पश्चिम एशिया में जारी भारी संघर्ष और सुरक्षा संकट के चलते विमानन क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। ईरान से जुड़े टकराव के खतरनाक मोड़ पर पहुंचने और होर्मुज स्ट्रेट से लेकर बाब अल-मंदेब तक बने तनावपूर्ण हालातों के बीच अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बड़ा असर पड़ा है। इस क्षेत्र में तेल, गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है।
सऊदी अरब में सुरक्षा हालात और हूती हमले
सऊदी अरब के मोर्चे पर हूती विद्रोहियों की ओर से लगातार हमले किए जा रहे हैं, जिससे देश का जीना मुहाल हो गया है। हालात इस हद तक बिगड़ चुके हैं कि सऊदी के महत्वपूर्ण और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जा रहा है, और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को भी नहीं बख्शा गया है। इन लगातार हमलों के कारण वहां की सुरक्षा स्थिति बेहद संवेदनशील और चिंताजनक हो गई है।
एयर इंडिया का बड़ा फैसला
मौजूदा सुरक्षा हालातों को पूरी तरह ध्यान में रखते हुए देश की प्रमुख विमानन कंपनी एयर इंडिया ने एक अहम कदम उठाया है। एयरलाइन ने सऊदी अरब की ओर जाने वाली अपनी सभी उड़ानों को 20 अक्टूबर 2026 तक के लिए पूरी तरह रद्द कर दिया है। इस फैसले से रियाद, दम्माम और जेद्दा जैसे प्रमुख गंतव्यों पर जाने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव करना होगा।






















