उत्तर पश्चिम प्रशांत महासागर और दक्षिण चीन सागर के वायुमंडलीय क्षेत्र में एक साथ चार चक्रवाती तूफानों की मौजूदगी ने पूरे एशिया पैसिफिक क्षेत्र में भीषण मौसमी संकट पैदा कर दिया है। इस दुर्लभ प्राकृतिक घटना के कारण तटीय इलाकों में भारी तबाही देखने को मिल रही है। सबसे तीव्र असर टाइफून नारा का देखने को मिला है, जिसने तीव्र हवाओं और भारी बारिश के साथ जमीन पर दस्तक दी है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि चक्रवाती प्रणालियों के लगातार मजबूत होने से अगले 72 घंटों के दौरान हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।
टाइफून नारा की हैनान में दस्तक और मूसलाधार तबाही
पर्यटन के लिए विश्व प्रसिद्ध चीन के हैनान द्वीप पर चक्रवात नारा का पहला प्रहार हुआ है। तट से टकराते ही इस तूफान ने 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार की झोंकेदार हवाओं और मूसलाधार बारिश के साथ तांडव मचाया। प्रतिकूल मौसम के बनते ही स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में रेड अलर्ट घोषित कर दिया। तेज हवा के झोकों से शहर की सड़कों पर जगह जगह सैकड़ों विशाल पेड़ उखड़ गए, जबकि कई निचले रास्तों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
सुरक्षात्मक उपायों के तहत प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों में रह रहे दसियों हजार नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया है। पर्यटकों की जीवन रक्षा को प्राथमिकता देते हुए हैनान के सभी समुद्री तटों, वाटर स्पोर्ट्स सेंटरों और प्रमुख दर्शनीय स्थलों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानों को भी परिचालन स्थगित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
तीन चीनी प्रांतों पर मंडराया बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
तटीय इलाकों में तबाही मचाने के बाद चक्रवात नारा चीन के दक्षिणी अंदरूनी भूभाग की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इसकी वजह से देश के तीन प्रमुख और घनी आबादी वाले दक्षिणी प्रांत सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। चीन के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने आधिकारिक सूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि इन क्षेत्रों में आने वाले दिनों में मूसलाधार और रिकॉर्ड तोड़ वर्षा दर्ज की जा सकती है।
अत्यधिक वर्षा के चलते पहाड़ी इलाकों में चट्टानें खिसकने यानी लैंडस्लाइड का जोखिम काफी बढ़ गया है, जबकि शहरी बस्तियों में अचानक बाढ़ आने की आशंका है। नदियों में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है। संभावित जलप्लावन को देखते हुए प्रशासनिक दल प्रमुख बांधों के जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
दशक में एक बार दिखने वाली दुर्लभ मौसमी घटना और टाइफून साउदेल
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, एक ही समय में चार सक्रिय चक्रवातों का एक साथ बनना एक दशक में एकाध बार होने वाली बेहद दुर्लभ मौसमी परिघटना है। इस चक्रवाती तंत्र में टाइफून साउदेल दूसरा सबसे शक्तिशाली तूफान बनकर उभर रहा है, जो तेजी से चीन के पूर्वी समुद्री तट की तरफ अग्रसर है। पूर्वानुमान जताया गया है कि साउदेल बहुत जल्द झेजियांग और फुजियान प्रांतों के तटीय भूभाग से टकरा सकता है।
नारा और साउदेल के रूप में दोहरा मौसमी प्रहार सामने होने से चीन के पूरे पूर्वी और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में आपातकालीन व्यवस्था लागू कर दी गई है। राहत एवं बचाव एजेंसियों, स्थानीय प्रशासन और सैन्य टुकड़ियों को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात परिस्थिति में तत्काल राहत पहुंचाई जा सके।
जापान के ओकिनावा में हवाई और समुद्री सेवा ठप्प
चीन में कहर बरपा रहे इस विशाल चक्रवाती सिस्टम का व्यापक असर पड़ोसी देश जापान पर भी पड़ा है। प्रशांत महासागर में कम दबाव का क्षेत्र बनने से जापानी हवाई क्षेत्र में हवा की दिशा और गति काफी अनियमित हो गई है, जिससे विमानों का सुरक्षित परिचालन असंभव हो गया। इसके परिणामस्वरूप बुधवार को जापान के ओकिनावा प्रांत में 92 उड़ानों को अचानक रद्द करने का निर्णय लेना पड़ा।
अचानक विमान रद्द होने से हवाई अड्डों पर हजारों यात्री फंस गए हैं। एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपनी उड़ानों का अद्यतन स्टेटस अवश्य जांच लें। दूसरी ओर, समुद्र में कई मीटर ऊंची उग्र लहरें उठने के कारण समुद्री जहाजों और नौकाओं के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
अगले 72 से 96 घंटे क्यों माने जा रहे बेहद संवेदनशील
चीन के मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले 3 से 4 दिनों यानी 72 से 96 घंटों की अवधि को अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में रखा है। जैसे ही टाइफून नारा जमीनी इलाकों में गहराई तक प्रवेश करेगा, मूसलाधार बारिश से नदियों का पानी तबाही फैला सकता है। सरकार ने संवेदनशील बस्तियों में रहने वाले लोगों से अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील की है। आपात स्थिति को देखते हुए खाद्य सामग्री और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के लिए विशेष टीमों को तैनात किया गया है।



















