निकट शुक्रवार देर रात घटित हुआ। इलाके में स्थानीय बीजेपी मंडल की तरफ से बिजोया सम्मिलनी कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जैसे ही कार्यक्रम संपन्न हुआ, दूसरे गुट के लोगों ने कथित तौर पर वहां मौजूद लोगों पर हमला बोल दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में सीधी मारपीट शुरू हो गई और पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया।
टीटागढ़ में आयोजन स्थल के बाहर भड़की हिंसा
शुक्रवार देर रात आयोजित इस राजनीतिक कार्यक्रम के समाप्त होते ही माहौल अचानक बिगड़ गया। एक पक्ष का स्पष्ट आरोप है कि बिजोया सम्मिलनी खत्म होने के फौरन बाद विरोधी गुट के सदस्यों ने घात लगाकर हमला किया। देखते ही देखते दोनों गुट आमने-सामने आ गए और उनके बीच जमकर मारपीट हुई। इस अप्रत्याशित टकराव के चलते आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और डर का माहौल कायम हो गया। इस मारपीट में बीजेपी से जुड़े कार्यकर्ता करण सेठ बुरी तरह घायल हो गए।
पुलिस बल ने मोर्चा संभाला, खदेड़े गए उपद्रवी
हिंसा की सूचना मिलते ही पुलिस का दस्ता बिना किसी देरी के सीधे मौके पर पहुंचा। सड़क पर जारी टकराव को रोकने और बेकाबू हो रहे हालात पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस अधिकारियों को दोनों गुटों के लोगों को मौके से खदेड़ना पड़ा। पुलिस कर्मियों की सख्त कार्रवाई के बाद उपद्रवी वहां से भागे और तब जाकर इलाके की स्थिति सामान्य हो सकी। क्षेत्र में शांति बनाए रखने और आगे किसी भी टकराव को रोकने के लिए पुलिस सतर्कता बरत रही है।
घायल कार्यकर्ता को सागर दत्ता अस्पताल किया गया रेफर
संघर्ष में गंभीर रूप से जख्मी हुए कार्यकर्ता करण सेठ को तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए बैरकपुर स्थित बी.एन. बोस अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने वहां उनका प्राथमिक इलाज शुरू किया, लेकिन उनकी बिगड़ती शारीरिक स्थिति और चोटों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत कमारहाटी के सागर दत्ता अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उनका सघन उपचार जारी है। पार्टी सूत्रों ने उनकी गंभीर चोटों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।
प्रयागराज की रन फॉर यूनिटी में भी हुआ था भारी हंगामा
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित यमुनानगर जोन के नैनी क्षेत्र से भी हाल ही में अव्यवस्था और हंगामे की ऐसी ही घटना सामने आई थी। वहां बीजेपी की तरफ से 'रन फॉर यूनिटी' मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया था। आयोजन में प्रतिभागियों ने अपना पंजीकरण कराया था, लेकिन औपचारिक नियमों का पालन किए बिना और हरी झंडी दिखाए बगैर दौड़ शुरू करा देने पर धावक बुरी तरह भड़क गए। आक्रोशित प्रतिभागियों ने जमकर हंगामा किया और आयोजन स्थल पर रखी कुर्सियां एक-दूसरे पर फेंक दीं। उस घटना में भी पुलिस बल ने तुरंत पहुंचकर नारेबाजी और प्रदर्शन कर रहे लोगों को खदेड़कर शांति बहाल की थी।
























