अमेरिकी चुनाव 2028: चुनावी नतीजों को नकारने वाले कई रिपब्लिकन नेता अटॉर्नी जनरल की दौड़ में शामिलफीफा अंडर-15 विश्व कप में अफगानिस्तान से हारा भारत, अब कजाकिस्तान से टक्करकक्षा में दांव-पेंच और लंबी उड़ान से चौकन्ना हुआ वॉशिंगटन, ड्रैगन के गुप्त स्पेसप्लेन की पहली स्पष्ट झलक आई सामनेआर्मेनिया की संसद में चुनावी वादे पर भिड़े नेता, लाइव प्रसारण के दौरान चले लात-घूंसे और फटे कपड़ेफर्जी हेल्थ कैंप के बहाने ग्रामीणों के आधार जुटाकर ई-सिम रैकेट चलाने वाले दो जालसाज मथुरा से पकड़े गएचीन के रहस्यमयी स्पेसप्लेन की तस्वीर ने खोली गुप्त अंतरिक्ष अभियानों की पोल, अमेरिकी रक्षा रिपोर्ट में बड़े खुलासेगुवाहाटी के ओडीआईएन एक्सपीरियंसेज ने जीता पूर्वी भारत के सर्वश्रेष्ठ नाइटक्लब का राष्ट्रीय खिताबभागलपुर के 12वीं के छात्र प्रिंस का पंचक सिलाट में अंतरराष्ट्रीय चयन, 33 देशों के मुकाबले में उतरेंगेउत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा की शहर पर्ची जारी, जानिए तारीखें और डाउनलोड प्रक्रियाऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में बैंक की चूक पर ग्राहकों को पूरा हर्जाना मिले: शीर्ष अदालत
ब्रिक्स की ताकत के सामने कर्ज के नीचे दबे G7 देश, पुतिन के दावे के बीच जानें आंकड़ों का पूरा गणितदुनिया
11 सित॰ 2026, 11:11 pm (48 दिन पहले)· 2

ब्रिक्स की ताकत के सामने कर्ज के नीचे दबे G7 देश, पुतिन के दावे के बीच जानें आंकड़ों का पूरा गणित

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं पर निशाना साधे जाने के बाद, आइए विश्लेषण करें कि दुनिया के प्रमुख G7 देशों की आर्थिक स्थिति और उनका कर्ज का बोझ वास्तव में कितना है।

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों की आर्थिक स्थिति और उनके वैश्विक प्रभाव पर सीधा तीखा हमला किया। उन्होंने खुले तौर पर सवाल उठाया कि G7 समूह के देश खुद को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत क्यों बताते हैं, जबकि वैश्विक GDP में उनकी वास्तविक हिस्सेदारी घटकर केवल 18 फीसदी रह गई है। इसके विपरीत, पुतिन ने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिक्स देशों का वैश्विक अर्थव्यवस्था में योगदान लगातार बढ़ा है और यह अब 40 फीसदी से भी अधिक हो चुका है। G7 समूह में मुख्य रूप से पश्चिमी देश शामिल हैं, जिनमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली और कनाडा का नाम आता है, जबकि इस समूह में एशिया का प्रतिनिधित्व करने वाला एकमात्र देश जापान है।

अमेरिका की आर्थिक स्थिति और विशाल कर्ज का संकट

G7 समूह के निर्विवाद प्रमुख के रूप में, अमेरिका के पास न केवल इस समूह में बल्कि पूरी दुनिया में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। IMF द्वारा साल 2026 के लिए जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका की GDP का आकार लगभग 32.38 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान है। यह बड़ी अर्थव्यवस्था वैश्विक GDP में लगभग 25 फीसदी का योगदान देती है। हालांकि, इस आर्थिक प्रभुत्व के साथ-साथ अमेरिका पर एक विशाल कर्ज का संकट भी मँडरा रहा है। अमेरिका पर वर्तमान में लगभग 40 ट्रिलियन डॉलर का राष्ट्रीय कर्ज है, जो उसकी कुल GDP से लगभग 8 ट्रिलियन डॉलर अधिक है। यह भारी कर्ज दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के भीतर बढ़ते वित्तीय असंतुलन को दर्शाता है।

ये भी पढ़ें

ब्रिटेन और फ्रांस: भारी कर्ज और घटती वैश्विक हिस्सेदारी

G7 के यूरोपीय सदस्यों में शामिल ब्रिटेन दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। IMF के अनुमानों के अनुसार, साल 2026 में ब्रिटेन की GDP लगभग 4.26 ट्रिलियन डॉलर रहने की उम्मीद है। वैश्विक GDP में ब्रिटेन का योगदान लगभग 2 फीसदी है, लेकिन यह देश 3 ट्रिलियन पाउंड के भारी-भरकम कर्ज के तले दबा हुआ है। यह कर्ज ब्रिटेन की कुल GDP का लगभग 95 फीसदी हिस्सा है, जिससे यह साफ होता है कि पश्चिमी ब्लॉक के शीर्ष देश बेहद कठिन वित्तीय स्थिति से गुजर रहे हैं।

फ्रांस भी इसी तरह की गंभीर आर्थिक परिस्थितियों का सामना कर रहा है। फ्रांस की GDP वर्तमान में लगभग 3.7 ट्रिलियन डॉलर है, जो वैश्विक GDP में करीब 2 फीसदी का योगदान देती है। हालांकि, फ्रांस का सार्वजनिक कर्ज उसकी वार्षिक GDP को पार कर चुका है और यह लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा फ्रांस की GDP का लगभग 117 फीसदी बैठता है। साल 1949 से 2026 के बीच फ्रांस की औसत आर्थिक विकास दर महज 0.75 फीसदी रही है, जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में इसकी हिस्सेदारी 2 फीसदी से भी कम बनी हुई है।

जर्मनी और इटली: यूरोज़ोन में संरचनात्मक चुनौतियाँ

जर्मनी को IMF द्वारा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था माना गया है, जिसकी GDP का आकार लगभग 5.45 ट्रिलियन डॉलर है। यह देश वैश्विक GDP में करीब 4.3 फीसदी का योगदान देता है। हालांकि, जब क्रय शक्ति समता (PPP) के आधार पर इसका मूल्यांकन किया जाता है, तो जर्मनी का वास्तविक योगदान 3 फीसदी से भी कम हो जाता है। यूरोप का आर्थिक पावरहाउस होने के बावजूद जर्मनी कर्ज से मुक्त नहीं है और उस पर कुल 3.52 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज है, जो उसकी कुल GDP का लगभग 65 फीसदी है।

दूसरी ओर, इटली की वित्तीय स्थिति और भी नाजुक नजर आती है। दुनिया की आठवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद इटली की GDP करीब 3.7 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि उस पर उसकी आर्थिक क्षमता के मुकाबले 138 फीसदी का कर्ज लदा हुआ है। इटली पर कुल कर्ज लगभग 3.7 ट्रिलियन डॉलर है। हालांकि इटली में प्रति व्यक्ति आय सालाना 45 हजार डॉलर से अधिक है, लेकिन वैश्विक GDP में इसका योगदान केवल 1.8 फीसदी ही है। देश की विकास दर घटकर 1 फीसदी से भी कम रह गई है, जिसे विशेषज्ञ इसके भारी कर्ज का सीधा परिणाम मानते हैं।

जापान और कनाडा: कर्ज की प्रकृति और विकास दर का अंतर

G7 समूह में एकमात्र एशियाई देश के रूप में जापान दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। IMF के आंकड़ों के अनुसार, जापान की GDP लगभग 4.38 ट्रिलियन डॉलर है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था में करीब 4 फीसदी की हिस्सेदारी रखती है। जापान की सबसे बड़ी आर्थिक कमजोरी उसका विशाल कर्ज है, जो उसकी कुल GDP का 208 फीसदी यानी लगभग 8.95 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। इतने बड़े कर्ज के बावजूद जापान को बहुत अधिक जोखिम वाला देश नहीं माना जाता है, क्योंकि जापान का अधिकांश कर्ज विदेशी कर्जदारों के बजाय उसके अपने घरेलू बाजार और नागरिकों के पास है।

उत्तरी अमेरिका में स्थित कनाडा दुनिया की नौवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। कनाडा की GDP वर्तमान में लगभग 2.6 ट्रिलियन डॉलर है, जो वैश्विक GDP में करीब 1.2 फीसदी का योगदान देती है। कनाडा पर कुल कर्ज लगभग 2.4 कनाडाई ट्रिलियन डॉलर है, जो उसकी GDP का लगभग 40 फीसदी है। अपने अन्य G7 सहयोगियों की तुलना में कनाडा वर्तमान में लगभग 3.3 फीसदी की बेहतर और स्थिर विकास दर का आनंद ले रहा है, जो उसकी वित्तीय स्थिति को अधिक संतुलित बनाता है।

सवाल-जवाब

G7 और ब्रिक्स की वैश्विक GDP में हिस्सेदारी कितनी है?
पुतिन के अनुसार, G7 देशों का वैश्विक GDP में योगदान केवल 18 फीसदी है, जबकि ब्रिक्स देशों का योगदान 40 फीसदी से अधिक है।
अमेरिका पर कुल कितना कर्ज है?
अमेरिका पर वर्तमान में लगभग 40 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज है, जो उसकी अनुमानित 32.38 ट्रिलियन डॉलर की GDP से करीब 8 ट्रिलियन डॉलर अधिक है।
जापान का कर्ज इतना अधिक होने पर भी वह सुरक्षित क्यों है?
जापान का कर्ज उसकी GDP का 208 फीसदी है, लेकिन यह कम जोखिम वाला है क्योंकि इसका अधिकांश हिस्सा विदेशी कर्जदाताओं के बजाय घरेलू बाजार में केंद्रित है।
G7 देशों में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
G7 समूह में अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, कनाडा और एशिया से एकमात्र देश जापान शामिल है।
यूरोप के किस प्रमुख देश की विकास दर सबसे कम रही है?
फ्रांस की विकास दर साल 1949 से 2026 तक औसतन सिर्फ 0.75 फीसदी रही है, और इस पर उसकी GDP का 117 फीसदी कर्ज है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp