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18वें ब्रिक्स सम्मेलन के लिए नई दिल्ली आएंगे मसूद पेजेश्कियन, पश्चिम एशिया तनाव के बीच यात्रा बेहद खासदुनिया
14 अग॰ 2026, 6:32 pm (59 दिन पहले)· 3

18वें ब्रिक्स सम्मेलन के लिए नई दिल्ली आएंगे मसूद पेजेश्कियन, पश्चिम एशिया तनाव के बीच यात्रा बेहद खास

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन सितंबर में भारत की मेजबानी में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली का दौरा करेंगे।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नई दिल्ली का दौरा करने वाले हैं। यह महत्वपूर्ण राजनयिक दौरा सितंबर महीने में प्रस्तावित है, जब भारत अपनी अध्यक्षता में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। वैश्विक राजनीति और पश्चिम एशिया के वर्तमान हालातों के बीच ईरानी राष्ट्रपति की यह भारत यात्रा रणनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता और शिखर सम्मेलन का विषय

भारत ने साल 2026 की शुरुआत में ब्राजील से ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता आधिकारिक रूप से संभाली थी। इस बार नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत ने विशेष विषय चुना है। यह शिखर सम्मेलन "लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" के मूल मंत्र पर आयोजित किया जाएगा। भारत अपनी अध्यक्षता के दौरान सदस्य देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और व्यापारिक सहयोग को नई ऊंचाई देने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

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पीएम मोदी और मसूद पेजेश्कियन की पिछली बैठक

इससे पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात अक्टूबर 2024 में हुई थी। वह बैठक रूस के कजान शहर में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर हुई थी। उस दौरान दोनों शीर्ष नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की थी। अब सितंबर में नई दिल्ली में होने वाली इस नई बैठक से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और व्यापारिक साझेदारियों को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

ब्रिक्स समूह का विस्तार और 11 पूर्ण सदस्य

हाल के वर्षों में ब्रिक्स संगठन का व्यापक विस्तार हुआ है। ईरान ने वर्ष 2024 में मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात के साथ मिलकर ब्रिक्स संगठन की पूर्ण सदस्यता प्राप्त की थी। इसके बाद वर्ष 2025 में इंडोनेशिया भी इस प्रभावशाली समूह का हिस्सा बन गया। इन नए देशों के शामिल होने के बाद अब ब्रिक्स के पूर्ण सदस्य देशों की कुल संख्या बढ़कर 11 हो गई है। यह विस्तार वैश्विक अर्थव्यवस्था और बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था में ब्रिक्स के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।

विदेश मंत्री अब्बास अरागची का भारत दौरा और शांति वार्ता

राष्ट्रपति पेजेश्कियन की प्रस्तावित यात्रा से पहले, जून के महीने में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची भी भारत आए थे। उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया था। बैठक के समापन पर राजधानी में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अब्बास अरागची ने वैश्विक शांति स्थापित करने में भारत के बढ़ते प्रभाव की सराहना की थी। उन्होंने जोर देकर कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण माहौल को कम करने और शांति बहाल करने में भारत एक बेहद बड़ी और प्रभावशाली भूमिका निभा सकता है।

सैन्य समाधान की जगह कूटनीतिक रास्ते पर जोर

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि तेहरान सशस्त्र संघर्ष में कोई भविष्य नहीं देखता है। उन्होंने रेखांकित किया कि मौजूदा संकट का कोई भी सैन्य समाधान संभव नहीं है और केवल "बातचीत के जरिए समाधान" ही आगे बढ़ने का एकमात्र व्यावहारिक और सार्थक रास्ता है। भारतीय मध्यस्थता के प्रति तेहरान के सकारात्मक दृष्टिकोण को जाहिर करते हुए अरागची ने कहा था, "हम भारत की किसी भी रचनात्मक भूमिका का स्वागत करेंगे।"

होर्मुज जलडमरूमध्य और व्यापारिक सुरक्षा पर जयशंकर से वार्ता

भारत यात्रा के दौरान विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ भी उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की थी। इस बैठक में अरागची ने आश्वासन दिया था कि मित्र देश समुद्री और व्यापारिक सुरक्षा के मामलों में ईरान पर पूरा भरोसा रख सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा के मुख्य संरक्षक के रूप में अपनी ऐतिहासिक और रणनीतिक जिम्मेदारी का हमेशा पूरी निष्ठा से पालन करता रहेगा।

सवाल-जवाब

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन भारत कब आएंगे?
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन सितंबर में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आएंगे।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का विषय (थीम) क्या है?
इस सम्मेलन का विषय 'लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' रखा गया है।
ईरान ब्रिक्स समूह का पूर्ण सदस्य कब बना?
ईरान वर्ष 2024 में मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात के साथ ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य बना था।
वर्तमान में ब्रिक्स समूह में कुल कितने सदस्य देश हैं?
वर्ष 2025 में इंडोनेशिया के शामिल होने के बाद ब्रिक्स के पूर्ण सदस्य देशों की कुल संख्या 11 हो गई है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर क्या कहा?
अब्बास अरागची ने कहा कि संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है और केवल बातचीत के जरिए समाधान ही आगे बढ़ने का एकमात्र व्यावहारिक रास्ता है।
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