दुबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से तेल अवीव की उड़ान भरने वाला बोइंग 737 यात्री विमान जब आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई पर था, तभी अचानक कॉकपिट में एक खौफनाक मंजर सामने आया। 30 अक्टूबर के इस सफर में फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 अचानक अनियंत्रित होकर नीचे की ओर गिरने लगी। केबिन में बैठे यात्रियों को जब समझ आया कि विमान बेहद तेज गति से जमीन की तरफ गोता लगा रहा है, तो चीख-पुकार मच गई। ऐसे नाजुक वक्त में विमान में सफर कर रहे इज़राइली प्लंबर यानीव हायौन ने गजब का साहस दिखाते हुए मौत के मुंह से विमान को निकाल लिया।
कॉकपिट के भीतर चाकूबाजी और अनियंत्रित होता विमान
हवाई सफर के दौरान अचानक उस समय संकट गहरा गया जब फ्लाइट के ओमानी नागरिक सह-पायलट नेरिया क्राउस ने मुख्य कैप्टन पर जानलेवा हमला कर दिया। मुख्य पायलट भारतीय नागरिक स्मित मच्छार उस वक्त विमान उड़ा रहे थे, जिन पर सह-पायलट ने कथित रूप से चाकू से वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। दरवाजा खुलते ही केबिन में मौजूद लोगों को कॉकपिट के अंदरूनी संघर्ष की भनक लगी, जबकि दूसरी तरफ सह-पायलट विमान को नीचे की ओर क्रैश कराने पर आमादा था।
प्लंबर का साहसिक दखल और चोकहोल्ड
कॉकपिट से खतरे का संकेत मिलते ही यानीव हायौन बिजली की फुर्ती से आगे बढ़े। वे न तो एयरलाइन के कर्मचारी थे और न ही उनके पास एविएशन का कोई पेशेवर अनुभव था। वे पेशे से एक साधारण प्लंबर हैं जो दुबई से तेल अवीव लौट रहे थे। कॉकपिट के भीतर कदम रखते ही उन्होंने देखा कि हमलावर विमान के कंट्रोल पैनल पर हावी है और प्लेन तेजी से ऊंचाई खो रहा है। बिना एक पल गंवाए यानीव ने हमलावर को पीछे से दबोच लिया।
उन्होंने हमलावर की गर्दन को चोकहोल्ड में जकड़ लिया और पूरी ताकत लगाकर उसे कंट्रोल पैनल से दूर घसीट लिया। इसके तुरंत बाद केबिन से पहुंचे अन्य यात्रियों और क्रू सदस्यों ने हमलावर को पूरी तरह काबू में कर बांध दिया। लेकिन चुनौती अभी खत्म नहीं हुई थी, क्योंकि प्लेन बेकाबू होकर लगातार नीचे गिर रहा था और मुख्य कैप्टन बुरी तरह लहूलुहान पड़े थे।
डॉक्यूमेंट्री शो की सीख आई काम
हमलावर को दूर करने के बाद यानीव हायौन ने तुरंत फ्लाइट डेक की कमान अपने हाथों में ली। विमान खतरनाक रफ्तार से गोता खा रहा था और जमीन से टकराने का खतरा हर सेकंड बढ़ रहा था। यानीव ने तुरंत कंट्रोल स्टिक को अपनी ओर पीछे खींचा, जिससे नीचे गिरते विमान की नाक ऊपर उठी और वह समतल होने लगा। कुछ ही क्षणों में विमान में सफर कर रहे एक अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलट ने कॉकपिट में आकर पूरी बागडोर संभाल ली।
बाद में जब यानीव इज़राइल पहुंचे, तो उन्होंने बताया कि उन्हें आपात स्थिति में कंट्रोल खींचने का विचार कहां से आया। उन्होंने खुलासा किया कि वे टीवी पर हवाई हादसों की जांच पर आधारित लोकप्रिय वृत्तचित्र श्रृंखला 'मेडे' नियमित रूप से देखते थे। उसी शो से मिली जानकारी के आधार पर उन्हें याद आया कि गोता लगाते विमान को सीधा करने के लिए स्टिक को पीछे खींचना जरूरी होता है।
सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग और नेताओं की प्रतिक्रिया
विमान में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलटों और क्रू की संयुक्त सूझबूझ के चलते फ्लाइट को तुरंत सऊदी अरब के तबुक शहर की ओर मोड़ दिया गया। तबुक एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई, जिससे सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई। घायल भारतीय पायलट स्मित मच्छार को फौरन प्राथमिक उपचार दिया गया।
इज़राइल पहुंचने पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यानीव हायौन से मुलाकात की और उन्हें गले लगाकर उनकी जांबाजी की प्रशंसा की। इस मुलाकात के समय यानीव वही शर्ट पहने हुए थे जिस पर खूनी संघर्ष के गहरे धब्बे लगे थे। प्रधानमंत्री ने एक साधारण प्लंबर द्वारा अदम्य साहस दिखाने पर उनकी पीठ थपथपाई। उधर डोनाल्ड ट्रंप ने भी यानीव के पराक्रम का उल्लेख करते हुए उनके मजबूत हौसले की सराहना की। ट्रंप ने टिप्पणी की,
"मुझे लगता है कि यह सबसे अद्भुत कहानी है।"पूरे घटनाक्रम को यात्रियों ने एक बेहद तनावपूर्ण और अफरा-तफरी भरी जंग बताया, जिसमें सभी के साझा प्रयास से एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई हादसा टल गया।





















