पंजाबी सिंगर AP Dhillon के घर पर हुई फायरिंग की जांच अब कनाडा में एक बड़े फैसले तक पहुंच गई है। कनाडा के इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (IRB) ने भारतीय नागरिक अभिजीत किंगरा को देश से बाहर निकालने का आदेश सुनाया है। बोर्ड ने अपने फैसले में साफ कहा कि किंगरा लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य है, और इसी आधार पर उसकी निकासी तय की गई।
बोर्ड ने गैंग को क्या बताया
IRB ने बिश्नोई गैंग को एक संगठित आपराधिक गिरोह करार दिया है। बोर्ड के मुताबिक यह गिरोह हत्या, जबरन वसूली, फायरिंग, आगजनी और धमकी जैसी गतिविधियों में लंबे समय से शामिल रहा है। अभिजीत किंगरा कनाडा में स्टूडेंट वीजा पर पहुंचा था, लेकिन जांच ने उसकी असली पहचान गैंग के एक सक्रिय सदस्य के रूप में सामने रखी।
ब्रिटिश कोलंबिया की पुरानी वारदातें
IRB की पड़ताल में यह बात निकलकर आई कि किंगरा ब्रिटिश कोलंबिया में हुई एक और फायरिंग की घटना में भी शामिल था। उस वारदात में कुल 14 राउंड फायर किए गए थे। बोर्ड के अनुसार उसके एक साथी ने मालिक की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था। इतना ही नहीं, किंगरा और उसके कथित साथी पर ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक और ऐसी ही घटना में भी आरोप दर्ज हुए हैं।
कनाडा का संगठित अपराध पर बड़ा अभियान
किंगरा को देश से निकालने की यह कार्रवाई अकेली नहीं है। यह कनाडा की ओर से संगठित अपराधी गिरोहों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) के मुताबिक, देशभर में संगठित अपराध से जुड़े 400 से ज्यादा मामलों की जांच शुरू की जा चुकी है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान 55 संदिग्धों को पहले ही देश से बाहर किया जा चुका है।
बोर्ड सदस्य की अहम टिप्पणी
IRB के सदस्य अजीम लालजी ने अपने फैसले में लिखा कि ब्रिटिश कोलंबिया की अदालत पहले ही यह साबित कर चुकी है कि अभिजीत किंगरा बिश्नोई गैंग का सदस्य है। फैसले में दोहराया गया कि यह गिरोह हत्या, फायरिंग, आगजनी, जबरन वसूली और धमकी जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त रहा है। अजीम लालजी ने यह भी रेखांकित किया कि ब्रिटिश कोलंबिया, अल्बर्टा और ओंटारियो में गैंग से जुड़े जबरन वसूली के मामले बढ़े हैं, जिसने कानून व्यवस्था एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है।
4,000 डॉलर और किंगरा का दावा
सुनवाई के दौरान अभिजीत किंगरा ने खुद यह दावा किया कि उसे 2 सितंबर 2024 को पंजाबी सिंगर AP Dhillon के घर पर हमला करने के लिए 4,000 कैनेडियन डॉलर की पेशकश की गई थी। उसने बोर्ड के सामने अपनी सफाई में कहा कि उसे यह नहीं पता था कि वह बिश्नोई गैंग के लिए काम कर रहा है, और उसने यह काम केवल अपने परिवार की आर्थिक मदद के मकसद से स्वीकार किया था। हालांकि CBSA अधिकारी जसबीर संधू ने इस दलील को सिरे से खारिज करते हुए तर्क दिया कि Dhillon के घर पर हुआ हमला जबरन वसूली का मामला नहीं था, बल्कि यह बिश्नोई गैंग की ताकत और प्रभाव का प्रदर्शन करने की एक कोशिश थी।













