संयुक्त राज्य अमेरिका में आगामी चुनाव से ऐन पहले सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। देश भर में सीनेट परिसरों और प्रांतीय चुनाव कार्यालयों को निशाना बनाकर भेजी जा रही रहस्यमयी चिट्ठियों की एक नई लहर सामने आई है। कई पत्रों के अंदर संदिग्ध पाउडर और अज्ञात पदार्थ मिलने की पुष्टि हुई है, जिसके चलते संघीय जांच एजेंसियों ने सभी संभावित प्राप्तकर्ताओं को अत्यधिक सतर्कता बरतने और ऐसे पैकेटों को खतरनाक श्रेणी में रखकर संभालने की सख्त हिदायत दी है। इस पूरे सुरक्षा तंत्र में फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी एफबीआई, यूएस पोस्टल इंस्पेक्शन सर्विस और यूएस कैपिटल पुलिस मिलकर एक साझा पड़ताल चला रही हैं ताकि इन खतरनाक खेपों को उनके गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया जाए।
कई राज्यों में चुनाव दफ्तर खाली कराए गए
प्राधिकारियों के अनुसार संदिग्ध लिफाफे देश के विभिन्न हिस्सों में मौजूद महत्वपूर्ण सरकारी पतों पर भेजे गए हैं। इनमें मुख्य रूप से सेक्रेटरी ऑफ स्टेट के आधिकारिक कार्यालय और उनसे जुड़े स्थानीय निर्वाचन बोर्ड शामिल हैं। जांचकर्ताओं ने पाया कि लिफाफों के भीतर एक पाउडर जैसा पदार्थ मौजूद था, जिससे हड़कंप मच गया। इस गंभीर खतरे के सामने आते ही लुइसियाना और ओक्लाहोमा के चुनाव कार्यालयों में मौजूद कर्मचारियों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला गया और पूरी इमारतों को खाली कराकर जांच कराई गई।
ओहायो में भी ऐसे ही एक बड़े खतरे को समय रहते टाल दिया गया। ओहायो के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ने जानकारी दी कि डाक सेवा ने सफेद पाउडर से भरे एक संदिग्ध पैकेज को समय रहते पकड़ लिया, जिसे उनके आधिकारिक दफ्तर में पहुंचाया जाना था। अधिकारी ने यह भी रेखांकित किया कि विभिन्न राज्यों में काम कर रहे कई अन्य निर्वाचन कर्मियों को भी इस तरह के संदेहास्पद डाक पार्सल भेजे गए हैं। इसके अतिरिक्त मैरीलैंड, मिसिसिपी और साउथ डकोटा ने भी गुरुवार को बताया कि उनके चुनाव दफ्तरों को निशाना बनाकर अलग-अलग डाक खेपें भेजी गई थीं। राहत की बात यह रही कि डाक विभाग के कर्मचारियों ने इन चिट्ठियों को वितरण से पहले ही रास्ते में रोक लिया, हालांकि इन लिफाफों में मौजूद रासायनिक या जैविक तत्व की सटीक पहचान की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
सीनेट परिसरों को जारी हुआ सुरक्षा अलर्ट
इस पूरे मामले की गंभीरता तब और अधिक स्पष्ट हुई जब अमेरिकी सीनेट के सार्जेंट एट आर्म्स की ओर से जारी एक आंतरिक सुरक्षा संदेश सामने आया। सीनेट से जुड़े सभी दफ्तरों को भेजे गए इस आधिकारिक परामर्श में स्पष्ट रूप से बताया गया कि पुलिस बल और डाक कर्मी संदिग्ध पैकेटों को बीच रास्ते में ही जब्त करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हालांकि इस परामर्श में यह आगाह भी किया गया कि तमाम रोकथाम और छानबीन के बावजूद इस बात की पूरी संभावना है कि कुछ लिफाफे तय पते तक पहुंच जाएं, इसलिए कर्मचारियों को किसी भी अनजान डाक को खोलने से पहले बेहद सतर्क रहना होगा।
कांग्रेस के भीतर यह संकट फिलहाल प्रतिनिधि सभा के बजाय सीनेट तक केंद्रित दिख रहा है। मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि प्रतिनिधि सभा की सुरक्षा टीमें भी पूरी स्थिति पर पैनी नजर रख रही हैं, यद्यपि अभी तक किसी भी प्रतिनिधि सभा कार्यालय में ऐसे संदिग्ध पत्र पहुंचने की पुष्टि दर्ज नहीं की गई है। इस बीच जांच एजेंसियां इस बात की कड़ियां जोड़ रही हैं कि इन पत्रों का नेटवर्क कितना व्यापक है और इसे किस स्तर से संचालित किया जा रहा है।
2023 की घटनाओं की यादें फिर हुईं ताजा
यह घटनाक्रम अमेरिकी चुनाव के आधिकारिक मतदान दिवस से महज तीन हफ्ते पहले सामने आया है, जिसने पिछले साल यानी 2023 में घटी इसी तरह की डरावनी घटनाओं की यादें ताजा कर दी हैं। उस दौरान देश के छह राज्यों में मौजूद निर्वाचन दफ्तरों को सफेद पाउडर वाले पत्र भेजे गए थे, जिसके कारण स्थानीय चुनावों की तैयारियों में भारी बाधा उत्पन्न हुई थी। बाद में हुई फोरेंसिक जांच में सामने आया था कि उनमें से कुछ लिफाफों में खतरनाक सिंथेटिक ओपिओइड फेंटेनाइल के अंश और सीधी धमकियां मौजूद थीं।
उस दौर की भयावहता को देखते हुए कई प्रांतीय चुनाव कार्यालयों ने अपने कार्यस्थलों पर जीवनरक्षक दवा नालोक्सोन का भंडारण शुरू कर दिया था, जिसका इस्तेमाल ओपिओइड के अत्यधिक असर को पलटने के लिए आपातकालीन स्थिति में किया जाता है। उस समय दो राष्ट्रीय संगठनों ने चुनावी कर्मियों के खिलाफ इस तरह की साजिशों की कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि चुनाव संपन्न कराने वाले लोगों को अपनी आवश्यक जिम्मेदारियां निभाते समय अपनी सुरक्षा को लेकर कभी भी भयभीत नहीं होना चाहिए।
दोषियों की तलाश में जुटीं संयुक्त जांच एजेंसियां
वर्तमान खतरे से निपटने के लिए विभिन्न संघीय एजेंसियां आपस में तालमेल बनाकर एक व्यापक तलाशी अभियान चला रही हैं। एफबीआई देश भर में भेजे गए इन संदिग्ध पत्रों की प्रकृति और उनके स्रोत की गहन पड़ताल कर रही है। गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए डिप्टी पोस्टल इंस्पेक्टर ब्रेंडन डोनाह्यू ने साफ लहजे में कहा कि चुनाव अधिकारियों को किसी भी प्रकार की धमकी देना या उन पर हमला करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षा एजेंसियां अपने सभी साझीदारों के साथ मिलकर इस दुर्भावनापूर्ण कृत्य के पीछे मौजूद व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें कानून के दायरे में लाने के लिए लगातार काम कर रही हैं।



















